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12 पीएचसी और 3 सीएचसी की सेवाओं में होगा इजाफा, साढ़े 28 लाख रुपये होंगे खर्च
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गोपी स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र।
- फोटो : CharkhiDadri
चरखी दादरी। जिले के 15 स्वास्थ्य केंद्रों पर मरीजों के लिए मूलभूत सुविधाओं को विभाग जल्द बढ़ाने जा रहा है। इस योजना के तहत 12 पीएचसी (प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र) और 3 सीएचसी (सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र) को कवर किया जाना है। अहम बात ये है कि इन सभी केंद्रों के लिए साढ़े 28 लाख रुपये का बजट तय हो चुका है और जल्द ही सुविधाएं बढ़ाने की कवायद धरातल पर शुरू हो जाएगी। इस बजट से इन केंद्रों पर पेयजल और शौचालय समेत मरीजों के बैठने की बेहतर व्यवस्थाएं की जाएंगी। कुछ पीएचसी पर तो लंबे समय से इन मूलभूत सुविधाओं की कमी बनी हुई है।
स्वास्थ्य विभाग ने अनटाइड फंड से प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों की सेवाओं में विस्तार करने की योजना बनाई है। इसके तहत प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के लिए 1.75 लाख और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के लिए 2.50 लाख रुपये का बजट तय किया गया है। बजट तय होते ही अधिकारियों ने इन केंद्रों पर जिन सेवाओं या सुविधाओं की कमी है, उनका ब्योरा मांग लिया है। जल्द ही यह ब्योरा सीएमओ कार्यालय पहुंच जाएगा और इसके तुरंत बाद स्वीकृति के साथ बजट आवंटित कर दिया जाएगा, ताकि धरातल पर मरीजों को मिलने वाली सेवाओं का दायरा बढ़ाया जा सके। विभागीय अधिकारियों के अनुसार 20 अक्तूबर तक इस योजना को अमलीजामा पहना दिया जाएगा।
इन 15 पीएचसी और सीएचसी की दैनिक ओपीडी करीब 800 से 900 के बीच रहती है। एक सीएचसी पर प्रतिदिन 100 और पीएचसी पर प्रतिदिन 35 से 40 मरीज पहुंचते हैं। इनमें से कुछ स्वास्थ्य केंद्रों पर लंबे समय से मूलभूत सुविधाओं की कमी बनी हुई है। ज्यादातर पीएचसी पर आरओ प्लांट की कमी से पेयजल की व्यवस्था नहीं है और इसका खामियाजा मरीजों के साथ स्टाफ को भुगतना पड़ रहा है। इसके अलावा शौचालयों में भी मरीजों के लिए कोई खास सेवाएं उपलब्ध नहीं हैं और इस पर अब विभाग ने फोकस किया है।
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-पीएचसी पर 21 लाख तो सीएचसी पर 7.5 लाख रुपये होंगे खर्च
जिले में 12 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र हैं। प्रत्येक केंद्र के लिए विभाग ने 1.75 लाख रुपये का बजट तय किया है और इस लिहाज से इन सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों को 21 लाख रुपये का बजट मिलेगा। इसी प्रकार सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के लिए ढाई लाख रुपये का बजट तय है और जिले के तीनों सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों को साढ़े सात लाख का बजट दिया जाएगा।
- इन गांवों में हैं सीएचसी और पीएचसी
बौंदकलां, झोझूकलां और गोपी गांव में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र हैं। इसके अलावा गांव बलकरा, कादमा, रानीला, अचीना, सांवड़, संतोकपुरा, मानकावास, इमलोटा, बाढड़ा समेत 12 गांवों में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र हैं। इनके अलावा जिले की अगर बात करें तो सिविल अस्पताल के अलावा एक मातृ-शिशु अस्पताल और 35 उप स्वास्थ्य केंद्र भी हैं।
- इन मदों पर खर्च होगा बजट
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार प्राथमिक और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों के लिए जो बजट तय हुआ है वो विभिन्न मदों पर खर्च होगा। अगर कहीं पेयजल की दिक्कत है और आरओ प्लांट नहीं है तो वहां इसकी व्यवस्था की जाएगी। इसके अलावा अगर मरीजों के लिए बैठने के लिए बेंच की दिक्कत है तो इससे उनकी भी खरीद की जा सकी। वहीं, शौचालय की व्यवस्थाओं को बेहतर करने और सुंदरीकरण भी यह बजट खर्च किया जा सकता है।
