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Charkhi Dadri News: हमलों के बाद बैकफुट पर आरटीए टीम...
Sat, 17 Jun 2023 12:14 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Sat, 17 Jun 2023 12:14 AM IST
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भिवानी-रावलधी बाईपास से गुजरते भारी वाहन।
चरखी दादरी। ओवरलोड वाहनों पर कार्रवाई करने वाली आरटीए टीम माफिया के निशाने पर है। अब तो ओवरलोड माफिया टीम का पीछा कर हाथापाई करने से भी बाज नहीं आ रहा। जून माह में इस तरह की तीन घटनाएं हो चुकी हैं और इसका असर आरटीए की कार्रवाई पर नजर आ रहा है। संवाददाता की पड़ताल में सामने आया कि हमलों के बाद आरटीए टीम बैकफुट पर है। वहीं, अब तक टीम के साथ हुईं घटनाओं की बात करें तो सहायक सचिव निशाने पर हैं। हालांकि हर घटना के बाद उनकी ओर से एफआईआर दर्ज कराई जा रही है और कुछ मामलों में पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार भी किया है।
जून की बात करें तो पहले 12 दिन में आरटीए टीम ने पीछा करने, दुर्व्यवहार करने और मारपीट करने संबंधी तीन मामले दर्ज कराए हैं। ये मामले भिवानी समेत झोझूकलां और दादरी सदर थाने में दर्ज कराए गए हैं। फिलहाल इन मामलों में किसी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। इन हमलों का असर आरटीए टीम की कार्रवाई पर देखने को मिल रहा है। वहीं, आरटीए विभाग की ओर से पुलिस सुरक्षा की भी मांग की गई है।
संवाददाता की पड़ताल में सामने आया कि एक से 12 जून तक टीम ने कुल 144 चालान किए हैं। इनकी एवज में 59,73,600 रुपये जुर्माना लगाया गया है। अब अगर इन चालान की ओवरऑल स्थिति देखें तो 7 जून के बाद कमी आई है जबकि तीनों हमले इससे पहले हुए हैं। एक से 7 जून तक टीम ने 117 चालान कर 50,75,000 रुपये जुर्माना लगाया। वहीं, 7 से 12 जून तक महज 27 चालान किए गए और इनकी एवज में 8,98,600 रुपये जुर्माना लगाया गया। ऐसे में स्पष्ट है कि हमलों के बाद से टीम की कार्रवाई धीमी हुई है।
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- ढाई माह में सहायक सचिव के साथ हुईं 10 वारदात
कुलदीप सिंह ने गत अप्रैल माह में दादरी आरटीए सहायक सचिव का पदभार संभाला था। इसके बाद से ही वो ओवरलोड माफिया के निशाने पर हैं। इस ढाई माह की अवधि के दौरान उनके साथ 10 वारदात हो चुकी हैं। इनमें टीम का बिना नंबर प्लेट की गाड़ी से पीछा करने और मौका पाकर टीम की गाड़ी रुकवाकर धमकी देने की वारदातें भी शामिल हैं। एक आरोपी को तो टीम ने मौके पर ही पकड़कर पुलिस के हवाले भी किया है।
जानिये...कब-कब हुई टीम के साथ वारदात
- 9 मई को ओवरलोड वाहन का चालान करने पर होटल मालिक टीम से उलझ पड़ा और रोड पर मरवा देने तक की धमकी दी। आरोपी के खिलाफ भी सहायक सचिव ने केस दर्ज करवाया था।
- 6 मई की रात दादरी-लोहारू रोड पर चेकिंग कर रही आरटीए टीम का 5 गाड़ियाें से पीछा किया गया। एक गाड़ी सवार को टीम ने पकड़ा और उसके मोबाइल में व्हाट्सएप ग्रुप मिले।
- 24 मई को चेकिंग कर रही टीम को धमकी दी गई थी। उस दौरान डायल 112 पर सूचना देने पर आरोपी वहां से फरार हो गए थे। बाद में आरटीए सहायक सचिव ने लिखित शिकायत पुलिस को दी थी।
- 5 जून को झोझूं-बीजणा रोड पर भी स्कॉर्पियो सवार ने आरटीए सहायक सचिव टीम को धमकी दी थी। आरोपी ने अपनी गाड़ी सामने अड़ाकर ओवरलोड वाहनों की चेकिंग बंद करने को कहा था।
- मई में पुलिस ने गिरफ्तार किए थे 6 आरोपी
एक मई को आरटीए टीम का पीछा कर दुर्व्यवहार करने पर पुलिस ने चार आरोपियों को दबोचा था। इसके बाद आरटीए टीम का पीछा करने के एक और आरोपी की गिरफ्तारी हुई। इसके बाद पुलिस ने दो और आरोपियों को गिरफ्तार कियसा। आरोपियों के मोबाइल में तीन व्हाट्सएप ग्रुप मिले थे, जिनमें टीम की लोकेशन शेयर कर ओवरलोड वाहनों को निकलवाने की बात सामने आई थी।
- अधिकारियों की गाड़ी में लगा चुके जीपीएस
