फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Charkhi Dadri News ›   Surviving 150 people in 2611 terror attack is the most enjoyable experience of life

26/11 को आतंकी हमले में 150 लोगों को बचाना जीवन का सबसे सुखद अनुभव

Fri, 04 Sep 2020 12:33 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Fri, 04 Sep 2020 12:33 AM IST
विज्ञापन
Surviving 150 people in 2611 terror attack is the most enjoyable experience of life
Surviving 150 people in 2611 terror attack is the most enjoyable experience of life - फोटो : CharkhiDadri
मुंबई के ताज होटल पर 26 नवंबर 2008 को हुए आतंकी हमले के दौरान ऑपरेशन में अहम भूमिका निभाने वाले राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (एनएसजी) कमांडो विक्रम सिंह परमार का कहना है कि उस दौरान 150 लोगों की जान बचाना उनकी जिंदगी का सबसे सुखद अनुभव रहा। वह बीती 31 अगस्त को सेवानिवृत्त होने के बाद वीरवार को अपने गांव बौंदकलां पहुंचे तो ग्रामीणों ने वीरों जैसा उनका स्वागत किया।
विज्ञापन

भारतीय सेना में 18 साल तक अपनी सेवाएं देने के बाद विक्रम सिंह परमार अपने गांव पहुंचे। विक्रम सिंह ने एनएसजी में रहते हुए मुंबई के ताज होटल में आतंकवादियों से डटकर मुकाबला किया और आतंकवादी कसाब को जिंदा पकड़ने में सहयोग किया। देश के सबसे बड़े आतंकी हमले का अनुभव साझा करते हुए विक्रम सिंह ने बताया कि दो दिन तक ताज होटल में आतंकवादियों से मुठभेड़ चली थीं। बिहार निवासी उनके कमांडिंग ऑफिसर उस मुठभेड़ में शहीद हो गए थे। विक्रम सिंह ने बताया कि 18 साल के कार्यकाल में लद्दाख, सियाचिन ग्लेशियर, दोकलम, जम्मू-कश्मीर सहित अनेक जगहों पर उनकी तैनाती रही। अमर उजाला में बातचीत में विक्रम ने बताया कि अब वे गांव में रहकर युवाओं को सेना में भर्ती के लिए तैयार करेंगे। जल्द ही इसके तहत युवाओं से संपर्क किया जाएगा। बता दें कि उनके पिता नंबरदार स्व. सोहन पाल सिंह बौंदकलां के रहने वाले थे। यहां उनका पैतृक आवास है।
विज्ञापन

एनएसजी के कमांडो ने 60 घंटे तक की थी मुठभेड़
मुंबई में 26 नवंबर 2008 को कई जगहों पर देश का सबसे बड़ा आतंकी हमला हुआ था, जिसमें 26 विदेशी नागरिकों समेत 166 लोगों की जान गंवानी पड़ी थी। रैपिड एक्शन फोर्स के कर्मियों और समुद्री कमांडो (एमएआरसीओएस) और एनएसजी के कमांडो ने आतंकियों को घेर लिया था। पाकिस्तान से आए 10 आतंकियों के साथ सुरक्षा बलों ने करीब 60 घंटे तक मुठभेड़ की थी। उस दौरान अकेला कसाब पकड़ा गया था, जबकि नौ हमलावर मारे गए थे। ताज होटल में बचाव कार्य के दौरान गोली लगने से एनएसजी के मेजर संदीप उन्नीकृष्णन भी शहीद हो गए थे।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed