फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Charkhi Dadri News ›   Public Health Department removed the objections of three schemes worth 60.68 crores and sent the file to the headquarters

जनस्वास्थ्य विभाग ने 60.68 करोड़ की तीन योजनाओं के ऑब्जेक्शन हटाकर मुख्यालय भेजी फाइल

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 18 May 2022 10:39 PM IST
विज्ञापन
Public Health Department removed the objections of three schemes worth 60.68 crores and sent the file to the headquarters
सीवर व्यवस्था ठप होने से पुरानी सब्जी मंडी रोड पर भरा दूषित पानी। - फोटो : CharkhiDadri
चरखी दादरी। बारिश के पानी के संचय समेत सीवर व पेयजल परियोजनाओं की फाइल पर लगाए गए ऑब्जेक्शन जन स्वास्थ्य विभाग ने दूर कर लिए हैं। तीनों परियोजनाओं की फाइल पर अब दोबारा से मुख्यालय भेजी गई है, ताकि स्वीकृति और बजट की औपचारिकता पूरी कर जल्द तीनों परियोजनाओं पर काम शुरू करवाया जा सके। इन परियोजनाओं पर 60 करोड़ 68 लाख रुपये खर्च होने हैं और इनके तहत शहर वासियों को पेयजल व सीवर समस्याओं से छुटकारा मिलना है।
विज्ञापन

दादरी शहर की अगर बात करें तो सीवर और पेयजल सबसे बड़ी समस्या है। शहर के 30 फीसदी क्षेत्र में दूषित पानी की आपूर्ति हो रही है और सीवर मिक्स पानी घरों में पहुंचने से लोग परेशान हैं। इसके अलावा 70 फीसदी शहर में सीवर व्यवस्था चरमराई हुई है। इन दोनों समस्याओं के समाधान पर अब विभाग 45 करोड़ 72 लाख रुपये खर्च करेगा। इसके तहत दोनों परियोजनाओं की फाइल पर लगाई गई आपत्तियां विभाग ने दूर कर दी हैं और इसकी पुष्टि एक्सईएन रमेशचंद्र गौड़ ने की है।
विज्ञापन

शहर में पेयजल संकट का कारण कम भंडारण क्षमता होना है। इसके अलावा चार दशक पहले डाली गई पेयजल लाइनें भी जर्जर हो चुकी हैं। इन्हें बदलने की सख्त जरूरत है और लोगों की इस मांग को देखते हुए ही विभाग ने 39 करोड़ आठ लाख की पेयजल परियोजना तैयार की है। वहीं, स्ट्रॉम वॉटर परियोजनाओं के तहत बरसात के पानी का संचय किया जाएगा और इसके तहत पाइप लाइन डाली जाएगी। इस प्रोजेक्ट पर करीब 14 करोड़ 96 लाख का बजट खर्च होना है।
विज्ञापन
विज्ञापन

6 करोड़ 64 लाख से बदली जाएंगी सीवर लाइनें
सीवर समस्या के समाधान की परियोजना की फाइल विभाग ने सलाहकार के पास भेज दी है। सलाहकार दस दिन में आपत्तियां हटाकर वापस विभाग के पास भेजेगा और फिर विभाग फाइल को तुरंत प्रभाव से मुख्यालय भेज देगा। इस परियोजना के तहत छह करोड़ 64 लाख रुपये का बजट खर्च होना है और इसके तहत जर्जर सीवर लाइनें बदली जानी हैं।
पेयजल भंडारण क्षमता बढ़ने का लंबे समय से इंतजार
शहर में दो जलघर हैं, जिनकी पेयजल भंडारण क्षमता 3750 लाख लीटर है। शहर की आबादी के अनुसार करीब 7500 लाख लीटर भंडारण क्षमता की दरकार है और इसके मद्देनजर विभाग ने तीन बड़े टैंक बनाने की योजना तैयार की है। पहले विभाग की दो टैंक बनाने की योजना थी, लेकिन बाद में मुख्यालय के निर्देशानुसार तीन टैंक बनाने की योजना तैयार की गई है। पेयजल परियोजना पर 39 करोड़ से अधिक राशि खर्च होगी और नए टैंकों को पाइपलाइन के जरिये सीधे नहरों से जोड़ा जाएगा।
जल्द काम शुरू नहीं हुआ तो मानसून में बिगड़ेंगे हालात -
आगामी मानसून सीजन को देखते हुए सीवर समस्याओं के समाधान की दरकार है और यह काम विभाग को जल्द से जल्द शुरू करना चाहिए। अगर अब इसमें देरी हुई तो मानसून के दौरान इस साल भी शहरवासियों को जलभराव का सामना करना पड़ेगा। इस समय शहर में 60 से अधिक सीवर मैनहोल बैक मार रहे हैं, जिससे लाइनों की गंदगी सड़कों पर आई हुई है।

वर्जन
स्ट्रॉम वाटर, पेयजल और सीवर परियोजनाओं की फाइल दोबारा से हमने मुख्यालय भेज दी है। वहां से स्वीकृति और बजट मिलते ही इन परियोजनाओं पर काम शुरू करवा दिया जाएगा। पेयजल और सीवर व्यवस्था में सुधार के लिए हम लगातार प्रयासरत हैं।
- रमेशचंद्र गौड़, एक्सईएन, जनस्वास्थ्य विभाग।
सीवर व्यवस्था ठप होने से पुरानी सब्जी मंडी रोड पर भरा दूषित पानी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed