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Charkhi Dadri News: विद्यार्थी परिवहन सुरक्षा योजना के लिए बौंदकलां खंड को मिला 25 लाख का बजट
Tue, 13 Feb 2024 11:10 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Tue, 13 Feb 2024 11:10 PM IST
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बौंदकलां राजकीय स्कूल में बस के साथ खड़े विद्यार्थी।
चरखी दादरी/बौंदकलां। पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर शिक्षा विभाग की ओर से बौंदकलां खंड में शुरू की गई विद्यार्थी परिवहन सुरक्षा योजना के तहत सरकार ने 25 लाख का बजट जारी कर दिया है। बजट राशि से 16 राजकीय विद्यालयोंं के 343 विद्यार्थियों के लिए परिवहन की व्यवस्था स्कूल प्रबंधन समिति की ओर से की जाएगी। योजना पहली से बारहवीं कक्षा के सभी छात्र-छात्राओं के लिए शुरू की गई है। एक रूट पर 20 से ज्यादा छात्र संख्या होने पर रोडवेज बस या अन्य वाहन की व्यवस्था करने का प्रावधान किया गया है। स्कूल से एक किलोमीटर से अधिक दूरी होने पर ही ये सुविधा मिलेगी।
मुख्यमंत्री की घोषणा के तहत यह योजना प्रदेश में फिलहाल पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर शुरू की गई है इसमें प्रत्येक जिले से एक ब्लॉक को शामिल किया गया है। इसके लिए सरकार ने 25 लाख का बजट भी जारी कर दिया है। इस योजना का उद्देश्य राजकीय स्कूलों में छात्र संख्या को बढ़ाना, दिव्यांग छात्रों को समता व समानता का वातावरण उपलब्ध करवाना व छात्रों को अपनी रुचि के अनुरूप विविध संकाय पढ़ने के लिए अवसर प्रदान करना है।
योजना के अनुसार किसी रूट पर 20 से ज्यादा छात्र संख्या होने पर रोडवेज बस की सुविधा देने का प्रावधान किया गया है। रोडवेज बस नहीं मिलने पर स्कूल प्रबंधन समिति की ओर से किसी छोटे वाहन, ई-रिक्शा, जीप, ऑटो आदि की व्यवस्था की जाएगी। वहीं, गांव से ही कोई निजी वाहन भी किराये पर लिया जा सकता है, बशर्ते चालक का व्यवहार व चरित्र सही हो। वाहन का पंजीकरण, चालक लाइसेंस आदि आवश्यक दस्तावेज पूरे हों। चालक को स्कूल के समय से 10 मिनट पहले पहुंचाना होगा।
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माता-पिता की सहमति जरूरी
इस योजना के लिए विद्यार्थी के माता-पिता की सहमति जरूरी है। रूट निर्धारण, छात्र संख्या सत्यापन आदि के लिए पोर्टल पर विवरण दर्ज किया जाएगा। इस योजना के तहत प्रत्येक स्कूल से एक शिक्षक को नोडल ट्रांसपोर्ट अधिकार नियुक्त किया जाना है। डीईओ जिला नोडल ट्रांसपोर्ट अधिकारी होगा। खंड स्तर पर बीईओ नोडल अधिकारी होगा। परिवहन संबंधी किसी भी प्रकार शिकायत के लिए नोडल अधिकारियों के पास शिकायत की जा सकेगी।
ट्रांसपोर्टर के खाते में होगा भुगतान
एक मास की यातायात सुविधा पूरी होने पर स्कूल मुखिया की ओर से देय राशि की गणना करते हुए एसएमसी की सहमति से वाहन चालक के किराया का भुगतान किया जाएगा जिसका रिकाॅर्ड स्कूल नोडल अधिकारी रखेगा। किराया सीधे ट्रांसपोर्टर के खाते में भेजा जाएगा। रोडवेज बस का किराया परिवहन विभाग की दरों के अनुरूप किया जाएगा। समय- समय पर वाहन सुविधा की समीक्षा की जाएगी। माता-पिता को भी समय- समय पर वाहन सुविधा का जायजा लेने का प्रावधान किया गया है।