अनटाइट फंड से सीएचसी और पीएचसी के लिए बजट तय किया गया है। इस बजट से वहां मूलभूत सुविधाओं में इजाफा किया जाएगा। जल्द ही इसका पूरा प्रारूप तैयार कर लिया जाएगा।
-डॉ. संजय गुप्ता, डिप्टी सीएमओ, चरखी दादरी
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स्वास्थ्य विभाग ने अनटाइड फंड से प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों की सेवाओं में विस्तार करने की योजना बनाई है। इसके तहत प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के लिए 1.75 लाख और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के लिए 2.50 लाख रुपये का बजट तय किया गया है। बजट तय होते ही अधिकारियों ने इन केंद्रों पर जिन सेवाओं या सुविधाओं की कमी है, उनका ब्योरा मांग लिया है। जल्द ही यह ब्योरा सीएमओ कार्यालय पहुंच जाएगा और इसके तुरंत बाद स्वीकृति के साथ बजट आवंटित कर दिया जाएगा, ताकि धरातल पर मरीजों को मिलने वाली सेवाओं का दायरा बढ़ाया जा सके। विभागीय अधिकारियों के अनुसार 20 अक्तूबर तक इस योजना को अमलीजामा पहना दिया जाएगा।
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इन 15 पीएचसी और सीएचसी की दैनिक ओपीडी करीब 800 से 900 के बीच रहती है। एक सीएचसी पर प्रतिदिन 100 और पीएचसी पर प्रतिदिन 35 से 40 मरीज पहुंचते हैं। इनमें से कुछ स्वास्थ्य केंद्रों पर लंबे समय से मूलभूत सुविधाओं की कमी बनी हुई है। ज्यादातर पीएचसी पर आरओ प्लांट की कमी से पेयजल की व्यवस्था नहीं है और इसका खामियाजा मरीजों के साथ स्टाफ को भुगतना पड़ रहा है। इसके अलावा शौचालयों में भी मरीजों के लिए कोई खास सेवाएं उपलब्ध नहीं हैं और इस पर अब विभाग ने फोकस किया है।
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-पीएचसी पर 21 लाख तो सीएचसी पर 7.5 लाख रुपये होंगे खर्च
जिले में 12 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र हैं। प्रत्येक केंद्र के लिए विभाग ने 1.75 लाख रुपये का बजट तय किया है और इस लिहाज से इन सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों को 21 लाख रुपये का बजट मिलेगा। इसी प्रकार सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के लिए ढाई लाख रुपये का बजट तय है और जिले के तीनों सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों को साढ़े सात लाख का बजट दिया जाएगा।
- इन गांवों में हैं सीएचसी और पीएचसी
बौंदकलां, झोझूकलां और गोपी गांव में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र हैं। इसके अलावा गांव बलकरा, कादमा, रानीला, अचीना, सांवड़, संतोकपुरा, मानकावास, इमलोटा, बाढड़ा समेत 12 गांवों में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र हैं। इनके अलावा जिले की अगर बात करें तो सिविल अस्पताल के अलावा एक मातृ-शिशु अस्पताल और 35 उप स्वास्थ्य केंद्र भी हैं।
- इन मदों पर खर्च होगा बजट
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार प्राथमिक और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों के लिए जो बजट तय हुआ है वो विभिन्न मदों पर खर्च होगा। अगर कहीं पेयजल की दिक्कत है और आरओ प्लांट नहीं है तो वहां इसकी व्यवस्था की जाएगी। इसके अलावा अगर मरीजों के लिए बैठने के लिए बेंच की दिक्कत है तो इससे उनकी भी खरीद की जा सकी। वहीं, शौचालय की व्यवस्थाओं को बेहतर करने और सुंदरीकरण भी यह बजट खर्च किया जा सकता है।
अनटाइट फंड से सीएचसी और पीएचसी के लिए बजट तय किया गया है। इस बजट से वहां मूलभूत सुविधाओं में इजाफा किया जाएगा। जल्द ही इसका पूरा प्रारूप तैयार कर लिया जाएगा।
-डॉ. संजय गुप्ता, डिप्टी सीएमओ, चरखी दादरी

कादमा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र।- फोटो : CharkhiDadri