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Charkhi Dadri News: यूपीएससी में स्वाति ने 306वीं व अंकिता ने 337वीं रैंक हासिल की
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चरखी दादरी/बाढड़ा। जिले की दो होनहार बेटियों ने अपने हौसलों और कड़ी मेहनत से संघ लोक सेवा आयोग की प्रतिष्ठित सिविल सेवा परीक्षा में सफलता प्राप्त कर जिले का नाम रोशन किया है। जिले के गांव मौड़ी निवासी स्वाति फोगाट को परीक्षा में 306वीं रैंक प्राप्त हुई है, जबकि बाढड़ा क्षेत्र के गांव धनासरी की अंकिता श्योराण ने 337वीं रैंक हासिल की है।
स्वाति फोगाट : खेल से प्रशासनिक सेवा तक का सफर
स्वाति फोगाट को यह सफलता उनके दूसरे प्रयास में मिली है। इससे पहले वह एक बार एचसीएस की मुख्य परीक्षा भी पास कर चुकी हैं। वर्तमान में वह वनस्थली विश्वविद्यालय से पीएचडी कर रही हैं। स्वाति के पिता सेवानिवृत्त पीटीआई रमेश फोगाट बताते हैं कि स्वाति ने बचपन में पायलट बनने का सपना देखा था, लेकिन कक्षा 9 में उन्होंने तय कर लिया कि अब वह आईएएस बनेंगी। स्वाति ने छठी से 12वीं तक की पढ़ाई मोतीलाल नेहरू स्पोर्ट्स स्कूल, सोनीपत से की और 2018 में दिल्ली से भूगोल में ऑनर्स किया। इसके बाद 2020 में कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से एमएससी भूगोल और 2021 में यूजीसी नेट परीक्षा, 2023 में जेआरएफ भी पास किया। स्वाति प्रतिदिन 16 घंटे पढ़ाई करती थीं और दिल्ली में कुछ समय के लिए कोचिंग भी ली। वह वॉलीबाल की राष्ट्रीय खिलाड़ी रह चुकी हैं और टेबल टेनिस व स्वीमिंग में भी रुचि रखती हैं।
अंकिता श्योराण : डॉक्टर से आईएएस बनने तक की कहानी
वहीं दूसरी ओर, अंकिता श्योराण ने भी अपनी मेहनत और लगन से यूपीएससी परीक्षा में 337वीं रैंक हासिल कर जिले को गौरवान्वित किया है। अंकिता पूर्व जिला शिक्षा अधिकारी डॉ. बिजेंद्र श्योराण की पुत्री हैं। उन्होंने मैट्रिक डीएवी स्कूल महेंद्रगढ़ से और 12वीं आरपीएस स्कूल महेंद्रगढ़ से की। इसके बाद उन्होंने रोहतक पीजीआई से एमबीबीएस किया, जिसमें उन्हें गोल्ड मेडल भी मिला। अंकिता ने एमबीबीएस के बाद दिल्ली के आरएमएल अस्पताल से एमडी मेडिसिन भी पूरी की। उनके परिवार में शिक्षा और सेवा का मजबूत आधार रहा है। उनकी माता कमलेश श्योराण अध्यापिका हैं, जबकि दादा डॉ. उमेद सिंह पशु चिकित्सा अधिकारी रह चुके हैं।
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विधायक ने बेटियों की सफलता पर दी बधाई
इन दोनों बेटियों को यूपीएससी की परीक्षा में सफलता मिलने पर विधायक सुनील सांगवान ने उनको व परिजनों को बधाई दी है। सांगवान ने सफलता प्राप्त करने वाली दोनों बेटियों के परिजनों से फोन पर बात की और शुभकामनाएं दी। विधायक ने कहा कि गांव की माटी में पली दोनों बेटियों ने अपनी मेहनत के दम पर आईएएस बनकर अपने अभिभावकों, समाज व प्रदेश का नाम रोशन किया है। वहीं प्रदेश के श्रम आयुक्त चंद्रपाल श्योराण, सहकारी बैंक चेयरमैन सुधीर चांदवास, कर्नल नीरज चौधरी, पूर्व सरपंच सुरेश धनासरी, किसान नेता वेद श्योराण, सुखबीर सिंह, सूरजमल, डाॅ. भुपेंद्र सिंह ने दोंनों को बधाई दी है।
