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अड़चन हुई दूर, समसपुर एसटीपी परिसर में पंपिंग स्टेशन का निर्माण कार्य शुरू
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चरखी दादरी। दिल्ली रोड स्थित सीवर ट्रीटमेंट प्लांट पर पंपिंग स्टेशन निर्माण का काम शुरू हो गया है। इस काम में बीच में रुकावट आ गई थी। अमर उजाला ने गत 15 मई के संस्करण में सीवर के इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया था। पंपिंग स्टेशन के जरिये पानी का उठान कर छुछकवास ड्रेन तक पहुंचाया जाना है। छुछकवास तक करीब 37 किलोमीटर लंबी लाइन बिछाई जानी है। यह प्रोजेक्ट 37.50 करोड़ का है। इस समय शहर से सीवर के पानी की निकासी रुटीन में भी नहीं हो पा रही है। विभिन्न भागों में सीवर लाइनें बैक मार रही हैं।
शहर में दो एसटीपी हैं जिनके जरिये दूषित पानी की निकासी की जाती है। रामनगर-कपूरी के समीप बने एसटीपी में शहर का करीब 40 प्रतिशत दूषित पानी जाता है। इसी प्रकार दिल्ली बाईपास स्थित एसटीपी में 60 प्रतिशत पानी पहुंचता है। दोनो एसटीपी फिलहाल दो साल से सही ढंग से वर्किंग में नहीं होने से आसपास खेती करने वाले लोगों को ज्यादा परेशानी होती रही है। खासकर बारिश के मौसम में एसटीपी स्टोरेज टैंक भर जाने पर दूषित पानी की निकासी नहीं हो पाती। इससे शहर की सीवर लाइनों पर भी प्रतिकूल असर पड़ता है। मेन लाइनें भी ब्लॉक हो जाती हैं। सीवर व्यवस्था चरमरा जाती है।
एसटीपी के आसपास की जमीन भी खराब होने लगी है। खेतों में पानी लगातार भरे रहने की वजह से उपजाऊ शक्ति कमजोर होने लगी है। इसे लेकर गांव समसपुर के लोग कई बार रोष प्रकट कर चुके हैं। गांव ढाणी फौगाट के किसानों की भी जमीन इसकी चपेट में है। किसानों की हर साल सैकड़ों एकड़ जमीन पर फसल नष्ट हो जाती है। कई एकड़ तक पानी भरने से भूमिगत पानी भी खराब होने लगा है।
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- दोनों एसटीपी का किया जाना है जुड़ाव
जनस्वास्थ्य विभाग की ओर से दोनो एसटीपी को कनेक्ट किया जाना है। शहर के कपूरी-रामनगर एसटीपी को दिल्ली बाईपास स्थित एसटीपी से कनेक्ट किया जाएगा। कपूरी- रामनगर से दिल्ली बाइपास एसटीपी तक 15 इंची मेन लाइन बिछाई जा रही है। कपूरी एसटीपी के दूषित पानी को दिल्ली बाइपास एसटीपी तक पहुंचाया जाएगा। दिल्ली बाइपास एसटीपी से यह दूषित पानी ड्रेन आठ छुछछकवास में डाला जाएगा। ड्रेन आठ तक करीब 30 किलोमीटर लंबी पाइप लाइन बिछाई जानी है।
- एसटीपी की स्टोरेज क्षमता है कम
फिलहाल एसटीपी में पानी स्टोरेज की जगह नहीं है। कच्चा टैंक पानी से लबालब है और विभाग को छुछकवास तक लाइन बिछाने का काम जल्दी पूरा करने की जरूरत है, तभी शहर की सीवर समस्या का स्थाई समाधान संभव है।
- भूजल स्तर की अड़चन दूर होते ही शुरू हुआ काम
दिल्ली बाइपास एसटीपी परिसर में विभाग ने पिछले दिनों पंपिग स्टेशन निर्माण कार्य शुरू किया था, लेकिन बीच में वाटर लेवल की बाधा आने पर रुकावट आ गई थी। अब यह काम शुरू हो गया हैै। पंपिग स्टेशन से ही पानी का उठान कर छुछकवास पाइप लाइन में डाला जाएगा। विभाग ने जब पंपिंग स्टेशन निर्माण का काम शुरू किया तो चार फीट नीचे ही पानी निकल जाने पर काम बाधित हो गया था।
