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मानव को अंदर से सशक्त बनाता है अध्यात्म : बीके ज्योति
Sun, 25 Feb 2024 12:23 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Sun, 25 Feb 2024 12:23 AM IST
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जेवली प्रदर्शनी में महिलाओं को शिव के सत्य से अवगत कराती बीके ज्योति। स्रोत : आयोजक
संवाद न्यूज एजेंसी
बाढड़ा। आध्यात्मिक मूल्यों से ही सुदृढ़, स्वस्थ व सुखी समाज की स्थापना हो सकती है और तभी हमारा देश विश्व गुरु बन सकता है। यह उद्गार प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय की कादमा शाखा की ओर से गांव जेवली में आयोजित शिव दर्शन आध्यात्मिक प्रदर्शनी में ब्रह्माकुमारी ज्योति ने व्यक्त किए।
उन्होंने कहा कि आज मानव आंतरिक रूप से कमजोर हो चुका है। आंतरिक रूप से सशक्त बनाने के लिए अध्यात्म ही एकमात्र रास्ता है। उन्होंने कहा कि परमपिता परमात्मा शिव स्वयंभू अजन्मा निराकार ज्योति बिंदू स्वरूप व सदैव कल्याणकारी है। हम अपने खुद की पहचान कर स्वयं को परमपिता परमात्मा से संबंध बना सकते हैं। इससे मन को सुखद अनुभूति होगी और आंतरिक शक्तियों का विकास होगा।
ब्रह्माकुमारी नीलम ने कहा कि वर्तमान सामाजिक परिस्थितियों में परिवार और समाज में सद्भावना सौहार्द का वातावरण बनाने के लिए मानसिक शांति की आवश्यकता है। इसके लिए राजयोग का नियमित अभ्यास एक अचूक औषधि है। अंत में चित्रों के माध्यम से घर में रहते हुए जीवन को दिव्य गुणों से भरपूर करने के आध्यात्मिक उपायों की जानकारी दी गई।
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फोटो : 03
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बाढड़ा। आध्यात्मिक मूल्यों से ही सुदृढ़, स्वस्थ व सुखी समाज की स्थापना हो सकती है और तभी हमारा देश विश्व गुरु बन सकता है। यह उद्गार प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय की कादमा शाखा की ओर से गांव जेवली में आयोजित शिव दर्शन आध्यात्मिक प्रदर्शनी में ब्रह्माकुमारी ज्योति ने व्यक्त किए।
उन्होंने कहा कि आज मानव आंतरिक रूप से कमजोर हो चुका है। आंतरिक रूप से सशक्त बनाने के लिए अध्यात्म ही एकमात्र रास्ता है। उन्होंने कहा कि परमपिता परमात्मा शिव स्वयंभू अजन्मा निराकार ज्योति बिंदू स्वरूप व सदैव कल्याणकारी है। हम अपने खुद की पहचान कर स्वयं को परमपिता परमात्मा से संबंध बना सकते हैं। इससे मन को सुखद अनुभूति होगी और आंतरिक शक्तियों का विकास होगा।
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ब्रह्माकुमारी नीलम ने कहा कि वर्तमान सामाजिक परिस्थितियों में परिवार और समाज में सद्भावना सौहार्द का वातावरण बनाने के लिए मानसिक शांति की आवश्यकता है। इसके लिए राजयोग का नियमित अभ्यास एक अचूक औषधि है। अंत में चित्रों के माध्यम से घर में रहते हुए जीवन को दिव्य गुणों से भरपूर करने के आध्यात्मिक उपायों की जानकारी दी गई।
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