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Charkhi Dadri News: 83.88 करोड़ की पेयजल परियोजना की निविदा आवंटित
Wed, 20 Dec 2023 11:45 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Wed, 20 Dec 2023 11:45 PM IST
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चंपापुरी स्थित शहर के मुख्य जलघर का पानी भंडारण टैंक।
चरखी दादरी। कई सालों से शहरवासी कम पेयजल भंडारण क्षमता समेत दूषित पेयजल आपूर्ति की परेशानी झेल रही हैं। अगले वर्ष उन्हें इस समस्या से स्थायी निजात मिलने की संभावना है। इसके लिए जनस्वास्थ्य विभाग ने 83.88 करोड़ की पेयजल परियोजना का टेंडर अलॉट कर दिया है। करीब 90 हजार की आबादी को तीन चरणों में पूरी होने वाली पेयजल परियोजना का लाभ मिलेगा।
बता दें कि परियोजना के तहत आरसीसी के वाटर स्टोरेज टैंक, पंप चेंबर, पंपिंग मशीन, नई पाइपलाइन बिछाई जाएगी। इससे शहर में पेयजल आपूर्ति में व्यापक स्तर पर सुधार आएगा। वैसे टेंडर प्रक्रिया में देरी हुई है क्योंकि करीब तीन माह पहले पेयजल परियोजना पर काम शुरू होना था। शहरवासी लंबे समय से इस टेंडर प्रक्रिया के सिरे चढ़ने का इंतजार कर रहे थे। अब जाकर यह प्रक्रिया शुरू हुई है।
परियोजना के तहत शहर में क्षतिग्रस्त हो चुकी पेयजल लाइन को बदला जाएगा। लाइनें क्षतिग्रस्त होने के कारण शहर की दस से अधिक कॉलोनियों में इस समय दूषित पेयजल की आपूर्ति हो रही है। इन लाइनों को बदलना ही विकल्प बचा है। इस समय करीब 25 किलोमीटर लंबी पेयजल लाइनों को बदलने की जरूरत है। सीसीआई परिसर से गुजर रही लाइन भी बार-बार क्षतिग्रस्त हो रही है, जिससे कई कॉलोनियों में पेयजल संकट गहराता है। चंपापुरी जलघर से रोहतक फव्वारा चौक तक मेन लाइन में अवैध कनेक्शन ज्यादा होने की वजह से यह लाइन अब जवाब दे गई है। इससे पानी का प्रेशर नहीं बन पाता है। इन अवैध कनेक्शनों के कारण 70 प्रतिशत पानी ही अंतिम छोर तक पहुंच पाता है।
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- 45 साल पुरानी हैं पेयजल लाइनें
शहर में करीब 45 साल पुरानी पेयजल लाइनें हैं। इससे शहर में पानी की गुणवत्ता पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है। जिस समय शहर का जलघर बना था उस समय ये मेन लाइनें बिछाई गई थी, जो अब जवाब दे चुकी हैं। अब विभाग हर जगह लोहे की डीआई पाइप लाइनें बिछाएगा। इन पाइप में जंग नहीं लगता।
- इन क्षेत्रों में पेयजल लाइनें हैं क्षतिग्रस्त
मेन जलघर से रोहतक रोड होते हुए फव्वारा चौक, तिकोना पार्क, चंपापुरी से गांधी नगर कॉलोनी, ढाणी ओवरब्रिज, लोहारू रोड, गोशाला रोड, घिकाड़ा रोड आदि क्षेत्रों में पेयजल लाइनें क्षतिग्रस्त हो चुकी हैं।
-जानिये... तीन चरणों में होंगे क्या-क्या काम
इस प्रोजेक्ट के तहत जलघरों में नए पंप चेंबर लगाए जाएंगे। पानी उठान के लिए नई मशीन व मोटर लगनी हैं। टैंकों में पानी डालने की उचित व्यवस्था करनी है। नए स्टाेरेज वाटर टैंक बनाए जाने हैं। घिकाड़ा जलघर को अपग्रेड कर इसकी पेयजल क्षमता बढ़ाकर शहर में पेयजल सप्लाई की जानी है।
- दिसंबर 2024 तक पूरी होगी परियोजना
पेयजल परियोजना के टेंडर तीन अलग-अलग चरण में लगाए गए है। एक चरण में 30.11 करोड़, दूसरे चरण में 34.77 करोड़ और तीसरे चरण में 18.99 करोड़ रुपये खर्च होंगे। तीनों चरणों का कार्य एजेंसी को 12 माह के अंदर पूरा करना होगा। इस लिहाज से वर्ष 2025 की शुरुआत से ही लोगों को प्रतिदिन शुद्ध व पर्याप्त पेयजल आपूर्ति मिलेगी।
