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Charkhi Dadri News: दादरी जिले में एक्यूआई पहुंचा 370 पर, विभाग नहीं दिखा रहे गंभीरता, लोग हो रहे परेशान
Tue, 11 Nov 2025 02:02 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Tue, 11 Nov 2025 02:02 AM IST
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सोमवार दोपहर दादरी में छाई स्मॉग की परत।
चरखी दादरी। दादरी जिले में दीपावली पर्व के बाद से ही प्रदूषण का स्तर लगातार बढ़ा हुआ है। वहीं नवंबर माह में केवल एक दिन को छोड़कर प्रदूषण का स्तर खराब की श्रेणी में बना हुआ है। सोमवार को दादरी जिला में वायु गुणवत्ता सूचकांक एक्यूआई 370 दर्ज किया, जो बेहद खराब की श्रेणी में आता है।
प्रदूषण का स्तर बढ़ा होने के कारण लोगों को स्वास्थ्य संबंधित परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। जिला में पूरा दिन स्मॉग की चादर छाई रही। वहीं दूसरी ओर प्रदूषण का स्तर नियंत्रित करने के लिए जिला में ग्रेप-1 की पाबंदियां भी लागू हैं। उसके बावजूद प्रदूषण के स्तर में कोई सुधार नहीं हो रहा है। संबंधित विभागों की ओर से भी प्रदूषण नियंत्रण को लेकर गंभीरता नहीं दिखाई जा रही है।
नगर परिषद की ओर से कभी-कभार शहर की सड़कों पर पानी का छिड़काव करवाया जा रहा है। लेकिन निर्माण कार्य भी पहले की तरह जारी हैं। निर्माण कार्य की साइटों पर नियमों का उल्लंघन किया जा रहा है।
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इनके अलावा जिला की सड़कों पर दिनभर धूल उड़ती रहती है। कई जगहों पर टूटी सड़कों की मरम्मत नहीं करवाई जा रही है। जिससे वहां से वाहनों के गुजरने के दौरान धूल के गुब्बार उड़ते रहते हैं।
अस्पताल में बढ़ी ओपीडी
प्रदूषण का स्तर बढ़ने के कारण लोगों को सांस लेने में परेशानी, आंखों में जलन, दर्द, एलर्जी आदि समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। जिसके कारण नागरिक अस्पताल के अलावा जिला के निजी अस्पतालों में भी मरीजों की संख्या बढ़ रही है। नागरिक अस्पताल में पहले जहां ओपीडी में मरीजों की संख्या 700 तक पहुंचती थी, वहीं अब यह संख्या एक हजार के आंकड़े को पार कर चुकी हैं। ओपीडी में अधिकांश मरीज सांस या आंखों की बीमारियों से संबंधित होते हैं।
फेस मास्क का प्रयोग करें
इंडियन मेडिकल एसोसिएशन दादरी के अध्यक्ष मेजर डॉ. योगेंद्र देशवाल का कहना है कि प्रदूषण का स्तर बढ़ने के कारण पहले से विभिन्न बीमारियों से ग्रस्त मरीजों की परेशानी बहुत अधिक बढ़ जाती है। ऐसे में इन लोगों को विशेष सावधानियां बरतनी चाहिए। जब तक जरूरी न हो, तब तक घर से बाहर न निकलें। बाहर निकलते समय काला चश्मा पहनें और फेस मास्क का प्रयोग करें।
प्रदूषण का स्तर और उसका प्रभाव
एक्यूआइ-- श्रेणी -- प्रभाव
0 से 50-- अच्छा - न्यूनतम प्रभाव
51 से 100-- सामान्य - संवेदनशील लोगों को सांस लेने में मामूली परेशानी
101 से 200-- मध्यम - फेफड़े, अस्थमा और हृदय रोग से पीड़ित लोगों को सांस लेने में परेशानी
201 से 300-- खराब - लंबे समय तक संपर्क में रहने पर अधिकांश लोगों को सांस लेने में परेशानी होती है
301 से 400-- बहुत खराब - लंबे समय तक संपर्क में रहने पर श्वास संबंधित बीमारियों का खतरा
401 से 500-- गंभीर - स्वस्थ लोगों को प्रभावित करता है और मौजूदा बीमारियों से ग्रस्त लोगों को गंभीर रूप से प्रभावित करता है।
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प्रदूषण का स्तर बढ़ा होने के कारण लोगों को स्वास्थ्य संबंधित परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। जिला में पूरा दिन स्मॉग की चादर छाई रही। वहीं दूसरी ओर प्रदूषण का स्तर नियंत्रित करने के लिए जिला में ग्रेप-1 की पाबंदियां भी लागू हैं। उसके बावजूद प्रदूषण के स्तर में कोई सुधार नहीं हो रहा है। संबंधित विभागों की ओर से भी प्रदूषण नियंत्रण को लेकर गंभीरता नहीं दिखाई जा रही है।
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नगर परिषद की ओर से कभी-कभार शहर की सड़कों पर पानी का छिड़काव करवाया जा रहा है। लेकिन निर्माण कार्य भी पहले की तरह जारी हैं। निर्माण कार्य की साइटों पर नियमों का उल्लंघन किया जा रहा है।
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इनके अलावा जिला की सड़कों पर दिनभर धूल उड़ती रहती है। कई जगहों पर टूटी सड़कों की मरम्मत नहीं करवाई जा रही है। जिससे वहां से वाहनों के गुजरने के दौरान धूल के गुब्बार उड़ते रहते हैं।
अस्पताल में बढ़ी ओपीडी
प्रदूषण का स्तर बढ़ने के कारण लोगों को सांस लेने में परेशानी, आंखों में जलन, दर्द, एलर्जी आदि समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। जिसके कारण नागरिक अस्पताल के अलावा जिला के निजी अस्पतालों में भी मरीजों की संख्या बढ़ रही है। नागरिक अस्पताल में पहले जहां ओपीडी में मरीजों की संख्या 700 तक पहुंचती थी, वहीं अब यह संख्या एक हजार के आंकड़े को पार कर चुकी हैं। ओपीडी में अधिकांश मरीज सांस या आंखों की बीमारियों से संबंधित होते हैं।
फेस मास्क का प्रयोग करें
इंडियन मेडिकल एसोसिएशन दादरी के अध्यक्ष मेजर डॉ. योगेंद्र देशवाल का कहना है कि प्रदूषण का स्तर बढ़ने के कारण पहले से विभिन्न बीमारियों से ग्रस्त मरीजों की परेशानी बहुत अधिक बढ़ जाती है। ऐसे में इन लोगों को विशेष सावधानियां बरतनी चाहिए। जब तक जरूरी न हो, तब तक घर से बाहर न निकलें। बाहर निकलते समय काला चश्मा पहनें और फेस मास्क का प्रयोग करें।
प्रदूषण का स्तर और उसका प्रभाव
एक्यूआइ
0 से 50
51 से 100
101 से 200
201 से 300
301 से 400
401 से 500