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Charkhi Dadri News: विद्यार्थियों को नशा न करने की शपथ दिलाई
Thu, 04 Sep 2025 11:55 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Thu, 04 Sep 2025 11:55 PM IST
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फोटो 01 बाढड़ा स्कूल में नशा न करने की शपथ लेते विद्यार्थी। स्रोत: विज्ञप्ति
बाढड़ा। आर्यवीर दल और सर्वहित साधना न्यास की ओर से 11 दिवसीय वेद प्रचार यात्रा के 10वें दिन दिवसीय राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में वीरवार को प्रेरणा सभा का आयोजन किया गया। इस अवसर पर स्वामी सच्चिदानंद ने विद्यार्थियों को नशा न करने की शपथ दिलाई।
उन्होंने कहा कि नशा नाश का द्वार है। इस बुराइयों को मिटाने के लिए हम सबको मिलकर प्रयास करना होगा। विद्यार्थियों से कहा कि प्रतिदिन आत्मनिरीक्षण का नियम अपने जीवन में जरूर बना लेना चाहिए। मनुष्य निष्पक्ष होकर अपने गुण और दोषों का ईमानदारी के साथ मूल्यांकन करता है तो वो अपने अंदर गुण व दोषों के औचित्य व अनौचित्य का विवेक भी पैदा करता जाता है। इससे उसे अच्छे गुणों को धारण करने का प्रोत्साहन और दोषों से दूर होने के लिए प्रताड़ना अपने अंदर से ही मिलने लगती है। तब वह अपने अंदर अच्छे गुणों को बढ़ाता जाता है और दोषों को घटाता जाता है। इस प्रकार वह महान बनने की ओर बढ़ता जाता है।
इस अवसर पर धर्मेंद्र श्योराण, सुनील सांगवान, कैप्टन नेकीराम, जोगेंद्र सिंह, नंदकिशोर, योगेंद्र, जसवीर, सुमनलता, सुशीला, बबली आदि मौजूद रहे।
मुसीबत से निकलने के उपायों पर करें मंथन
उन्होंने बताया कि जीवन में खुशी और गम को समान भाव से अपनाने की क्षमता बनाइए और आशावादी बने रहें। मुसीबत की घड़ी में यह कभी मत भूलिए कि मुश्किल वक्त बीत जाएगा। मुसीबत से निकलने के उपायों पर मंथन कीजिए। यह जानते हुए कि इसी से बेहतर भविष्य का रास्ता निकलेगा। धैर्य और सकारात्मक सोच के साथ बदली हुई परिस्थितियों के प्रति सहज रहने की क्षमता बढ़ाने पर लगातार काम करते रहिए।
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उन्होंने कहा कि नशा नाश का द्वार है। इस बुराइयों को मिटाने के लिए हम सबको मिलकर प्रयास करना होगा। विद्यार्थियों से कहा कि प्रतिदिन आत्मनिरीक्षण का नियम अपने जीवन में जरूर बना लेना चाहिए। मनुष्य निष्पक्ष होकर अपने गुण और दोषों का ईमानदारी के साथ मूल्यांकन करता है तो वो अपने अंदर गुण व दोषों के औचित्य व अनौचित्य का विवेक भी पैदा करता जाता है। इससे उसे अच्छे गुणों को धारण करने का प्रोत्साहन और दोषों से दूर होने के लिए प्रताड़ना अपने अंदर से ही मिलने लगती है। तब वह अपने अंदर अच्छे गुणों को बढ़ाता जाता है और दोषों को घटाता जाता है। इस प्रकार वह महान बनने की ओर बढ़ता जाता है।
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इस अवसर पर धर्मेंद्र श्योराण, सुनील सांगवान, कैप्टन नेकीराम, जोगेंद्र सिंह, नंदकिशोर, योगेंद्र, जसवीर, सुमनलता, सुशीला, बबली आदि मौजूद रहे।
मुसीबत से निकलने के उपायों पर करें मंथन
उन्होंने बताया कि जीवन में खुशी और गम को समान भाव से अपनाने की क्षमता बनाइए और आशावादी बने रहें। मुसीबत की घड़ी में यह कभी मत भूलिए कि मुश्किल वक्त बीत जाएगा। मुसीबत से निकलने के उपायों पर मंथन कीजिए। यह जानते हुए कि इसी से बेहतर भविष्य का रास्ता निकलेगा। धैर्य और सकारात्मक सोच के साथ बदली हुई परिस्थितियों के प्रति सहज रहने की क्षमता बढ़ाने पर लगातार काम करते रहिए।
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