इस प्रोजेक्ट को जल्द पूरा करने की योजना है। इससे शहर में पेयजल आपूर्ति में व्यापक स्तर पर सुधार आएगा। पेयजल क्षमता भी बढ़ जाएगी और लोगों की दूषित पेयजल आपूर्ति संबंधी शिकायतें भी खत्म हो जाएंगी। -सोहनलाल, एसडीओ, जनस्वास्थ्य विभाग
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बता दें कि परियोजना के तहत आरसीसी के वाटर स्टोरेज टैंक, पंप चेंबर, पंपिंग मशीन, नई पाइपलाइन बिछाई जाएगी। इससे शहर में पेयजल आपूर्ति में व्यापक स्तर पर सुधार आएगा। वैसे टेंडर प्रक्रिया में देरी हुई है क्योंकि करीब तीन माह पहले पेयजल परियोजना पर काम शुरू होना था। शहरवासी लंबे समय से इस टेंडर प्रक्रिया के सिरे चढ़ने का इंतजार कर रहे थे। अब जाकर यह प्रक्रिया शुरू हुई है।
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परियोजना के तहत शहर में क्षतिग्रस्त हो चुकी पेयजल लाइन को बदला जाएगा। लाइनें क्षतिग्रस्त होने के कारण शहर की दस से अधिक कॉलोनियों में इस समय दूषित पेयजल की आपूर्ति हो रही है। इन लाइनों को बदलना ही विकल्प बचा है। इस समय करीब 25 किलोमीटर लंबी पेयजल लाइनों को बदलने की जरूरत है। सीसीआई परिसर से गुजर रही लाइन भी बार-बार क्षतिग्रस्त हो रही है, जिससे कई कॉलोनियों में पेयजल संकट गहराता है। चंपापुरी जलघर से रोहतक फव्वारा चौक तक मेन लाइन में अवैध कनेक्शन ज्यादा होने की वजह से यह लाइन अब जवाब दे गई है। इससे पानी का प्रेशर नहीं बन पाता है। इन अवैध कनेक्शनों के कारण 70 प्रतिशत पानी ही अंतिम छोर तक पहुंच पाता है।
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- 45 साल पुरानी हैं पेयजल लाइनें
शहर में करीब 45 साल पुरानी पेयजल लाइनें हैं। इससे शहर में पानी की गुणवत्ता पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है। जिस समय शहर का जलघर बना था उस समय ये मेन लाइनें बिछाई गई थी, जो अब जवाब दे चुकी हैं। अब विभाग हर जगह लोहे की डीआई पाइप लाइनें बिछाएगा। इन पाइप में जंग नहीं लगता।
- इन क्षेत्रों में पेयजल लाइनें हैं क्षतिग्रस्त
मेन जलघर से रोहतक रोड होते हुए फव्वारा चौक, तिकोना पार्क, चंपापुरी से गांधी नगर कॉलोनी, ढाणी ओवरब्रिज, लोहारू रोड, गोशाला रोड, घिकाड़ा रोड आदि क्षेत्रों में पेयजल लाइनें क्षतिग्रस्त हो चुकी हैं।
-जानिये... तीन चरणों में होंगे क्या-क्या काम
इस प्रोजेक्ट के तहत जलघरों में नए पंप चेंबर लगाए जाएंगे। पानी उठान के लिए नई मशीन व मोटर लगनी हैं। टैंकों में पानी डालने की उचित व्यवस्था करनी है। नए स्टाेरेज वाटर टैंक बनाए जाने हैं। घिकाड़ा जलघर को अपग्रेड कर इसकी पेयजल क्षमता बढ़ाकर शहर में पेयजल सप्लाई की जानी है।
- दिसंबर 2024 तक पूरी होगी परियोजना
पेयजल परियोजना के टेंडर तीन अलग-अलग चरण में लगाए गए है। एक चरण में 30.11 करोड़, दूसरे चरण में 34.77 करोड़ और तीसरे चरण में 18.99 करोड़ रुपये खर्च होंगे। तीनों चरणों का कार्य एजेंसी को 12 माह के अंदर पूरा करना होगा। इस लिहाज से वर्ष 2025 की शुरुआत से ही लोगों को प्रतिदिन शुद्ध व पर्याप्त पेयजल आपूर्ति मिलेगी।
इस प्रोजेक्ट को जल्द पूरा करने की योजना है। इससे शहर में पेयजल आपूर्ति में व्यापक स्तर पर सुधार आएगा। पेयजल क्षमता भी बढ़ जाएगी और लोगों की दूषित पेयजल आपूर्ति संबंधी शिकायतें भी खत्म हो जाएंगी। -सोहनलाल, एसडीओ, जनस्वास्थ्य विभाग