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Charkhi Dadri News: शहीद दलबीर सिंह मॉडल संस्कृति स्कूल में जलभराव के चलते करनी पड़ी 7 दिन की छुट्टी
Tue, 04 Jul 2023 12:00 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Tue, 04 Jul 2023 12:00 AM IST
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चरखी दादरी। शहीद दलबीर सिंह राजकीय माॅडल संस्कृति स्कूल के 750 विद्यार्थियों की शिक्षा पर पानी की मार पड़ रही है। स्कूल प्रबंधन की बार-बार मांग के बावजूद भी एक सप्ताह से जलभराव की समस्या का समाधान करने का कोई प्रयास ही नहीं किया गया है। इसके चलते स्कूल प्रबंधन समिति को एक सप्ताह के लिए स्कूल का अवकाश घोषित करना पड़ा। अब 10 जुलाई से विद्यार्थियों को दोबारा स्कूल बुलाया गया है। वहीं, जो मौजूदा स्थिति है उसे देखते हुए 10 जुलाई तक भी यहां से पानी की निकासी होती नजर नहीं आ रही।
ग्रीष्मकालीन अवकाश के बाद जब विद्यार्थी सोमवार को स्कूल पहुंचे तो जलभराव के कारण उन्हें कक्षा तक पहुंचने का रास्ता भी नहीं मिला। स्कूल परिसर में बनी समस्या और विद्यार्थियों की परेशानी को देखते हुए पहली से आठवीं, नौवीं और 11वीं कक्षा की 10 जुलाई तक छुट्टी घोषित करनी पड़ी। इससे पहले विद्यालय प्रबंधन द्वारा बार-बार प्रशासन से पानी निकासी की मांग की गई लेकिन अभी तक इसका प्रयास तक नहीं किया गया। हालांकि, 10वीं व 12वीं के 90 विद्यार्थियों के लिए प्राथमिक खंड में व्यवस्था की गई। शिक्षा विभाग, प्रशासन और अन्य विभागों के बीच आपसी तालमेल की कमी के चलते पानी निकासी शुरू नहीं हुई है और इसका खामियाजा यहां पढ़ने वाले विद्यार्थी भुगतने को विवश हैं।
- स्कूल परिसर के चारों खंड में भरा पानी
स्कूल के चार खंडों में बने 35 कमरों में इस समय दो-तीन फुट पानी खड़ा है। वहीं, लैब तक पहुंचने के लिए भी कोई व्यवस्था नहीं होने से वह बंद हैं। उनमें रखे उपकरणों की वर्तमान स्थिति भी जिम्मेदारों को नहीं पता। वहीं, बुनियाद के 40 विद्यार्थियों को कक्षा तक पहुंचाने के लिए टाइलें व ईंटें लगाकर वैकल्पिक व्यवस्था की गई है। महज दो फुट चौड़ाई में उबड़-खाबड़ टाइलों से गुजरना भी गुरुजनों व विद्यार्थियों के लिए किसी चुनौती से कम नहीं है। वहीं, प्राथमिक खंड में विद्यार्थियों के बैठने तक के लिए डेक्स तक की व्यवस्था नहीं है।
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- लचर व्यवस्था, आखिर जिम्मेदार कौन
विद्यालय प्रबंधन की ओर से शिक्षा निदेशालय को पत्र भेजकर समस्या से अवगत कराया गया था। शिक्षा निदेशालय ने प्रशासन व विभागों से जल निकासी के लिए सहयोग लेने के बजाय अवकाश की ही घोषणा कर दी। वहीं, स्कूल प्रबंधन की ओर से बार-बार प्रशासन से जल निकासी के प्रबंध की मांग की गई, लेकिन अभी तक किसी भी विभाग द्वारा कोई प्रयास तक नहीं किए गए। इसके अलावा अभी मानसून का सीजन शुरू हुआ है, अभी ओर बारिश होगी। हर वर्ष बारिश के मौसम में यह स्थिति बनती है लेकिन जिम्मेदारों ने बिगड़े हालातों की कोई सुध नहीं ली है।
