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Charkhi Dadri News: तहसीलदारों की हड़ताल से तहसील कार्यालयों में सन्नाटा, मायूस लौटे लोग
Sat, 07 Feb 2026 12:26 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Sat, 07 Feb 2026 12:26 AM IST
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दादरी के सरल केंद्र में खाली पड़ा भू-पंजीकरण काउंटर।
- फोटो : 1
चरखी दादरी। जिले में शुक्रवार को लगातार दूसरे दिन भी तहसीलदार व नायब तहसीलदार कलम छोड़ हड़ताल पर रहे। राजस्व अधिकारियों की कलम छोड़ हड़ताल के कारण जमीनों की रजिस्ट्री से लेकर विभिन्न प्रकार के प्रमाण पत्र, शपथ पत्र आदि से संबंधित कामकाज रूके हुए हैं।
जिसके कारण लोगों की परेशानियां लगातार बढ़ती जा रही है। शुक्रवार को भी काफी संख्या में लोग विभिन्न कार्यों के चलते तहसील कार्यालय और सरल केंद्र में पहुंचे, लेकिन अधिकांश लोगों को बैरंग ही वापिस लौटना पड़ा। सबसे अधिक परेशानी ग्रामीण क्षेत्र से आने वाले लोगों को उठानी पड़ी, क्योंकि अब उन्हें दोबारा चक्कर लगाने को मजबूर होना पड़ेगा।
तहसीलदार, नायब तहसीलदारों की हड़ताल का सबसे अधिक असर जमीनों की खरीद-फरोख्त पर पड़ रहा है। जिन लोगों ने रजिस्ट्री आदि के लिए 10 से 15 दिन पहले ऑनलाइन पोर्टल पर दस्तावेज अपलोड किए थे, अब दस्तावेजों के सत्यापन के बाद उन लोगों ने वीरवार, शुक्रवार की अपाइंटमेंट ली थी। लेकिन अधिकारियों के हड़ताल पर जाने के कारण रजिस्टि्रयों का काम भी ठप हो गया। शुक्रवार को भी जिले में एक भी रजिस्ट्री नहीं हो सकी। जबकि सामान्य तौर पर जिले में हर रोज करीब 60 रजिस्ट्री होती हैं। दो दिन से रजिस्ट्री न होने के कारण सरकार को स्टांप ड्यूटी, रजिस्ट्री फीस आदि के नाम पर मिलने वाले करोड़ों रुपये के राजस्व का भी नुकसान हुआ है।
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जिसके कारण लोगों की परेशानियां लगातार बढ़ती जा रही है। शुक्रवार को भी काफी संख्या में लोग विभिन्न कार्यों के चलते तहसील कार्यालय और सरल केंद्र में पहुंचे, लेकिन अधिकांश लोगों को बैरंग ही वापिस लौटना पड़ा। सबसे अधिक परेशानी ग्रामीण क्षेत्र से आने वाले लोगों को उठानी पड़ी, क्योंकि अब उन्हें दोबारा चक्कर लगाने को मजबूर होना पड़ेगा।
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तहसीलदार, नायब तहसीलदारों की हड़ताल का सबसे अधिक असर जमीनों की खरीद-फरोख्त पर पड़ रहा है। जिन लोगों ने रजिस्ट्री आदि के लिए 10 से 15 दिन पहले ऑनलाइन पोर्टल पर दस्तावेज अपलोड किए थे, अब दस्तावेजों के सत्यापन के बाद उन लोगों ने वीरवार, शुक्रवार की अपाइंटमेंट ली थी। लेकिन अधिकारियों के हड़ताल पर जाने के कारण रजिस्टि्रयों का काम भी ठप हो गया। शुक्रवार को भी जिले में एक भी रजिस्ट्री नहीं हो सकी। जबकि सामान्य तौर पर जिले में हर रोज करीब 60 रजिस्ट्री होती हैं। दो दिन से रजिस्ट्री न होने के कारण सरकार को स्टांप ड्यूटी, रजिस्ट्री फीस आदि के नाम पर मिलने वाले करोड़ों रुपये के राजस्व का भी नुकसान हुआ है।
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