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नशामुक्त समाज के निर्माण में युवाओं की भूमिका अहम : देवी सिंह
Sun, 17 Mar 2024 02:02 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Sun, 17 Mar 2024 02:02 AM IST
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झोझूकलां के शिविर में स्वयंसेवकों को जानकारी देते आचार्य देवी सिंह और मौजूद डॉ. अनिल सांगवान।
झोझूकलां। शहर स्थित राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय का सात दिवसीय एनएसएस शिविर आदमपुर स्थित बालानाथ आश्रम में शनिवार से शुरू हुआ। पहले दिन कॉलेज एनएसएस प्रभारी डॉ. अनिल कुमार सांगवान और डॉ. चंद्रभान की देखरेख में स्वयंसेवकों ने आश्रम परिसर की सफाई की।
आश्रम के संचालक देवी सिंह आचार्य और झोझूकलां महिला महाविद्यालय की शिक्षा समिति के पूर्व प्रधान अधिवक्ता फतेह सिंह ने शिविर का शुभारंभ किया। अधिवक्ता फतेह सिंह ने कहा कि एनएसएस स्वयं के बजाय समाज सेवा करते हुए जीने की राह दिखाता है। आचार्य देवी सिंह ने बताया कि योग हमें जीवन की राह दिखाता है। उन्होंने युवाओं से नशा मुक्त समाज का निर्माण करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि व्यसन मुक्ति जीवन जीने से हम परमात्मा के नजदीक पहुंचते हैं।
इस दौरान स्वयंसेवकों ने आश्रम परिसर की सफाई की। स्वामी योगानंद ने योग और जीवन से संबंधित विभिन्न प्रकार की क्रियाओं के बारे में बताया। डॉ. अनिल सांगवान ने कहा कि सात दिवसीय शिविर में विद्यार्थी कई कलाओं के माध्यम से जीवन के कई पक्ष जानेंगे। सात दिवसीय शिविर को सफलतापूर्वक पूरा करने के लिए प्रतिभागियों की विभिन्न समितियों का गठन किया गया।
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आश्रम के संचालक देवी सिंह आचार्य और झोझूकलां महिला महाविद्यालय की शिक्षा समिति के पूर्व प्रधान अधिवक्ता फतेह सिंह ने शिविर का शुभारंभ किया। अधिवक्ता फतेह सिंह ने कहा कि एनएसएस स्वयं के बजाय समाज सेवा करते हुए जीने की राह दिखाता है। आचार्य देवी सिंह ने बताया कि योग हमें जीवन की राह दिखाता है। उन्होंने युवाओं से नशा मुक्त समाज का निर्माण करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि व्यसन मुक्ति जीवन जीने से हम परमात्मा के नजदीक पहुंचते हैं।
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इस दौरान स्वयंसेवकों ने आश्रम परिसर की सफाई की। स्वामी योगानंद ने योग और जीवन से संबंधित विभिन्न प्रकार की क्रियाओं के बारे में बताया। डॉ. अनिल सांगवान ने कहा कि सात दिवसीय शिविर में विद्यार्थी कई कलाओं के माध्यम से जीवन के कई पक्ष जानेंगे। सात दिवसीय शिविर को सफलतापूर्वक पूरा करने के लिए प्रतिभागियों की विभिन्न समितियों का गठन किया गया।
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