फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Charkhi Dadri News ›   Ramlila: King Dasharatha died in the separation of son Ram

रामलीला : पुत्र राम के वियोग में राजा दशरथ के निकले प्राण

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 12 Oct 2021 12:06 AM IST
विज्ञापन
Ramlila: King Dasharatha died in the separation of son Ram
रामलीला में श्रीराम और भरत संवाद का मंचन करते कलाकार। - फोटो : CharkhiDadri
चरखी दादरी। रामलीला ग्राउंड में रविवार को रामलीला मंचन के तहत कलाकारों ने विभिन्न प्रसंगों का मंचन किया। पुत्र राम के वियोग में राजा दशरथ का प्राण त्यागने और श्री राम-भरत संवाद की प्रस्तुति ने दर्शकों को भावुक कर दिया। मुख्य अतिथि के रूप में महाबीर शर्मा और रविंद्र गुप्ता ने शिरकत की।
विज्ञापन

मंच के माध्यम से कलाकारों द्वारा राम के वनवास गमन के उपरांत पुत्र वियोग में महाराज दशरथ की मृत्यु होना, राम, सीता व लक्ष्मण को केवट द्वारा नदी को पार करवाना व भगवान द्वारा उसे भव सागर से पाल लगा देने की विनती का सजीवता से चित्रण किया गया। इसके अलावा राजा दशरथ की मृत्यु के बाद दाह संस्कार व अन्य रीति रिवाजों के निर्वहन के लिए दूत भेजकर भरत व शत्रुघ्न को ननिहाल से वापस बुलाना, अयोध्या लौटने पर नगरवासियों द्वारा उपेक्षा पूर्ण व्यवहार करना, महल पहुंचने पर मंथरा का खुशी जताना, माता कैकेयी से शत्रुघ्न का भला- बुरा कहना आदि प्रसंगों के जरिये दर्शकों ने लीलाओं का आनंद लिया। माता कौशल्या से जाकर भरत का मिलना व समस्त दुखद परिस्थितियों के लिए अपने आप को जिम्मेदार बताने के मंचन से दर्शक भावुक हो गए। इसके बाद अयोध्यावासियों और सभी माताओं को साथ लेकर भरत और शत्रुघ्न बड़े भाई राम और लक्ष्मण व माता सीता को लेने के लिए वन में जाते हैं, लेकिन श्रीराम पिता की आज्ञा बताकर वनवास की समय अवधि पूरी होने के बाद ही अयोध्या लौटने की बात कहते हैं। बार-बार आग्रह करने के बाद भी वे अपने फैसले पर अडिग रहते हैं। इसके बाद भरत का बड़े भाई श्रीराम की चरण पादुकाएं सिर पर रखकर अयोध्या लौटने तक की लीला का मंचन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता श्री रामलीला कमेटी प्रधान उमेद सिंह प्रजापत ने की।
विज्ञापन

इस मौके पर राधेश्याम बीकानेरिया, चेयरमैन मनोज वर्मा, राहुल मराठा, वरिष्ठ उपप्रधान रिंपी फौगाट, उपप्रधान जयभगवान मस्ताना, रोहताश शर्मा, महासचिव राजकुमार बंसल, सचिव रवि फौगाट, कोषाध्यक्ष शिव कुमार शर्मा, सह कोषाध्यक्ष अखिलेश बंसल, स्टेज कवि राधेश्याम बीकानेरिया, भोजराज शास्त्री, डायरेक्टर हरीश गर्ग, हरिओम बंसल, कथा वाचक रोहताश गुप्ता, राजेश खंचाजी, प्रेस प्रवक्ता सुरेंद्र शर्मा आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed