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Charkhi Dadri News: जिले की मंडियों में बाजरा की रिकॉर्ड आवक

Mon, 10 Nov 2025 01:57 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी Updated Mon, 10 Nov 2025 01:57 AM IST
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Record arrival of millet in the district's markets
दादरी की नई अनाज मंडी में सड़क पर रखी फसल। 
चरखी दादरी। दादरी जिला में इस बार बाजरा की बंपर आवक हुई है। दो महीने पहले जिले में हुई भारी बारिश के कारण काफी मात्रा में बाजरा खराब हुआ था। ऐसे में अनुमान लगाया जा रहा था कि इस बार बाजरे की आवक कम होगी, लेकिन इसके विपरीत मंडी में बाजरा की रिकॉर्ड आवक हुई।
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अनुमान के अनुसार बाजरे की आवक 5 लाख क्विंटल से नीचे रहने की उम्मीद थी, लेकिन अब तक 6 लाख 34 हजार क्विंटल की आवक हो चुकी है। अभी भी किसान मंडियों के बाहर लाइनों में लगे दिखाई दे रहे है। शनिवार व रविवार को मंडी में खरीद प्रक्रिया को बंद रखा गया। सोमवार को फिर से खरीद शुरू होगी।
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केवल निजी फर्मों ने खरीदा बाजरा
जिला की मंडियों में इस बार बाजरा की सरकारी खरीद सुस्त और निजी एजेंसियों की ओर से भारी मात्रा में खरीद जारी है। मार्केट कमेटी दादरी की रिपोर्ट के अनुसार जिले में कुल 6 लाख 34 हजार क्विंटल बाजरा की आवक हुई है। इसमें से 6 लाख 20 हजार 927 क्विंटल बाजरा की निजी खरीद दर्ज की गई है। वहीं, सरकारी एजेंसियों की ओर से एक भी क्विंटल बाजरा की खरीद नहीं हुई है।
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जानिए... कहां कितनी खरीद
दादरी मंडी में अभी तक 3,91,839 क्विंटल, बाढड़ा मंडी में 1,07,695 क्विंटल और झोझू कलां मंडी में 1,21,393 क्विंटल बाजरा की निजी खरीद दर्ज की गई है। जिले की तीनों मंडियों में खरीदे गए 6.20 लाख क्विंटल बाजरा में से 100 प्रतिशत निजी व्यापारियों द्वारा खरीदा गया है। मंंडियों में बाजरे व कपास के ढेर लगे हुए हैं।
अन्य जिलों से हुई बाजरे की आवक
दादरी जिले में बाजरे की आवक ज्यादा होने के कई कारण माने जा रहे है। इसके में प्रमुख कारण है कि दादरी मंडी में आढती ज्यादा है, इस कारण किसानों को फसल बेचने के ज्यादा विकल्प मिल रहे हैं। इसके अलावा मंडी में आसपास के जिलों से 100 से 200 रुपये प्रति क्विंटल ज्यादा भाव मिल रहे हैं। जिसके कारण अन्य जिलों से भी किसान दादरी फसल बेचने आए।
भावांतर मूल्य लेने के लिए बढ़ी भीड़
पिछले वर्षों की तुलना में इस बार मंडियों में बाजरे की ज्यादा खरीद हुई है। इस बार जिले में खूब बारिश हुई, इसके बावजूद 6 लाख क्विंटल से ज्यादा बाजरे की खरीद हो चुकी है। सरकार की ओर से किसानों को भावांतर भरपाई के लिए 575 रुपये की राशि प्रति क्विंटल दी जा रही है। इस योजना का लाभ लेने के लिए भी किसान मंडी के जरिए निजी फर्मों को बाजरा की फसल बेच रहे हैं।


मंडी में पिछले दिनों अन्य जिलों से किसान फसल बेचने के लिए आए, जिसके कारण आवक ज्यादा दर्ज की गई। कपास, धान व बाजरे की ज्यादा आवक होने के कारण रास्ते ब्लॉक हो गए है, जिसके कारण शनिवार को खरीद बंद रखी गई। एक दो दिन में कपास की खरीद शुरू हो जाएगी।
-विजय कुमार, सचिव, मार्केट कमेटी दादरी।
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