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Charkhi Dadri News: हर खंड के दो गांवों में चलेगा पानी बचाओ अभियान, विभागीय टीमें गठित
Wed, 17 Apr 2024 05:34 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Wed, 17 Apr 2024 05:34 AM IST
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जनस्वास्थ्य विभाग कार्यालय चरखी दादरी में बैठक करते कार्यकारी अभियंता और जिला सलाहकार।
चरखी दादरी। गर्मी के मौसम में पानी की बर्बादी रोकने और लोगों की पेयजल संबंधी समस्याओं के निदान के लिए जनस्वास्थ्य विभाग ने विशेष कार्ययोजना तैयार की है। इसके अनुसार प्रत्येक खंड के दो गांवों में पानी बचाओ अभियान चलाया जाएगा जबकि विभाग के कर्मचारी गांवों में जाकर पेयजल संबंधी समस्याओं का ब्योरा दर्ज कर त्वरित समाधान भी करेंगे। खासकर पेयजल लाइन लीकेज की समस्या पर विशेष फोकस रहेगा जिससे पानी की बर्बादी न हो और लोगों तक आपूर्ति के जरिये पर्याप्त मात्रा में पानी भेजा जा सके।
एक्सईएन शशिकांत ने मंगलवार को जिला सलाहकार राजू भूंबक के साथ मंत्रणा कर अभियान के लिए आठ गांवों का चयन किया। प्रत्येक खंड से दो गांव चुने गए हैं। अभियान के तहत समितियों का गठन किया गया है और इसमें बीआरसी, गांव से संबंधित जेई और आरएमई वर्कर शामिल रहेंगे। वहीं, ग्रामीण जल एवं स्वच्छता समिति भी गठित की गई है।
एक्सईएन शशिकांत ने बताया कि अभियान के लिए दादरी खंड से नरसिंहवास, रासीवास, बौंद खंड से मिसरी, कमोद, बाढड़ा खंड से डूडीवाला नंदकरण, सिरसली और झोझू खंड से कुब्जानगर, गुडाना गांव शामिल किए गए हैं। प्रत्येक गांव में करीब सात दिन तक विभिन्न गतिविधियां की जाएंगी।
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इस दौरान टीम हर घर जाकर लोगों से बातचीत करेगी और अवैध पेयजल कनेक्शन भी वैध किए जाएंगे। गांव में लीक लाइनों को भी दुरुस्त किया जाएगा। गांव में प्रत्येक आंगनबाड़ी केंद्र में पेयजल कनेक्शन की जांच होगी। ग्रामीण जल एवं स्वच्छता कमेटी के साथ बैठक कर पीने के पानी की आपूर्ति से संबंधित सभी मुद्दों पर विचार विमर्श कर पूरे साल की रूपरेखा तैयार की जाएगी।
बीआरसी विभाग के अधीन कार्यरत सभी कर्मचारियों के साथ समूह बैठक करेंगे और पानी की आपूर्ति एवं क्लोरीनेशन की जानकारी देंगे। गांव में नलकूप और नहरी पानी कनेक्शन की जांच कर आपूर्ति संबंधी समस्याओं का निवारण किया जाएगा।
- स्कूलों में भी आयोजित होंगे कार्यक्रम
बीआरसी खंड स्तर पर चयनित दो गांवों के प्रत्येक स्कूल में जागरूकता कार्यक्रम, कैबिनेट मीटिंग और समूह चर्चा कर पानी बचाने का संदेश दिया जाएगा। आंगनबाड़ी वर्कर के साथ बैठक कर गांव की पेयजल समस्याओं का समाधान किया जाएगा।
- महिलाओं को देंगे जल गुणवत्ता जांच प्रशिक्षण
इस दौरान बीआरसी गांव की पांच महिलाओं को जल गुणवत्ता जांचने का प्रशिक्षण देंगे और उन्हें दूषित पानी से होने वाली बीमारियों से अवगत कराया जाएगा। नियमित अंतराल पर पानी के नमूने जांचने के लिए लैब में भेजने के प्रति भी जागरूक किया जाएगा।
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एक्सईएन शशिकांत ने मंगलवार को जिला सलाहकार राजू भूंबक के साथ मंत्रणा कर अभियान के लिए आठ गांवों का चयन किया। प्रत्येक खंड से दो गांव चुने गए हैं। अभियान के तहत समितियों का गठन किया गया है और इसमें बीआरसी, गांव से संबंधित जेई और आरएमई वर्कर शामिल रहेंगे। वहीं, ग्रामीण जल एवं स्वच्छता समिति भी गठित की गई है।
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एक्सईएन शशिकांत ने बताया कि अभियान के लिए दादरी खंड से नरसिंहवास, रासीवास, बौंद खंड से मिसरी, कमोद, बाढड़ा खंड से डूडीवाला नंदकरण, सिरसली और झोझू खंड से कुब्जानगर, गुडाना गांव शामिल किए गए हैं। प्रत्येक गांव में करीब सात दिन तक विभिन्न गतिविधियां की जाएंगी।
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इस दौरान टीम हर घर जाकर लोगों से बातचीत करेगी और अवैध पेयजल कनेक्शन भी वैध किए जाएंगे। गांव में लीक लाइनों को भी दुरुस्त किया जाएगा। गांव में प्रत्येक आंगनबाड़ी केंद्र में पेयजल कनेक्शन की जांच होगी। ग्रामीण जल एवं स्वच्छता कमेटी के साथ बैठक कर पीने के पानी की आपूर्ति से संबंधित सभी मुद्दों पर विचार विमर्श कर पूरे साल की रूपरेखा तैयार की जाएगी।
बीआरसी विभाग के अधीन कार्यरत सभी कर्मचारियों के साथ समूह बैठक करेंगे और पानी की आपूर्ति एवं क्लोरीनेशन की जानकारी देंगे। गांव में नलकूप और नहरी पानी कनेक्शन की जांच कर आपूर्ति संबंधी समस्याओं का निवारण किया जाएगा।
- स्कूलों में भी आयोजित होंगे कार्यक्रम
बीआरसी खंड स्तर पर चयनित दो गांवों के प्रत्येक स्कूल में जागरूकता कार्यक्रम, कैबिनेट मीटिंग और समूह चर्चा कर पानी बचाने का संदेश दिया जाएगा। आंगनबाड़ी वर्कर के साथ बैठक कर गांव की पेयजल समस्याओं का समाधान किया जाएगा।
- महिलाओं को देंगे जल गुणवत्ता जांच प्रशिक्षण
इस दौरान बीआरसी गांव की पांच महिलाओं को जल गुणवत्ता जांचने का प्रशिक्षण देंगे और उन्हें दूषित पानी से होने वाली बीमारियों से अवगत कराया जाएगा। नियमित अंतराल पर पानी के नमूने जांचने के लिए लैब में भेजने के प्रति भी जागरूक किया जाएगा।