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एसटीपी का टैंक हुआ पानी से लबालब, डी-शिल्टिंग की दरकार
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चरखी दादरी। मानसून सीजन से पहले शहर के दोनों सीवर ट्रीटमेंट प्लांट के पानी भंडारण टैंक की डी-शिल्टिंग करवाने की दरकार है। ऐसा करके ही मानसून में बारिश के अतिरिक्त पानी का दबाव एसटीपी झेल सकता है। डी-शिल्टिंग से टैंक की गहराई छह से सात फुट बढ़ेगी, जबकि इस समय भंडारण टैंक ऊपर तक लबालब है। एसटीपी की जगह काफी थोड़ी होने की वजह से पानी की भंडारण क्षमता कम है।
शहर के बारिश एवं दूषित पानी के लिए दिल्ली रोड पर जन स्वास्थ्य विभाग ने एसटीपी बना रखा है। इस एसटीपी में पानी स्टोरेज किया जाता है। एसटीपी की स्टोरेज क्षमता न के बराबर है। यहां स्टोरेज टैंक की कुछ जमीन एनएच 152-डी में अधिग्रहीत होने से दिक्कत बढ़ी है। यहां पानी स्टोरेज के लिए जगह की कमी बनी हुई है।
मानसून का सीजन आने वाला है। ऐसे में शहर से बारिश के पानी का निकास करना विभाग के लिए चुनौती से कम नहीं होगा। वैसे ही शहर की सीवर व्यवस्था चौपट पड़ी है। बारिश होने पर सीवर ऊपर तक भर जाते हैं। सीवर लाइनों में कचरा एवं प्लास्टिक आदि भरा हुआ है, जिससे लाइनें समय समय पर ब्लॉकेज बनी रहती हैं। शहर में करीब 35 किलोमीटर लंबी सीवर लाइन हैं, जो आए दिन कहीं न कहीं से बंद पड़ी रहती हैं। एक लाइन रुकने पर साथ लगती कई लाइनें प्रभावित हो जाती हैं। सफाई कर्मचारी बास की लंबी फट्टी आदि के जरिये लाइन को खोलने का प्रयास करते हैं, लेकिन प्लास्टिक कचरा जमा होने की वजह से खुल नहीं पाती हैं। जैट मशीन के जरिये भी लाइनों के ब्लॉकेज खोलने में दिक्कत आ रही हैं। हालांकि विभाग की ओर से प्रतिदिन लाइन खोलने का काम किया जा रहा है, लेकिन कार्य नियंत्रण से बाहर बना हुआ है।
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- पाइप लाइन बिछाने का काम है अधूरा
एसटीपी से ड्रेन नंबर आठ छुछकवास नहर तक पाइप लाइन बिछाने का काम भी बारिश सीजन से पहले पूरा होने की कम ही उम्मीद है। हालांकि इस 37.50 करोड़ के प्रोजेक्ट पर काम तेजी से जारी है। प्रतिदिन 400 मीटर लाइन बिछाई जा रही है। एसटीपी से छुछकवास तक पाइप लाइन बिछाकर ड्रेन आठ में सीवर का दूषित पानी डाला जाना है।
- पांच से सात फुट जमा है गाद
विभाग को एसटीपी के स्टोरेज टैंक की सफाई व गाद निकासी का कार्य करने की सख्त जरूरत है, ताकि पानी की स्टोरेज क्षमता बढ़ सके और बारिश के पानी को झेल सके। टैंक में पांच से सात फुट तक गाद का जमाव बना हुआ है। गाद निकलने पर इसकी पानी स्टोरेज क्षमता बढ़ जाएगी, जिससे बारिश के पानी को काफी हद तक झेल पाएगा।
वर्जन::
एसटीपी में पानी स्टोरेज क्षमता भी बढ़ाने के प्रयास किए जा रहे हैं। ड्रेन आठ तक पाइप लाइन बिछाने का काम भी जारी है जो जल्द पूरा हो जाएगा। मानसून सीजन में शहरवासियों को दिक्कतें नहीं आनी दी जाएंगी।
- सोहनलाल, एसडीओ, जनस्वास्थ्य विभाग।
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शहर के बारिश एवं दूषित पानी के लिए दिल्ली रोड पर जन स्वास्थ्य विभाग ने एसटीपी बना रखा है। इस एसटीपी में पानी स्टोरेज किया जाता है। एसटीपी की स्टोरेज क्षमता न के बराबर है। यहां स्टोरेज टैंक की कुछ जमीन एनएच 152-डी में अधिग्रहीत होने से दिक्कत बढ़ी है। यहां पानी स्टोरेज के लिए जगह की कमी बनी हुई है।
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मानसून का सीजन आने वाला है। ऐसे में शहर से बारिश के पानी का निकास करना विभाग के लिए चुनौती से कम नहीं होगा। वैसे ही शहर की सीवर व्यवस्था चौपट पड़ी है। बारिश होने पर सीवर ऊपर तक भर जाते हैं। सीवर लाइनों में कचरा एवं प्लास्टिक आदि भरा हुआ है, जिससे लाइनें समय समय पर ब्लॉकेज बनी रहती हैं। शहर में करीब 35 किलोमीटर लंबी सीवर लाइन हैं, जो आए दिन कहीं न कहीं से बंद पड़ी रहती हैं। एक लाइन रुकने पर साथ लगती कई लाइनें प्रभावित हो जाती हैं। सफाई कर्मचारी बास की लंबी फट्टी आदि के जरिये लाइन को खोलने का प्रयास करते हैं, लेकिन प्लास्टिक कचरा जमा होने की वजह से खुल नहीं पाती हैं। जैट मशीन के जरिये भी लाइनों के ब्लॉकेज खोलने में दिक्कत आ रही हैं। हालांकि विभाग की ओर से प्रतिदिन लाइन खोलने का काम किया जा रहा है, लेकिन कार्य नियंत्रण से बाहर बना हुआ है।
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- पाइप लाइन बिछाने का काम है अधूरा
एसटीपी से ड्रेन नंबर आठ छुछकवास नहर तक पाइप लाइन बिछाने का काम भी बारिश सीजन से पहले पूरा होने की कम ही उम्मीद है। हालांकि इस 37.50 करोड़ के प्रोजेक्ट पर काम तेजी से जारी है। प्रतिदिन 400 मीटर लाइन बिछाई जा रही है। एसटीपी से छुछकवास तक पाइप लाइन बिछाकर ड्रेन आठ में सीवर का दूषित पानी डाला जाना है।
- पांच से सात फुट जमा है गाद
विभाग को एसटीपी के स्टोरेज टैंक की सफाई व गाद निकासी का कार्य करने की सख्त जरूरत है, ताकि पानी की स्टोरेज क्षमता बढ़ सके और बारिश के पानी को झेल सके। टैंक में पांच से सात फुट तक गाद का जमाव बना हुआ है। गाद निकलने पर इसकी पानी स्टोरेज क्षमता बढ़ जाएगी, जिससे बारिश के पानी को काफी हद तक झेल पाएगा।
वर्जन::
एसटीपी में पानी स्टोरेज क्षमता भी बढ़ाने के प्रयास किए जा रहे हैं। ड्रेन आठ तक पाइप लाइन बिछाने का काम भी जारी है जो जल्द पूरा हो जाएगा। मानसून सीजन में शहरवासियों को दिक्कतें नहीं आनी दी जाएंगी।
- सोहनलाल, एसडीओ, जनस्वास्थ्य विभाग।