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Charkhi Dadri News: विद्यार्थियों को नशे, साइबर अपराध और सुरक्षा के प्रति किया जागरूक
Sat, 03 Oct 2026 11:12 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Sat, 03 Oct 2026 11:12 PM IST
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विद्यार्थियों को नशे से दूर रहने व साइबर अपराध से बचाव की जानकारी देते पुलिस कर्मचारी।
- फोटो : 1
चरखी दादरी। पुलिस की एंटी नारकोटिक्स सेल और नशा मुक्ति टीम ने शनिवार को बौंदकलां स्थित वैश्य सीनियर सेकेंडरी स्कूल और आदर्श स्कूल में जागरूकता शिविर लगाए। विद्यार्थियों को नशे के दुष्परिणाम, साइबर अपराध, महिला एवं बाल सुरक्षा सहित बचाव के उपायों की जानकारी दी गई।
कार्यक्रम का नेतृत्व एंटी नारकोटिक्स सेल प्रभारी उपनिरीक्षक नरेंद्र और सहायक उपनिरीक्षक राहुल फोगाट ने किया। पुलिस टीम ने विद्यार्थियों और शिक्षकों को नशे से होने वाले सामाजिक, शारीरिक एवं मानसिक नुकसान के बारे में विस्तार से बताया। अधिकारियों ने विद्यार्थियों से नशे से दूर रहने तथा अपने आसपास के लोगों को भी इसके प्रति जागरूक करने का आह्वान किया।
साइबर अपराधों से बचाव के लिए विद्यार्थियों को डिजिटल अरेस्ट, ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी, ओटीपी फ्रॉड और सोशल मीडिया के सुरक्षित इस्तेमाल के बारे में जानकारी दी गई। पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि कोई भी पुलिस या सरकारी एजेंसी वीडियो कॉल के माध्यम से किसी व्यक्ति को डिजिटल अरेस्ट नहीं करती।
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ऐसे कॉल आने पर घबराने के बजाय तत्काल पुलिस को सूचना देनी चाहिए। विद्यार्थियों को नशे की लत से मुक्ति और परामर्श के लिए मानस हेल्पलाइन की जानकारी भी दी गई। अधिकारियों ने बताया कि इस सेवा के माध्यम से निशुल्क और गोपनीय परामर्श प्राप्त किया जा सकता है। कार्यक्रम के अंत में साइबर क्राइम हेल्पलाइन 1930, आपातकालीन सेवा 112 और महिला हेल्पलाइन 1091 की जानकारी दी गई।
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कार्यक्रम का नेतृत्व एंटी नारकोटिक्स सेल प्रभारी उपनिरीक्षक नरेंद्र और सहायक उपनिरीक्षक राहुल फोगाट ने किया। पुलिस टीम ने विद्यार्थियों और शिक्षकों को नशे से होने वाले सामाजिक, शारीरिक एवं मानसिक नुकसान के बारे में विस्तार से बताया। अधिकारियों ने विद्यार्थियों से नशे से दूर रहने तथा अपने आसपास के लोगों को भी इसके प्रति जागरूक करने का आह्वान किया।
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साइबर अपराधों से बचाव के लिए विद्यार्थियों को डिजिटल अरेस्ट, ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी, ओटीपी फ्रॉड और सोशल मीडिया के सुरक्षित इस्तेमाल के बारे में जानकारी दी गई। पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि कोई भी पुलिस या सरकारी एजेंसी वीडियो कॉल के माध्यम से किसी व्यक्ति को डिजिटल अरेस्ट नहीं करती।
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ऐसे कॉल आने पर घबराने के बजाय तत्काल पुलिस को सूचना देनी चाहिए। विद्यार्थियों को नशे की लत से मुक्ति और परामर्श के लिए मानस हेल्पलाइन की जानकारी भी दी गई। अधिकारियों ने बताया कि इस सेवा के माध्यम से निशुल्क और गोपनीय परामर्श प्राप्त किया जा सकता है। कार्यक्रम के अंत में साइबर क्राइम हेल्पलाइन 1930, आपातकालीन सेवा 112 और महिला हेल्पलाइन 1091 की जानकारी दी गई।