{"_id":"64ece647be16fd1d4207e9dc","slug":"sushila-harpal-and-kiranbala-selected-for-state-teacher-award-charkhidadri-news-c-126-1-shsr1012-5469-2023-08-28","type":"story","status":"publish","title_hn":"Charkhi Dadri News: सुशीला, हरपाल और किरणबाला राज्य शिक्षक अवाॅर्ड के लिए चयनित","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Charkhi Dadri News: सुशीला, हरपाल और किरणबाला राज्य शिक्षक अवाॅर्ड के लिए चयनित
Mon, 28 Aug 2023 11:54 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Mon, 28 Aug 2023 11:54 PM IST
विज्ञापन
प्राध्यापिका सुशीला।
चरखी दादरी। जिले के तीन शिक्षकों का राज्य शिक्षक पुरस्कार के लिए चयन हुआ है। शिक्षा विभाग की ओर से इसकी सूची जारी की गई है। इन शिक्षकों में प्राध्यापिका सुशीला, प्राध्यापिका किरणबाला व शिक्षक महीपाल के नाम शामिल हैं। तीनों शिक्षको का चयन उनके उत्कृष्ट सेवाकाल और सरहानीय कार्याें के लिए दिया गया है।
आठ साल के प्रयास के बाद प्राध्यापिका किरणबाला को मिली सफलता
प्राध्यापिका किरणबाला इस समय राजकीय कन्या झोझूकलां में कार्यरत है। इनका विषय फाइन आर्ट है। प्राध्यापिका किरणबाला को आठ सालों के लगातार प्रयास के बाद यह सफलता मिली हैं। किरणबाला का कहना है कि सरकार व शिक्षा विभाग ने पूरी पारदर्शिता से शिक्षक अवाॅर्ड के लिए चयन किया है। किरणबाला का वर्ष 2004 से अपने विषय का परिणाम सौ प्रतिशत रहा है। वह भाला फेंक की स्टेट लेवल खिलाड़ी हैं। रंगोली व सांझी प्रतियोगिताओं में उनकी देखरेख में छात्रों ने स्टेट लेवल पर बाजी मारी है। बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान के तहत जिलास्तर पर पुरस्कार मिल चुका है। उनकी देखरेख में छात्रों ने एडवेंचर कैंप में भी भाग लिया। किरण बाला का कहना है कि इस सफलता के पीछे उसकी मां सेवानिवृत्त ड्राइंग टीचर प्रकाश देवी का विशेष योगदान रहा है। किरण बाला का पैतृक गांव बिगोवा है। उनका कहना है कि उनके पति जेबीटी टीचर विनोद कुमार ने इसमें पूरा सहयोग किया।
-छह साल से अवाॅर्ड के लिए प्रयास कर रही थीं सुशीला
राजकीय सीनियर सेकेंडरी स्कूल मंदोला में कार्यरत राजनीति शास्त्र विषय की प्राध्यापिका सुशीला स्टेट अवाॅर्ड के लिए चयन होने पर बेहद खुश हैं। उनका कहना है कि वह पिछले पांच-छह साल से अवाॅर्ड के लिए प्रयास कर रही थी। सुशीला अच्छी धावक भी हैं। पांच किलोमीटर वार्किंग में वह स्टेट लेवल पर स्वर्ण पदक जीत चुकी हैं। 1500 मीटर रेस में स्टेट लेवल पर स्वर्ण पदक जीता है। इसके अलावा 200 मीटर रेस में स्टेट लेवल पर रजत पदक जीता है। सुशीला ने एक बार रक्तदान भी किया है। स्वच्छता पर आधारित सभी प्रकार की गतिविधियों में भाग लेकर छात्रों व आमजन को प्रेरित किया है। लीगल लिटरेसी प्रतियोगिता में उनकी देखरेख में छात्रों ने शानदार प्रदर्शन किया है। पेंटिंग में भी उम्दा प्रदर्शन रहा है। सुशीला ने बताया कि उसकी देखरेख में छात्रों ने जंबूरी कैंप में भाग लेकर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। सुशीला का 32 साल का सेवाकाल बीत चुका है। सुशीला का कहना है कि शिक्षक पुरस्कार के लिए चयन होने पर वह सरकार व विभाग के अधिकारियों का आभार प्रकट करती हैं।
विज्ञापन
मास्टर हरपाल आर्य बिलावल का स्टेट अवाॅर्ड के लिए चयन