यह योजना जिले के बौंदकलां खंड के 16 स्कूलों में पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर शुरू की गई है। इसके लिए सरकार की ओर से बजट जारी कर दिया गया है। यह योजना पहली से बारहवीं तक के सभी छात्र-छात्राओं के लिए है। एक किलोमीटर से ज्यादा दूरी पर यह सुविधा दी जा रही है। स्कूल में एक शिक्षक को नोडल ट्रांसपोर्ट अधिकारी बनाया गया है। कृष्णा फौगाट, डीईओ, शिक्षा विभाग
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मुख्यमंत्री की घोषणा के तहत यह योजना प्रदेश में फिलहाल पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर शुरू की गई है इसमें प्रत्येक जिले से एक ब्लॉक को शामिल किया गया है। इसके लिए सरकार ने 25 लाख का बजट भी जारी कर दिया है। इस योजना का उद्देश्य राजकीय स्कूलों में छात्र संख्या को बढ़ाना, दिव्यांग छात्रों को समता व समानता का वातावरण उपलब्ध करवाना व छात्रों को अपनी रुचि के अनुरूप विविध संकाय पढ़ने के लिए अवसर प्रदान करना है।
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योजना के अनुसार किसी रूट पर 20 से ज्यादा छात्र संख्या होने पर रोडवेज बस की सुविधा देने का प्रावधान किया गया है। रोडवेज बस नहीं मिलने पर स्कूल प्रबंधन समिति की ओर से किसी छोटे वाहन, ई-रिक्शा, जीप, ऑटो आदि की व्यवस्था की जाएगी। वहीं, गांव से ही कोई निजी वाहन भी किराये पर लिया जा सकता है, बशर्ते चालक का व्यवहार व चरित्र सही हो। वाहन का पंजीकरण, चालक लाइसेंस आदि आवश्यक दस्तावेज पूरे हों। चालक को स्कूल के समय से 10 मिनट पहले पहुंचाना होगा।
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माता-पिता की सहमति जरूरी
इस योजना के लिए विद्यार्थी के माता-पिता की सहमति जरूरी है। रूट निर्धारण, छात्र संख्या सत्यापन आदि के लिए पोर्टल पर विवरण दर्ज किया जाएगा। इस योजना के तहत प्रत्येक स्कूल से एक शिक्षक को नोडल ट्रांसपोर्ट अधिकार नियुक्त किया जाना है। डीईओ जिला नोडल ट्रांसपोर्ट अधिकारी होगा। खंड स्तर पर बीईओ नोडल अधिकारी होगा। परिवहन संबंधी किसी भी प्रकार शिकायत के लिए नोडल अधिकारियों के पास शिकायत की जा सकेगी।
ट्रांसपोर्टर के खाते में होगा भुगतान
एक मास की यातायात सुविधा पूरी होने पर स्कूल मुखिया की ओर से देय राशि की गणना करते हुए एसएमसी की सहमति से वाहन चालक के किराया का भुगतान किया जाएगा जिसका रिकाॅर्ड स्कूल नोडल अधिकारी रखेगा। किराया सीधे ट्रांसपोर्टर के खाते में भेजा जाएगा। रोडवेज बस का किराया परिवहन विभाग की दरों के अनुरूप किया जाएगा। समय- समय पर वाहन सुविधा की समीक्षा की जाएगी। माता-पिता को भी समय- समय पर वाहन सुविधा का जायजा लेने का प्रावधान किया गया है।
यह योजना जिले के बौंदकलां खंड के 16 स्कूलों में पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर शुरू की गई है। इसके लिए सरकार की ओर से बजट जारी कर दिया गया है। यह योजना पहली से बारहवीं तक के सभी छात्र-छात्राओं के लिए है। एक किलोमीटर से ज्यादा दूरी पर यह सुविधा दी जा रही है। स्कूल में एक शिक्षक को नोडल ट्रांसपोर्ट अधिकारी बनाया गया है। कृष्णा फौगाट, डीईओ, शिक्षा विभाग

बौंदकलां राजकीय स्कूल में बस के साथ खड़े विद्यार्थी।