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वर्जन::
इस प्रोजेक्ट पर काम तेज गति से चल रहा है। मानसून बारिश से पहले यह प्रोजेक्ट पूरा करने की प्लानिंग है। दिल्ली बाइपास एसटीपी पर पंपिंग स्टेशन निर्माण का काम शुरू हो गया है।
- सोहनलाल, एसडीओ, जनस्वास्थ्य विभाग।
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शहर में दो एसटीपी हैं जिनके जरिये दूषित पानी की निकासी की जाती है। रामनगर-कपूरी के समीप बने एसटीपी में शहर का करीब 40 प्रतिशत दूषित पानी जाता है। इसी प्रकार दिल्ली बाईपास स्थित एसटीपी में 60 प्रतिशत पानी पहुंचता है। दोनो एसटीपी फिलहाल दो साल से सही ढंग से वर्किंग में नहीं होने से आसपास खेती करने वाले लोगों को ज्यादा परेशानी होती रही है। खासकर बारिश के मौसम में एसटीपी स्टोरेज टैंक भर जाने पर दूषित पानी की निकासी नहीं हो पाती। इससे शहर की सीवर लाइनों पर भी प्रतिकूल असर पड़ता है। मेन लाइनें भी ब्लॉक हो जाती हैं। सीवर व्यवस्था चरमरा जाती है।
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एसटीपी के आसपास की जमीन भी खराब होने लगी है। खेतों में पानी लगातार भरे रहने की वजह से उपजाऊ शक्ति कमजोर होने लगी है। इसे लेकर गांव समसपुर के लोग कई बार रोष प्रकट कर चुके हैं। गांव ढाणी फौगाट के किसानों की भी जमीन इसकी चपेट में है। किसानों की हर साल सैकड़ों एकड़ जमीन पर फसल नष्ट हो जाती है। कई एकड़ तक पानी भरने से भूमिगत पानी भी खराब होने लगा है।
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- दोनों एसटीपी का किया जाना है जुड़ाव
जनस्वास्थ्य विभाग की ओर से दोनो एसटीपी को कनेक्ट किया जाना है। शहर के कपूरी-रामनगर एसटीपी को दिल्ली बाईपास स्थित एसटीपी से कनेक्ट किया जाएगा। कपूरी- रामनगर से दिल्ली बाइपास एसटीपी तक 15 इंची मेन लाइन बिछाई जा रही है। कपूरी एसटीपी के दूषित पानी को दिल्ली बाइपास एसटीपी तक पहुंचाया जाएगा। दिल्ली बाइपास एसटीपी से यह दूषित पानी ड्रेन आठ छुछछकवास में डाला जाएगा। ड्रेन आठ तक करीब 30 किलोमीटर लंबी पाइप लाइन बिछाई जानी है।
- एसटीपी की स्टोरेज क्षमता है कम
फिलहाल एसटीपी में पानी स्टोरेज की जगह नहीं है। कच्चा टैंक पानी से लबालब है और विभाग को छुछकवास तक लाइन बिछाने का काम जल्दी पूरा करने की जरूरत है, तभी शहर की सीवर समस्या का स्थाई समाधान संभव है।
- भूजल स्तर की अड़चन दूर होते ही शुरू हुआ काम
दिल्ली बाइपास एसटीपी परिसर में विभाग ने पिछले दिनों पंपिग स्टेशन निर्माण कार्य शुरू किया था, लेकिन बीच में वाटर लेवल की बाधा आने पर रुकावट आ गई थी। अब यह काम शुरू हो गया हैै। पंपिग स्टेशन से ही पानी का उठान कर छुछकवास पाइप लाइन में डाला जाएगा। विभाग ने जब पंपिंग स्टेशन निर्माण का काम शुरू किया तो चार फीट नीचे ही पानी निकल जाने पर काम बाधित हो गया था।
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वर्जन::
इस प्रोजेक्ट पर काम तेज गति से चल रहा है। मानसून बारिश से पहले यह प्रोजेक्ट पूरा करने की प्लानिंग है। दिल्ली बाइपास एसटीपी पर पंपिंग स्टेशन निर्माण का काम शुरू हो गया है।
- सोहनलाल, एसडीओ, जनस्वास्थ्य विभाग।
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