{"_id":"66219b13e6d1b4a7b2006dc6","slug":"religious-programs-on-the-occasion-of-mahavir-jayanti-charkhi-dadri-news-c-126-1-cdr1001-116482-2024-04-19","type":"story","status":"publish","title_hn":"कामयाबी पाने के लिए आलोचक होना जरूरी : साध्वी ज्योतिश्री","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कामयाबी पाने के लिए आलोचक होना जरूरी : साध्वी ज्योतिश्री
Fri, 19 Apr 2024 03:43 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Fri, 19 Apr 2024 03:43 AM IST
विज्ञापन
चरखी दादरी। नगर स्थित जैन स्थानक परिसर में महावीर स्वामी जयंती के उपलक्ष्य में धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। इसका शुभारंभ वीरवार को हुआ। इस कार्यक्रम में साध्वी ज्योति मुक्ताश्री, मंगलश्री, मणिश्री और मैत्रीश्री ने श्रद्धालुओं को आलोचक की भूमिका बताई।
साध्वी ने कहा कि जिंदगी में कभी कोई आपकी आलोचना या निंदा करे तो कभी घबराना नहीं चाहिए। हर किसी के जीवन में दो-चार आलोचक होने जरूरी हैं। जीवन में आलोचक के बिना आदमी लापरवाह हो जाता है और गैर कार्य करने लगता है। ऐसे में निंदक हमें सावधान करता है। उन्होंने कहा कि लोग उसी पेड़ पर पत्थर फेंकते हैं, जिस पर मीठे फल लगे होते हैं। इसी प्रकार दुनिया में आलोचना भी उसी व्यक्ति की होती है जो कुछ करने का दम रखता है।
उन्होंने कहा कि आज का इंसान अपने दुखों से इतना ज्यादा दुखी नहीं है जितना दूसरों के सुखों को देखकर दुखी है। अगर हम दूसरों के लिए मांगते हैं तो हमें कभी अपने लिए मांगने की जरूरत नहीं पड़ेगी। किसी की अच्छी बात सुनने पर लोग विश्वास नहीं करते और आसपास पूछताछ करते हैं लेकिन अगर किसी की कोई बुराई सामने आ जाए तो वे उस पर तत्काल भरोसा कर लेते हैं।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि कान भरना और उकसाने की आदतें बड़ी खतरनाक हैं। ऐसे लोगों से हमेशा उचित दूरी बनाकर रखनी चाहिए। इस मौके पर अभय जैन, नैना, सविता जैन, मंजू सैनी, प्रेमलता जैन, इंद्र जैन, ललित जैन, मांगेराम सैनी, राकेश गुप्ता आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
साध्वी ने कहा कि जिंदगी में कभी कोई आपकी आलोचना या निंदा करे तो कभी घबराना नहीं चाहिए। हर किसी के जीवन में दो-चार आलोचक होने जरूरी हैं। जीवन में आलोचक के बिना आदमी लापरवाह हो जाता है और गैर कार्य करने लगता है। ऐसे में निंदक हमें सावधान करता है। उन्होंने कहा कि लोग उसी पेड़ पर पत्थर फेंकते हैं, जिस पर मीठे फल लगे होते हैं। इसी प्रकार दुनिया में आलोचना भी उसी व्यक्ति की होती है जो कुछ करने का दम रखता है।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि आज का इंसान अपने दुखों से इतना ज्यादा दुखी नहीं है जितना दूसरों के सुखों को देखकर दुखी है। अगर हम दूसरों के लिए मांगते हैं तो हमें कभी अपने लिए मांगने की जरूरत नहीं पड़ेगी। किसी की अच्छी बात सुनने पर लोग विश्वास नहीं करते और आसपास पूछताछ करते हैं लेकिन अगर किसी की कोई बुराई सामने आ जाए तो वे उस पर तत्काल भरोसा कर लेते हैं।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि कान भरना और उकसाने की आदतें बड़ी खतरनाक हैं। ऐसे लोगों से हमेशा उचित दूरी बनाकर रखनी चाहिए। इस मौके पर अभय जैन, नैना, सविता जैन, मंजू सैनी, प्रेमलता जैन, इंद्र जैन, ललित जैन, मांगेराम सैनी, राकेश गुप्ता आदि मौजूद रहे।