करीब एक साल पहले आरटीए अधिकारियों की गाड़ी में जीपीएस तक लगा मिल चुका है। ये जीपीएस डिवाइस ओवरलोड माफिया की ओर से मौका पाकर लगाई गई थी। इसके बाद तो उन्हें गाड़ियों का पीछा करने तक की जरूरत नहीं पड़ी। हालांकि यह चालाकी पकड़ में आने के बाद उन्होंने फिर से पीछा शुरू कर दिया।
फिलहाल टीमें पुलिस सुरक्षा के साथ चेकिंग कर रही हैं, मुझे जो धमकियां दी गई थी, उसके अनुसार हमला भी किया गया। ओवरलोड वाहनों की चेकिंग को लेकर आरटीए ही कुछ बता सकती हैं।
-कुलदीप, आरटीए, सहसचिव, चरखी दादरी।
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जून की बात करें तो पहले 12 दिन में आरटीए टीम ने पीछा करने, दुर्व्यवहार करने और मारपीट करने संबंधी तीन मामले दर्ज कराए हैं। ये मामले भिवानी समेत झोझूकलां और दादरी सदर थाने में दर्ज कराए गए हैं। फिलहाल इन मामलों में किसी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। इन हमलों का असर आरटीए टीम की कार्रवाई पर देखने को मिल रहा है। वहीं, आरटीए विभाग की ओर से पुलिस सुरक्षा की भी मांग की गई है।
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संवाददाता की पड़ताल में सामने आया कि एक से 12 जून तक टीम ने कुल 144 चालान किए हैं। इनकी एवज में 59,73,600 रुपये जुर्माना लगाया गया है। अब अगर इन चालान की ओवरऑल स्थिति देखें तो 7 जून के बाद कमी आई है जबकि तीनों हमले इससे पहले हुए हैं। एक से 7 जून तक टीम ने 117 चालान कर 50,75,000 रुपये जुर्माना लगाया। वहीं, 7 से 12 जून तक महज 27 चालान किए गए और इनकी एवज में 8,98,600 रुपये जुर्माना लगाया गया। ऐसे में स्पष्ट है कि हमलों के बाद से टीम की कार्रवाई धीमी हुई है।
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- ढाई माह में सहायक सचिव के साथ हुईं 10 वारदात
कुलदीप सिंह ने गत अप्रैल माह में दादरी आरटीए सहायक सचिव का पदभार संभाला था। इसके बाद से ही वो ओवरलोड माफिया के निशाने पर हैं। इस ढाई माह की अवधि के दौरान उनके साथ 10 वारदात हो चुकी हैं। इनमें टीम का बिना नंबर प्लेट की गाड़ी से पीछा करने और मौका पाकर टीम की गाड़ी रुकवाकर धमकी देने की वारदातें भी शामिल हैं। एक आरोपी को तो टीम ने मौके पर ही पकड़कर पुलिस के हवाले भी किया है।
जानिये...कब-कब हुई टीम के साथ वारदात
- 9 मई को ओवरलोड वाहन का चालान करने पर होटल मालिक टीम से उलझ पड़ा और रोड पर मरवा देने तक की धमकी दी। आरोपी के खिलाफ भी सहायक सचिव ने केस दर्ज करवाया था।
- 6 मई की रात दादरी-लोहारू रोड पर चेकिंग कर रही आरटीए टीम का 5 गाड़ियाें से पीछा किया गया। एक गाड़ी सवार को टीम ने पकड़ा और उसके मोबाइल में व्हाट्सएप ग्रुप मिले।
- 24 मई को चेकिंग कर रही टीम को धमकी दी गई थी। उस दौरान डायल 112 पर सूचना देने पर आरोपी वहां से फरार हो गए थे। बाद में आरटीए सहायक सचिव ने लिखित शिकायत पुलिस को दी थी।
- 5 जून को झोझूं-बीजणा रोड पर भी स्कॉर्पियो सवार ने आरटीए सहायक सचिव टीम को धमकी दी थी। आरोपी ने अपनी गाड़ी सामने अड़ाकर ओवरलोड वाहनों की चेकिंग बंद करने को कहा था।
- मई में पुलिस ने गिरफ्तार किए थे 6 आरोपी
एक मई को आरटीए टीम का पीछा कर दुर्व्यवहार करने पर पुलिस ने चार आरोपियों को दबोचा था। इसके बाद आरटीए टीम का पीछा करने के एक और आरोपी की गिरफ्तारी हुई। इसके बाद पुलिस ने दो और आरोपियों को गिरफ्तार कियसा। आरोपियों के मोबाइल में तीन व्हाट्सएप ग्रुप मिले थे, जिनमें टीम की लोकेशन शेयर कर ओवरलोड वाहनों को निकलवाने की बात सामने आई थी।
- अधिकारियों की गाड़ी में लगा चुके जीपीएस
करीब एक साल पहले आरटीए अधिकारियों की गाड़ी में जीपीएस तक लगा मिल चुका है। ये जीपीएस डिवाइस ओवरलोड माफिया की ओर से मौका पाकर लगाई गई थी। इसके बाद तो उन्हें गाड़ियों का पीछा करने तक की जरूरत नहीं पड़ी। हालांकि यह चालाकी पकड़ में आने के बाद उन्होंने फिर से पीछा शुरू कर दिया।
फिलहाल टीमें पुलिस सुरक्षा के साथ चेकिंग कर रही हैं, मुझे जो धमकियां दी गई थी, उसके अनुसार हमला भी किया गया। ओवरलोड वाहनों की चेकिंग को लेकर आरटीए ही कुछ बता सकती हैं।
-कुलदीप, आरटीए, सहसचिव, चरखी दादरी।