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Charkhi Dadri News: नागरिक अस्पताल में फर्जी बिल छपवाकर शुल्क राशि हजम करने का आरोपी सिक्योरिटी गार्ड गिरफ्तार
Fri, 07 Mar 2025 11:39 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Fri, 07 Mar 2025 11:39 PM IST
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पुलिस गिरफ्त में फर्जीवाड़े का आरोपी सिक्योरिटी गार्ड अनदीप।
चरखी दादरी। फर्जी बिल बुक छपवाकर ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने वाले आवेदकों की फीस अपने पास रखकर फर्जीवाड़ा करने वाले नागरिक अस्पताल के सिक्योरिटी गार्ड अनदीप को शहर थाना पुलिस ने गिरफ्तार किया है। शुक्रवार को आरोपी को कोर्ट में पेश कर पूछताछ के लिए एक दिन के रिमांड पर लिया गया। आरोपी की गिरफ्तारी एफएसएल से लिखाई रिपोर्ट आने के बाद हुई है।
पुलिस प्रवक्ता योगेश कुमार ने बताया कि 28 दिसंबर 2022 को मुख्यमंत्री उड़नदस्ता प्रभारी एसआई अनूप सिंह की शिकायत पर शहर थाना पुलिस ने नागरिक अस्पताल में सिक्योरिटी गार्ड अनदीप समेत मनजीत और प्रियंका के खिलाफ धारा 120-बी, 409, 420, 467, 468 व 471 के तहत केस दर्ज किया गया था। इस मामले में अब आरोपी अनदीप की गिरफ्तारी हुई है।
दरअसल, मुख्यमंत्री उड़नदस्ता को गुप्त सूचना मिली थी कि दादरी नागरिक अस्पताल के कर्मचारी ड्राइविंग लाइसेंस के मेडिकल के लिए काटे जाने वाली 100 रुपये की रसीद ऑनलाइन के बजाय हाथ से काट रहे हैं। इस फर्जीवाड़ा के लिए उन्होंने बाकायदा फर्जी रसीद बुक छपवा रखी है।
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सूचना के आधार पर मुख्यमंत्री उड़नदस्ता ने नागरिक अस्पताल में छापा मारकर फर्जीवाड़ा पकड़ा था। तीनों कर्मचारियों के खिलाफ केस भी दर्ज कराया गया था। 6 मार्च को आर्थिक अपराधा शाखा से एसआई राजेश कुमार की टीम ने आरोपी सिक्योरिटी गार्ड को गिरफ्तार कर लिया है।
हालांकि, इससे पहले शहर थाना पुलिस की ओर से मामले की जांच में ढिलाई बरती गई। सूत्रों की मानें तो असंतुष्ट अधिकारियों ने केस की फाइल दोबारा खुलवाकर जांच कराई तो आरोपी एक कर्मचारी की चूक सामने आई।
ऐसे पकड़ा गया था फर्जीवाड़ा
नागरिक अस्पताल में दबिश देकर फर्जीवाड़ा पकड़ने के साथ क्षेत्रीय परिवहन प्राधिकरण से मुख्यमंत्री उड़नदस्ता ने डाटा मांगा था। इसके अनुसार 1 अप्रैल 2021 से 31 जुलाई 2021 तक ड्राइविंग लाइसेंस के कुल 1196 आवेदन प्राप्त हुए थे। इनमें से 1176 आवेदकों के ड्राइविंग लाइसेंस की मेडिकल फीस 100 रुपये ऑनलाइन काटी गई जबकि 20 आवेदकों के ड्राइविंग लाइसेंस की मेडिकल फीस का रिकाॅर्ड ऑनलाइन व मैन्युअल नहीं मिला।
वहीं, एसडीएम कार्यालय से ड्राइविंग लाइसेंसों के कुल 567 आवेदन प्राप्त हुए। इनमें में से 399 आवेदकों के ड्राइविंग लाइसेंस की मेडिकल फीस 100 रुपये ऑनलाइन काटी गई जबकि बाकी 68 आवेदकों में से 2 की फीस ऑनलाइन कटी पाई गई जबकि 66 का कोई रिकॉर्ड नहीं मिला। इस प्रकार कर्मचारियों का फर्जीवाड़ा पकड़ में आया था। इस संबंध में केस दर्ज किया गया था।