प्रशासन को समस्या से अवगत करवा चुके हैं। जल्द पानी निकासी का आश्वासन मिला था। भविष्य में इस प्रकार की समस्या न बने इसके लिए विद्यालय भवन में जरूरी बदलावों पर भी विचार किया जाएगा। उम्मीद है कि प्रशासन जल्द ही इस समस्या के समाधान के लिए प्रयास करेगा।
-कृष्णा फौगाट, जिला शिक्षा अधिकारी चरखी दादरी
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ग्रीष्मकालीन अवकाश के बाद जब विद्यार्थी सोमवार को स्कूल पहुंचे तो जलभराव के कारण उन्हें कक्षा तक पहुंचने का रास्ता भी नहीं मिला। स्कूल परिसर में बनी समस्या और विद्यार्थियों की परेशानी को देखते हुए पहली से आठवीं, नौवीं और 11वीं कक्षा की 10 जुलाई तक छुट्टी घोषित करनी पड़ी। इससे पहले विद्यालय प्रबंधन द्वारा बार-बार प्रशासन से पानी निकासी की मांग की गई लेकिन अभी तक इसका प्रयास तक नहीं किया गया। हालांकि, 10वीं व 12वीं के 90 विद्यार्थियों के लिए प्राथमिक खंड में व्यवस्था की गई। शिक्षा विभाग, प्रशासन और अन्य विभागों के बीच आपसी तालमेल की कमी के चलते पानी निकासी शुरू नहीं हुई है और इसका खामियाजा यहां पढ़ने वाले विद्यार्थी भुगतने को विवश हैं।
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- स्कूल परिसर के चारों खंड में भरा पानी
स्कूल के चार खंडों में बने 35 कमरों में इस समय दो-तीन फुट पानी खड़ा है। वहीं, लैब तक पहुंचने के लिए भी कोई व्यवस्था नहीं होने से वह बंद हैं। उनमें रखे उपकरणों की वर्तमान स्थिति भी जिम्मेदारों को नहीं पता। वहीं, बुनियाद के 40 विद्यार्थियों को कक्षा तक पहुंचाने के लिए टाइलें व ईंटें लगाकर वैकल्पिक व्यवस्था की गई है। महज दो फुट चौड़ाई में उबड़-खाबड़ टाइलों से गुजरना भी गुरुजनों व विद्यार्थियों के लिए किसी चुनौती से कम नहीं है। वहीं, प्राथमिक खंड में विद्यार्थियों के बैठने तक के लिए डेक्स तक की व्यवस्था नहीं है।
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- लचर व्यवस्था, आखिर जिम्मेदार कौन
विद्यालय प्रबंधन की ओर से शिक्षा निदेशालय को पत्र भेजकर समस्या से अवगत कराया गया था। शिक्षा निदेशालय ने प्रशासन व विभागों से जल निकासी के लिए सहयोग लेने के बजाय अवकाश की ही घोषणा कर दी। वहीं, स्कूल प्रबंधन की ओर से बार-बार प्रशासन से जल निकासी के प्रबंध की मांग की गई, लेकिन अभी तक किसी भी विभाग द्वारा कोई प्रयास तक नहीं किए गए। इसके अलावा अभी मानसून का सीजन शुरू हुआ है, अभी ओर बारिश होगी। हर वर्ष बारिश के मौसम में यह स्थिति बनती है लेकिन जिम्मेदारों ने बिगड़े हालातों की कोई सुध नहीं ली है।
प्रशासन को समस्या से अवगत करवा चुके हैं। जल्द पानी निकासी का आश्वासन मिला था। भविष्य में इस प्रकार की समस्या न बने इसके लिए विद्यालय भवन में जरूरी बदलावों पर भी विचार किया जाएगा। उम्मीद है कि प्रशासन जल्द ही इस समस्या के समाधान के लिए प्रयास करेगा।
-कृष्णा फौगाट, जिला शिक्षा अधिकारी चरखी दादरी