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स्कूलों में शिक्षकों के पद खाली, गैर-शैक्षणिक कार्यों में ड्यूटी से पढ़ाई हो रही प्रभावित : विद्यानंद
Sun, 27 Sep 2026 12:16 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Sun, 27 Sep 2026 12:16 AM IST
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मॉडल संस्कृति स्कूल में आयोजित बैठक में मौजूद शिक्षक।
- फोटो : 1
बाढड़ा। हरियाणा स्कूल लेक्चरर एसोसिएशन की बैठक शनिवार को मॉडल संस्कृति स्कूल में आयोजित हुई। इसमें जिला प्रधान विद्यानंद श्योराण ने कहा कि प्रदेश में शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के बजाय कमजोर किया जा रहा है। सरकारी स्कूलों में शिक्षकों के अनेक पद खाली पड़े हैं वहीं कार्यरत शिक्षकों को पढ़ाई के अलावा अन्य कार्यों में लगाया जा रहा है। इससे विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। इसका सीधा असर उनके भविष्य पर पड़ सकता है।
बैठक में जिला प्रधान ने कहा कि नई शिक्षा नीति को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए पर्याप्त बजट का प्रावधान किया जाना जरूरी है। स्कूलों में विद्यार्थियों के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में भी सरकार को गंभीरता से काम करना चाहिए। उन्होंने पुरानी पेंशन स्की योजना लागू करने की मांग भी उठाई। उन्होंने कहा कि शिक्षकों से संबंधित नीतियां बनाते समय शिक्षक संगठनों से सुझाव तो लिए जाते हैं जबकि उन सुझावों को नीतियों में शामिल नहीं किया जाता है। उन्होंने कहा कि शिक्षकों की समस्याओं का समयबद्ध समाधान होना चाहिए। शिक्षकों पर समय-समय पर नई शर्तें लागू करना भी उचित नहीं है।
ब्लॅाक प्रधान पवन ने कहा कि सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की कमी का असर सीधे तौर पर विद्यार्थियों की पढ़ाई पर पड़ रहा है। शिक्षकों को शैक्षणिक कार्य के बजाय विभिन्न गैर-शैक्षणिक जिम्मेदारियों में तैनात किए जाने से कक्षा शिक्षा प्रभावित हो रही है। उन्होंने सरकार से मांग की कि स्कूलों में रिक्त पड़े पदों को जल्द भरा जाए और शिक्षकों को अनावश्यक गैर-शैक्षणिक कार्यों से मुक्त किया जाए ताकि वे विद्यार्थियों की पढ़ाई पर पूरा ध्यान दे सकें। इस अवसर पर डॉ. मनोज कुमार, विनोद राणा,दलवीर सिंह,सुनील कुमार,सोमवीर सिंह,सुखबीर सिंह, बंटी, महेंद्र सिंह, विजय राणा, सुनील, ब्रजेश कुमार, राजेश आदि रहे।
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बैठक में जिला प्रधान ने कहा कि नई शिक्षा नीति को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए पर्याप्त बजट का प्रावधान किया जाना जरूरी है। स्कूलों में विद्यार्थियों के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में भी सरकार को गंभीरता से काम करना चाहिए। उन्होंने पुरानी पेंशन स्की योजना लागू करने की मांग भी उठाई। उन्होंने कहा कि शिक्षकों से संबंधित नीतियां बनाते समय शिक्षक संगठनों से सुझाव तो लिए जाते हैं जबकि उन सुझावों को नीतियों में शामिल नहीं किया जाता है। उन्होंने कहा कि शिक्षकों की समस्याओं का समयबद्ध समाधान होना चाहिए। शिक्षकों पर समय-समय पर नई शर्तें लागू करना भी उचित नहीं है।
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ब्लॅाक प्रधान पवन ने कहा कि सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की कमी का असर सीधे तौर पर विद्यार्थियों की पढ़ाई पर पड़ रहा है। शिक्षकों को शैक्षणिक कार्य के बजाय विभिन्न गैर-शैक्षणिक जिम्मेदारियों में तैनात किए जाने से कक्षा शिक्षा प्रभावित हो रही है। उन्होंने सरकार से मांग की कि स्कूलों में रिक्त पड़े पदों को जल्द भरा जाए और शिक्षकों को अनावश्यक गैर-शैक्षणिक कार्यों से मुक्त किया जाए ताकि वे विद्यार्थियों की पढ़ाई पर पूरा ध्यान दे सकें। इस अवसर पर डॉ. मनोज कुमार, विनोद राणा,दलवीर सिंह,सुनील कुमार,सोमवीर सिंह,सुखबीर सिंह, बंटी, महेंद्र सिंह, विजय राणा, सुनील, ब्रजेश कुमार, राजेश आदि रहे।
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