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Charkhi Dadri News: क्लर्क और हरियाणा पुलिस में भर्ती करवाने के नाम पर 37 लाख रुपये ऐंठने का दूसरा आरोपी गिरफ्तार
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चरखी दादरी। तीन युवकों को क्लर्क और हरियाणा पुलिस में भर्ती करवाने का झांसा देकर 37 लाख रुपये ऐंठने के मामले में दादरी आर्थिक अपराध शाखा की टीम ने दूसरे आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी की पहचान यमुनानगर निवासी रविकांत पुत्र केहर सिंह के रूप में हुई है। उससे पहले दादरी पुलिस टीम इस मामले में एक आरोपी एवं सेना के जवान को पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है।
पुलिस प्रवक्ता पवन कुमार ने बताया कि फतेहगढ़ निवासी राजकपूर ने एसपी कार्यालय में एक शिकायत दी थी। शिकायतकर्ता ने बताया था कि वो भारतीय सेना में कार्यरत है। उसके साथ पंजाब के डेराबस्सी निवासी निर्मल सिंह भी नौकरी करता था। राजकपूर का तबादला हिसार डिपो का हो गया लेकिन निर्मल सिंह पंजाब स्थित दप्पर डिपो में ही तैनात रहा। राजकपूर के अनुसार उसने कई बार उससे कहा कि तेरे रिश्तेदार को क्लर्क या हरियाणा पुलिस में भर्ती करवा सकता है। उसके परिचित यमुनानगर निवासी रविकांत ये काम करवाता है।
शिकायतकर्ता के अनुसार इसके बाद उसने अपने दो भांजों और जीजा के भाई की नौकरी के लिए उन्हें 1,50,000 रुपये का एक चेक व 7,50,000 रुपये नकद दे दिए। कुछ दिनों बाद क्लर्क व हरियाणा पुलिस का टेस्ट हुआ तो निर्मल सिंह का फोन आया कि पूरी रकम देने के बाद ही भर्ती का काम पूरा होगा। इस पर राजकपूर ने 16 लाख के चार चेक और साढ़े 12 लाख नकद आरोपियों को दे दिए। राजकपूर के अनुसार इसके बाद भी उसके दोनों भांजों और जीजा के भाई राजकुमार का कहीं भी चयन नहीं हुआ। आरोपियों ने तीस लाख के चेक दिए जो बाउंस हो गए। राजकपूर की शिकायत पर पुलिस ने इस संबंध में निर्मल सिंह के खिलाफ केस दर्ज किया था।
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- मई में हुई थी आरोपी सैनिक की गिरफ्तारी
आर्थिक अपराध शाखा की टीम ने 20 मई 2023 को आरोपी निर्मल सिंह को गिरफ्तार किया था। 30 दिसंबर को पुलिस ने आरोपी रविकांत को गिरफ्तार किया है।
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पुलिस प्रवक्ता पवन कुमार ने बताया कि फतेहगढ़ निवासी राजकपूर ने एसपी कार्यालय में एक शिकायत दी थी। शिकायतकर्ता ने बताया था कि वो भारतीय सेना में कार्यरत है। उसके साथ पंजाब के डेराबस्सी निवासी निर्मल सिंह भी नौकरी करता था। राजकपूर का तबादला हिसार डिपो का हो गया लेकिन निर्मल सिंह पंजाब स्थित दप्पर डिपो में ही तैनात रहा। राजकपूर के अनुसार उसने कई बार उससे कहा कि तेरे रिश्तेदार को क्लर्क या हरियाणा पुलिस में भर्ती करवा सकता है। उसके परिचित यमुनानगर निवासी रविकांत ये काम करवाता है।
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शिकायतकर्ता के अनुसार इसके बाद उसने अपने दो भांजों और जीजा के भाई की नौकरी के लिए उन्हें 1,50,000 रुपये का एक चेक व 7,50,000 रुपये नकद दे दिए। कुछ दिनों बाद क्लर्क व हरियाणा पुलिस का टेस्ट हुआ तो निर्मल सिंह का फोन आया कि पूरी रकम देने के बाद ही भर्ती का काम पूरा होगा। इस पर राजकपूर ने 16 लाख के चार चेक और साढ़े 12 लाख नकद आरोपियों को दे दिए। राजकपूर के अनुसार इसके बाद भी उसके दोनों भांजों और जीजा के भाई राजकुमार का कहीं भी चयन नहीं हुआ। आरोपियों ने तीस लाख के चेक दिए जो बाउंस हो गए। राजकपूर की शिकायत पर पुलिस ने इस संबंध में निर्मल सिंह के खिलाफ केस दर्ज किया था।
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- मई में हुई थी आरोपी सैनिक की गिरफ्तारी
आर्थिक अपराध शाखा की टीम ने 20 मई 2023 को आरोपी निर्मल सिंह को गिरफ्तार किया था। 30 दिसंबर को पुलिस ने आरोपी रविकांत को गिरफ्तार किया है।