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Charkhi Dadri News: स्टेट क्राइम ब्रांच करेगी कथित फर्जी मुठभेड़ मामले की जांच
Sat, 28 Sep 2024 04:20 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Sat, 28 Sep 2024 04:20 AM IST
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पुलिस की गोली लगने से घायल हुए पिलाणा निवासी युवक के परिजनों ने राज्य पुलिस शिकायत प्राधिकरण को दी थी शिकायत, दोनों पक्षों को जांच में शामिल करने के बाद एसपीसीए ने दिए आदेश
-प्रेम विवाह करने वाले दंपती को गोली मारने के एक आरोपी की पुलिस ने मुठभेड़ में दिखाई थी गिरफ्तारी, गोली लगने से घायल हुए आरोपी के परिजनों ने पुलिस पर 10 लाख की रिश्वत लेने का भी लगाया था आरोप
संवाद न्यूज एजेंसी
चरखी दादरी/बौंदकलां। पिलाणा निवासी युवक के कथित फर्जी एनकाउंटर मामले की जांच अब स्टेट क्राइम ब्रांच करेगी। इस संबंध में स्टेट पुलिस कंप्लेंड अथॉरिटी (राज्य पुलिस शिकायत प्राधिकरण) की ओर से आदेश जारी किया गया है। इसमें आईपीएस की निगरानी में जांच करने के निर्देश दिए गए हैं।
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नवंबर 2023 में चरखी दादरी जिले में प्रेम विवाह करने वाले दंपती को गोली मारी गई थी। हालांकि, जानलेवा हमले में पति-पत्नी दोनों बच गए थे। पुलिस ने इस वारदात में शामिल तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया था। सोनू नामक आरोपी की गिरफ्तारी मुठभेड़ में दिखाई गई थी। उसके परिजनों ने पुलिस पर फर्जी मुठभेड़ करने और अन्य परिजनों को मामले में न फंसाने के एवज में 10 लाख रुपये रिश्वत लेने का आरोप लगाया था।
वहीं, कथित फर्जी मुठभेड़ में कार्रवाई की मांग को लेकर शिकायतकर्ता पक्ष ने लघु सचिवालय में 14 दिन धरना भी दिया था। हालांकि, तत्कालीन एसपी ने शिकायत मिलते ही स्पेशल स्टाफ प्रभारी समेत दो पुलिस कर्मचारियों को बर्खास्त कर दिया था। शिकायतकर्ता पक्ष का आरोप है कि जांच में ही मामले को पुलिस ने उलझाकर रखा और न्याय नहीं किया।
- नौ जनवरी को दी गई थी शिकायत
अधिवक्ता शीतल साहू ने बताया कि एसपीसीए को नौ जनवरी को शिकायत दी गई थी। इसके बाद मामले से जुड़े शिकायतकर्ता पक्ष के लोगों समेत नौ पुलिसकर्मियों के एसपीसीए ने बयान दर्ज किए। जांच के दौरान एसपीसीए को तीन सवालों के जवाब नहीं मिल पाए। मामला संदेहास्पद प्रतीत होने पर स्टेट क्राइम ब्रांच से जांच करवाने के आदेश दिए गए।
- एसपीसीए की जांच में इन तीन सवालों पर मौन रही पुलिस
अधिवक्ता शीतल साहू ने बताया कि जांच के दौरान एसपीसीए को तीन सवालों के जवाब नहीं मिले। पहला सवाल गोली कितनी दूरी से चलाई गई थी। क्या फॉरेंसिक रिपोर्ट से इसका पता लगाया जा सकता है? दूसरा सवाल था कि पुलिस अधिकारियों ने शिकायतकर्ता के परिवार वालों को फोन करके एकांत स्थान पर आने के लिए क्यों कहा? तीसरा सवाल था कि रात के समय पुल पर अंधेरा था। पुलिस टीम की गाड़ी की लाइट भी बंद थी। ऐसे में इंस्पेक्टर बलवान अंधेरे में आरोपी को कैसे पहचान पाए? अधिवक्ता शीतल साहू ने बताया कि तीनों सवालों पर पुलिस मौन रही।
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-प्रेम विवाह करने वाले दंपती को गोली मारने के एक आरोपी की पुलिस ने मुठभेड़ में दिखाई थी गिरफ्तारी, गोली लगने से घायल हुए आरोपी के परिजनों ने पुलिस पर 10 लाख की रिश्वत लेने का भी लगाया था आरोप
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संवाद न्यूज एजेंसी
चरखी दादरी/बौंदकलां। पिलाणा निवासी युवक के कथित फर्जी एनकाउंटर मामले की जांच अब स्टेट क्राइम ब्रांच करेगी। इस संबंध में स्टेट पुलिस कंप्लेंड अथॉरिटी (राज्य पुलिस शिकायत प्राधिकरण) की ओर से आदेश जारी किया गया है। इसमें आईपीएस की निगरानी में जांच करने के निर्देश दिए गए हैं।
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नवंबर 2023 में चरखी दादरी जिले में प्रेम विवाह करने वाले दंपती को गोली मारी गई थी। हालांकि, जानलेवा हमले में पति-पत्नी दोनों बच गए थे। पुलिस ने इस वारदात में शामिल तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया था। सोनू नामक आरोपी की गिरफ्तारी मुठभेड़ में दिखाई गई थी। उसके परिजनों ने पुलिस पर फर्जी मुठभेड़ करने और अन्य परिजनों को मामले में न फंसाने के एवज में 10 लाख रुपये रिश्वत लेने का आरोप लगाया था।
वहीं, कथित फर्जी मुठभेड़ में कार्रवाई की मांग को लेकर शिकायतकर्ता पक्ष ने लघु सचिवालय में 14 दिन धरना भी दिया था। हालांकि, तत्कालीन एसपी ने शिकायत मिलते ही स्पेशल स्टाफ प्रभारी समेत दो पुलिस कर्मचारियों को बर्खास्त कर दिया था। शिकायतकर्ता पक्ष का आरोप है कि जांच में ही मामले को पुलिस ने उलझाकर रखा और न्याय नहीं किया।
- नौ जनवरी को दी गई थी शिकायत
अधिवक्ता शीतल साहू ने बताया कि एसपीसीए को नौ जनवरी को शिकायत दी गई थी। इसके बाद मामले से जुड़े शिकायतकर्ता पक्ष के लोगों समेत नौ पुलिसकर्मियों के एसपीसीए ने बयान दर्ज किए। जांच के दौरान एसपीसीए को तीन सवालों के जवाब नहीं मिल पाए। मामला संदेहास्पद प्रतीत होने पर स्टेट क्राइम ब्रांच से जांच करवाने के आदेश दिए गए।
- एसपीसीए की जांच में इन तीन सवालों पर मौन रही पुलिस
अधिवक्ता शीतल साहू ने बताया कि जांच के दौरान एसपीसीए को तीन सवालों के जवाब नहीं मिले। पहला सवाल गोली कितनी दूरी से चलाई गई थी। क्या फॉरेंसिक रिपोर्ट से इसका पता लगाया जा सकता है? दूसरा सवाल था कि पुलिस अधिकारियों ने शिकायतकर्ता के परिवार वालों को फोन करके एकांत स्थान पर आने के लिए क्यों कहा? तीसरा सवाल था कि रात के समय पुल पर अंधेरा था। पुलिस टीम की गाड़ी की लाइट भी बंद थी। ऐसे में इंस्पेक्टर बलवान अंधेरे में आरोपी को कैसे पहचान पाए? अधिवक्ता शीतल साहू ने बताया कि तीनों सवालों पर पुलिस मौन रही।