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स्वाति फोगाट : खेल से प्रशासनिक सेवा तक का सफर
स्वाति फोगाट को यह सफलता उनके दूसरे प्रयास में मिली है। इससे पहले वह एक बार एचसीएस की मुख्य परीक्षा भी पास कर चुकी हैं। वर्तमान में वह वनस्थली विश्वविद्यालय से पीएचडी कर रही हैं। स्वाति के पिता सेवानिवृत्त पीटीआई रमेश फोगाट बताते हैं कि स्वाति ने बचपन में पायलट बनने का सपना देखा था, लेकिन कक्षा 9 में उन्होंने तय कर लिया कि अब वह आईएएस बनेंगी। स्वाति ने छठी से 12वीं तक की पढ़ाई मोतीलाल नेहरू स्पोर्ट्स स्कूल, सोनीपत से की और 2018 में दिल्ली से भूगोल में ऑनर्स किया। इसके बाद 2020 में कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से एमएससी भूगोल और 2021 में यूजीसी नेट परीक्षा, 2023 में जेआरएफ भी पास किया। स्वाति प्रतिदिन 16 घंटे पढ़ाई करती थीं और दिल्ली में कुछ समय के लिए कोचिंग भी ली। वह वॉलीबाल की राष्ट्रीय खिलाड़ी रह चुकी हैं और टेबल टेनिस व स्वीमिंग में भी रुचि रखती हैं।
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अंकिता श्योराण : डॉक्टर से आईएएस बनने तक की कहानी
वहीं दूसरी ओर, अंकिता श्योराण ने भी अपनी मेहनत और लगन से यूपीएससी परीक्षा में 337वीं रैंक हासिल कर जिले को गौरवान्वित किया है। अंकिता पूर्व जिला शिक्षा अधिकारी डॉ. बिजेंद्र श्योराण की पुत्री हैं। उन्होंने मैट्रिक डीएवी स्कूल महेंद्रगढ़ से और 12वीं आरपीएस स्कूल महेंद्रगढ़ से की। इसके बाद उन्होंने रोहतक पीजीआई से एमबीबीएस किया, जिसमें उन्हें गोल्ड मेडल भी मिला। अंकिता ने एमबीबीएस के बाद दिल्ली के आरएमएल अस्पताल से एमडी मेडिसिन भी पूरी की। उनके परिवार में शिक्षा और सेवा का मजबूत आधार रहा है। उनकी माता कमलेश श्योराण अध्यापिका हैं, जबकि दादा डॉ. उमेद सिंह पशु चिकित्सा अधिकारी रह चुके हैं।
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विधायक ने बेटियों की सफलता पर दी बधाई
इन दोनों बेटियों को यूपीएससी की परीक्षा में सफलता मिलने पर विधायक सुनील सांगवान ने उनको व परिजनों को बधाई दी है। सांगवान ने सफलता प्राप्त करने वाली दोनों बेटियों के परिजनों से फोन पर बात की और शुभकामनाएं दी। विधायक ने कहा कि गांव की माटी में पली दोनों बेटियों ने अपनी मेहनत के दम पर आईएएस बनकर अपने अभिभावकों, समाज व प्रदेश का नाम रोशन किया है। वहीं प्रदेश के श्रम आयुक्त चंद्रपाल श्योराण, सहकारी बैंक चेयरमैन सुधीर चांदवास, कर्नल नीरज चौधरी, पूर्व सरपंच सुरेश धनासरी, किसान नेता वेद श्योराण, सुखबीर सिंह, सूरजमल, डाॅ. भुपेंद्र सिंह ने दोंनों को बधाई दी है।