लिखाई का हुआ मिलान, पुलिस ने तत्काल किया काबू
मुख्यमंत्री उड़नदस्ता को जांच के दौरान दो रसीदें भी बरामद हुई थीं, जिन्हें जांच के लिए मुधबन एफएसएल भेजा गया था। वहीं, इस मामले के आरोपियों समेत चार लोगों की लिखाई के नमूने भी मधुबन भेजे गए थे। चारों में से अनदीप की लिखाई का नमूना फर्जी रसीद की लिखाई से मेल खा गया और पुलिस ने उसे काबू कर लिया।
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पुलिस प्रवक्ता योगेश कुमार ने बताया कि 28 दिसंबर 2022 को मुख्यमंत्री उड़नदस्ता प्रभारी एसआई अनूप सिंह की शिकायत पर शहर थाना पुलिस ने नागरिक अस्पताल में सिक्योरिटी गार्ड अनदीप समेत मनजीत और प्रियंका के खिलाफ धारा 120-बी, 409, 420, 467, 468 व 471 के तहत केस दर्ज किया गया था। इस मामले में अब आरोपी अनदीप की गिरफ्तारी हुई है।
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दरअसल, मुख्यमंत्री उड़नदस्ता को गुप्त सूचना मिली थी कि दादरी नागरिक अस्पताल के कर्मचारी ड्राइविंग लाइसेंस के मेडिकल के लिए काटे जाने वाली 100 रुपये की रसीद ऑनलाइन के बजाय हाथ से काट रहे हैं। इस फर्जीवाड़ा के लिए उन्होंने बाकायदा फर्जी रसीद बुक छपवा रखी है।
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सूचना के आधार पर मुख्यमंत्री उड़नदस्ता ने नागरिक अस्पताल में छापा मारकर फर्जीवाड़ा पकड़ा था। तीनों कर्मचारियों के खिलाफ केस भी दर्ज कराया गया था। 6 मार्च को आर्थिक अपराधा शाखा से एसआई राजेश कुमार की टीम ने आरोपी सिक्योरिटी गार्ड को गिरफ्तार कर लिया है।
हालांकि, इससे पहले शहर थाना पुलिस की ओर से मामले की जांच में ढिलाई बरती गई। सूत्रों की मानें तो असंतुष्ट अधिकारियों ने केस की फाइल दोबारा खुलवाकर जांच कराई तो आरोपी एक कर्मचारी की चूक सामने आई।
ऐसे पकड़ा गया था फर्जीवाड़ा
नागरिक अस्पताल में दबिश देकर फर्जीवाड़ा पकड़ने के साथ क्षेत्रीय परिवहन प्राधिकरण से मुख्यमंत्री उड़नदस्ता ने डाटा मांगा था। इसके अनुसार 1 अप्रैल 2021 से 31 जुलाई 2021 तक ड्राइविंग लाइसेंस के कुल 1196 आवेदन प्राप्त हुए थे। इनमें से 1176 आवेदकों के ड्राइविंग लाइसेंस की मेडिकल फीस 100 रुपये ऑनलाइन काटी गई जबकि 20 आवेदकों के ड्राइविंग लाइसेंस की मेडिकल फीस का रिकाॅर्ड ऑनलाइन व मैन्युअल नहीं मिला।
वहीं, एसडीएम कार्यालय से ड्राइविंग लाइसेंसों के कुल 567 आवेदन प्राप्त हुए। इनमें में से 399 आवेदकों के ड्राइविंग लाइसेंस की मेडिकल फीस 100 रुपये ऑनलाइन काटी गई जबकि बाकी 68 आवेदकों में से 2 की फीस ऑनलाइन कटी पाई गई जबकि 66 का कोई रिकॉर्ड नहीं मिला। इस प्रकार कर्मचारियों का फर्जीवाड़ा पकड़ में आया था। इस संबंध में केस दर्ज किया गया था।
लिखाई का हुआ मिलान, पुलिस ने तत्काल किया काबू
मुख्यमंत्री उड़नदस्ता को जांच के दौरान दो रसीदें भी बरामद हुई थीं, जिन्हें जांच के लिए मुधबन एफएसएल भेजा गया था। वहीं, इस मामले के आरोपियों समेत चार लोगों की लिखाई के नमूने भी मधुबन भेजे गए थे। चारों में से अनदीप की लिखाई का नमूना फर्जी रसीद की लिखाई से मेल खा गया और पुलिस ने उसे काबू कर लिया।