गांव काकड़ोली हुक्मी स्थित राजकीय कन्या प्राथमिक पाठशाला में तैनात मास्टर हरपाल आर्य बिलावल का भी राज्य शिक्षक अवॉर्ड के लिए चयन हुआ है। वो पिछले 19 साल से शिक्षा विभाग में तैनात हैं। उन्होंने अपने स्तर पर गांव में सिलाई सेंटर शुरू करवाया। इसके अलावा खुशियों की दीवार फाउंडेशन के सहयोग से ग्रामीण क्षेत्रों में निशुल्क बुक बैंक भी बनाए हैं। उनके सहयोग से बनी ग्रामीण लाइब्रेरी बिलावल की कार्यप्रणाली का एमडीयू रोहतक के लाइब्रेरी साइंस के छात्र भी अवलोकन कर चुके हैं। हरपाल समय-समय पर शिक्षा विभाग में मास्टर ट्रेनर के तौर पर अपनी सेवाएं दे चुके हैं। पिछले लोकसभा व विधानसभा चुनाव के दौरान चरखी दादरी जिले के स्वीप कॉर्डिनेटर के रूप में कार्य कर चुके हरपाल आर्य ने ईवीएम प्रशिक्षण भी दिया था। वर्ष 2020 में शिक्षक दिवस पर हिंदी शिक्षा परिषद लंदन द्वारा उन्हें प्रशंसापत्र देकर सम्मानित किया गया था।
विज्ञापन
आठ साल के प्रयास के बाद प्राध्यापिका किरणबाला को मिली सफलता
प्राध्यापिका किरणबाला इस समय राजकीय कन्या झोझूकलां में कार्यरत है। इनका विषय फाइन आर्ट है। प्राध्यापिका किरणबाला को आठ सालों के लगातार प्रयास के बाद यह सफलता मिली हैं। किरणबाला का कहना है कि सरकार व शिक्षा विभाग ने पूरी पारदर्शिता से शिक्षक अवाॅर्ड के लिए चयन किया है। किरणबाला का वर्ष 2004 से अपने विषय का परिणाम सौ प्रतिशत रहा है। वह भाला फेंक की स्टेट लेवल खिलाड़ी हैं। रंगोली व सांझी प्रतियोगिताओं में उनकी देखरेख में छात्रों ने स्टेट लेवल पर बाजी मारी है। बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान के तहत जिलास्तर पर पुरस्कार मिल चुका है। उनकी देखरेख में छात्रों ने एडवेंचर कैंप में भी भाग लिया। किरण बाला का कहना है कि इस सफलता के पीछे उसकी मां सेवानिवृत्त ड्राइंग टीचर प्रकाश देवी का विशेष योगदान रहा है। किरण बाला का पैतृक गांव बिगोवा है। उनका कहना है कि उनके पति जेबीटी टीचर विनोद कुमार ने इसमें पूरा सहयोग किया।
विज्ञापन
-छह साल से अवाॅर्ड के लिए प्रयास कर रही थीं सुशीला
राजकीय सीनियर सेकेंडरी स्कूल मंदोला में कार्यरत राजनीति शास्त्र विषय की प्राध्यापिका सुशीला स्टेट अवाॅर्ड के लिए चयन होने पर बेहद खुश हैं। उनका कहना है कि वह पिछले पांच-छह साल से अवाॅर्ड के लिए प्रयास कर रही थी। सुशीला अच्छी धावक भी हैं। पांच किलोमीटर वार्किंग में वह स्टेट लेवल पर स्वर्ण पदक जीत चुकी हैं। 1500 मीटर रेस में स्टेट लेवल पर स्वर्ण पदक जीता है। इसके अलावा 200 मीटर रेस में स्टेट लेवल पर रजत पदक जीता है। सुशीला ने एक बार रक्तदान भी किया है। स्वच्छता पर आधारित सभी प्रकार की गतिविधियों में भाग लेकर छात्रों व आमजन को प्रेरित किया है। लीगल लिटरेसी प्रतियोगिता में उनकी देखरेख में छात्रों ने शानदार प्रदर्शन किया है। पेंटिंग में भी उम्दा प्रदर्शन रहा है। सुशीला ने बताया कि उसकी देखरेख में छात्रों ने जंबूरी कैंप में भाग लेकर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। सुशीला का 32 साल का सेवाकाल बीत चुका है। सुशीला का कहना है कि शिक्षक पुरस्कार के लिए चयन होने पर वह सरकार व विभाग के अधिकारियों का आभार प्रकट करती हैं।
विज्ञापन
मास्टर हरपाल आर्य बिलावल का स्टेट अवाॅर्ड के लिए चयन
गांव काकड़ोली हुक्मी स्थित राजकीय कन्या प्राथमिक पाठशाला में तैनात मास्टर हरपाल आर्य बिलावल का भी राज्य शिक्षक अवॉर्ड के लिए चयन हुआ है। वो पिछले 19 साल से शिक्षा विभाग में तैनात हैं। उन्होंने अपने स्तर पर गांव में सिलाई सेंटर शुरू करवाया। इसके अलावा खुशियों की दीवार फाउंडेशन के सहयोग से ग्रामीण क्षेत्रों में निशुल्क बुक बैंक भी बनाए हैं। उनके सहयोग से बनी ग्रामीण लाइब्रेरी बिलावल की कार्यप्रणाली का एमडीयू रोहतक के लाइब्रेरी साइंस के छात्र भी अवलोकन कर चुके हैं। हरपाल समय-समय पर शिक्षा विभाग में मास्टर ट्रेनर के तौर पर अपनी सेवाएं दे चुके हैं। पिछले लोकसभा व विधानसभा चुनाव के दौरान चरखी दादरी जिले के स्वीप कॉर्डिनेटर के रूप में कार्य कर चुके हरपाल आर्य ने ईवीएम प्रशिक्षण भी दिया था। वर्ष 2020 में शिक्षक दिवस पर हिंदी शिक्षा परिषद लंदन द्वारा उन्हें प्रशंसापत्र देकर सम्मानित किया गया था।