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Charkhi Dadri News: जिले में 13 से 27 हुई खेल नर्सरी, खिलाड़ियों की 210 सीटें भी बढ़ी
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जनता कॉलेज खेल एकेडमी में अभ्यास करते खिलाड़ी।
चरखी दादरी। जिले में खेल नर्सरियों की संख्या बढ़कर अब 27 हो गई है। फिलहाल इनमें खिलाड़ियों की कुल संख्या 675 है। खेल नर्सरी में अभ्यास करने वाले 15 साल तक आयु के खिलाड़ियों को विभाग 1500 व इससे अधिक आयु पर 2000 हजार रुपये डाइट भत्ता दे रहा है। अब खिलाड़ियों को डाइट भत्ता भी हर माह मिलना शुरू हो गया है। इस समय खिलाड़ी सुबह व शाम चार घंटे पसीना बहा रहे हैं। एक खेल नर्सरी में 25 खिलाड़ी हैं।
दादरी जिले को खेलों का हब माना जाता है। जिले में कबड्डी, हैंडबॉल, फुटबाल, खो-खो, कुश्ती, एथलीट, कराटे, ताइक्वांडो, हॉकी व वॉलीबाल का क्रेज ज्यादा है। सरकार ने अधिकतर खेल नर्सरियां प्राइवेट स्कूलों में खोल रखी हैं। जनता कॉलेज में भी खेल नर्सरी चल रही है। इसी प्रकार खेल स्टेडियमों में भी नर्सरी अलॉट की हुई हैं।
बता दें कि सर्दी सीजन में खिलाड़ी ज्यादा समय अभ्यास करते हैं। सरकारी व अनुबंध पर कार्यरत कोच खिलाड़ियों को अभ्यास करवा रहे हैं। जिले के खिलाड़ी राष्ट्रीय स्तर पर बढि़या प्रदर्शन करते आ रहे हैं। खेलों में शानदार प्रदर्शन के आधार पर खिलाड़ियों का सरकारी नौकरियों में भी चयन हो रहा है। हाल ही में गांव चरखी निवासी फुटबाल खिलाड़ी का सेना में चयन हुआ है।
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- विभाग कर रहा निगरानी
खेल नर्सरी में अभ्यास करने वाले खिलाड़ियों को अब हर माह डाइट भत्ता मिलना शुरू हो गया है। पहले पांच से छह माह तक का समय लग जाता था। खेल विभाग की ओर से समय- समय पर इन नर्सरियों की मॉनीटरिंग भी की जाती है ताकि इनका संचालन सही से होता रहे और खिलाड़ियों की जरूरतों को पूरा किया जा सके। जिले में कुश्ती व कबड्डी खेल के प्रति युवाओं में खासी रुचि है।
- इन गांवों में ज्यादा है खेलों के प्रति रुझान
गांव इमलोटा, बलाली, आदमपुर डाढ़ी, फतेहगढ़, सांजरवास, फौगाट, मंदोला, टिकान कलां व महराणा सहित कई गांवों में कुश्ती व कबड्डी खेल प्रिय है। खिलाड़ी रेत के अखाड़ा में अभ्यास करते हैं। मैट की सुविधा भी सब जगह नहीं है। जिले में बलाली गांव में कुश्ती हॉल भी बना हुआ है।
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खिलाड़ियों की सुविधा के लिए विभाग लगातार प्रयासरत है। डाइट भत्ता समय पर दिया जा रहा है। 27 नर्सरियों में खिलाड़ी खूब पसीना बहा रहे हैं। समय-समय पर खेल महाकुंभ आयोजित किए जा रहे हैं। जिले के खिलाड़ियों में असाधारण जोश एवं जज्बा देखने को मिल रहा है।
-बस्तीराम, जिला खेल अधिकारी
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दादरी जिले को खेलों का हब माना जाता है। जिले में कबड्डी, हैंडबॉल, फुटबाल, खो-खो, कुश्ती, एथलीट, कराटे, ताइक्वांडो, हॉकी व वॉलीबाल का क्रेज ज्यादा है। सरकार ने अधिकतर खेल नर्सरियां प्राइवेट स्कूलों में खोल रखी हैं। जनता कॉलेज में भी खेल नर्सरी चल रही है। इसी प्रकार खेल स्टेडियमों में भी नर्सरी अलॉट की हुई हैं।
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बता दें कि सर्दी सीजन में खिलाड़ी ज्यादा समय अभ्यास करते हैं। सरकारी व अनुबंध पर कार्यरत कोच खिलाड़ियों को अभ्यास करवा रहे हैं। जिले के खिलाड़ी राष्ट्रीय स्तर पर बढि़या प्रदर्शन करते आ रहे हैं। खेलों में शानदार प्रदर्शन के आधार पर खिलाड़ियों का सरकारी नौकरियों में भी चयन हो रहा है। हाल ही में गांव चरखी निवासी फुटबाल खिलाड़ी का सेना में चयन हुआ है।
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- विभाग कर रहा निगरानी
खेल नर्सरी में अभ्यास करने वाले खिलाड़ियों को अब हर माह डाइट भत्ता मिलना शुरू हो गया है। पहले पांच से छह माह तक का समय लग जाता था। खेल विभाग की ओर से समय- समय पर इन नर्सरियों की मॉनीटरिंग भी की जाती है ताकि इनका संचालन सही से होता रहे और खिलाड़ियों की जरूरतों को पूरा किया जा सके। जिले में कुश्ती व कबड्डी खेल के प्रति युवाओं में खासी रुचि है।
- इन गांवों में ज्यादा है खेलों के प्रति रुझान
गांव इमलोटा, बलाली, आदमपुर डाढ़ी, फतेहगढ़, सांजरवास, फौगाट, मंदोला, टिकान कलां व महराणा सहित कई गांवों में कुश्ती व कबड्डी खेल प्रिय है। खिलाड़ी रेत के अखाड़ा में अभ्यास करते हैं। मैट की सुविधा भी सब जगह नहीं है। जिले में बलाली गांव में कुश्ती हॉल भी बना हुआ है।
खिलाड़ियों की सुविधा के लिए विभाग लगातार प्रयासरत है। डाइट भत्ता समय पर दिया जा रहा है। 27 नर्सरियों में खिलाड़ी खूब पसीना बहा रहे हैं। समय-समय पर खेल महाकुंभ आयोजित किए जा रहे हैं। जिले के खिलाड़ियों में असाधारण जोश एवं जज्बा देखने को मिल रहा है।
-बस्तीराम, जिला खेल अधिकारी