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Charkhi Dadri News: बिरही कलां में लोहारू नहर के साथ प्रस्तावित रिजर्व टैंक निर्माण का प्रोजेक्ट हुआ रद्द
Tue, 04 Jul 2023 12:03 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Tue, 04 Jul 2023 12:03 AM IST
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चरखी दादरी की मेन लोहारू कैनाल।
चरखी दादरी। सिंचाई विभाग का गांव बिरही कलां में लोहारू नहर के समीप प्रस्तावित रिजर्व टैंक निर्माण का प्रोजेक्ट रद्द हो गया है। यहां करीब 10 एकड़ क्षेत्र में यह टैंक बनना था। इस क्षेत्र में जलस्तर काफी ऊंचा होने की वजह से यह प्रोजेक्ट रद्द हुआ है। नहर ओवरफ्लो होने की स्थिति में रिजर्व टैंक में ही पानी डाला जाता है। अब सिंचाई विभाग के पास लोहारू कैनाल के साथ गांव रावलधी में 52 एकड़ में बना रिजर्व टैंक ही बचा है। मानसून सीजन में पावर कट होने पर कई बार नहरें ओवरफ्लो हो जाती हैं और ऐसी स्थिति में रिजर्व टैंक में पानी डालना पड़ता है।
मानसून सीजन शुरू हो गया है। मानसून की पहली बारिश हो चुकी है। पहली बारिश से ही शहर व गांवों में जलभराव की समस्या बन रही है। शहर में हालात ज्यादा खराब बने हुए हैं। कई गांवों में भी जलभराव की समस्या बन रही है। गांवों में खेतों व आवासीय बस्तियों का पानी पंप व मोटर से उठाकर ड्रेनों में डाला जाता है। ड्रेनों से इस पानी को नहरों में डाल दिया जाता है। इस प्रकार मानसून सीजन में नहरों में करीब तीन माह तक पानी लगातार चलता है। नहर ओवरफ्लो की स्थिति में सिंचाई विभाग रिजर्व टैंकों में भी पानी डालता है ताकि आसपास के गांवों में पानी न घुसने पाए और नुकसान न हो।
विभाग ने करीब दो साल पहले लोहारू नहर के साथ गांव बिरही कलां में करीब दस एकड़ में रिजर्व टैंक बनाने का प्रोजेक्ट तैयार किया था। अब यह प्रोजेक्ट रद्द हो गया है। इसके पीछे तर्क है इस क्षेत्र में जमीनी वाटर लेवल काफी ऊपर है। चव्वा की समस्या होने पर इस प्रोजेक्ट को रद्द कर दिया गया है। मानसून सीजन के बाद विभाग रिजर्व टैंक को मछली पालन के लिए इस्तेमाल करवाता है। इस समय लोहारू नहर के समीप बने रिजर्व टैंक में पानी तो भरा है लेकिन मात्रा कम है। अब विभाग इसे मानसून सीजन में इस्तेमाल करेगा। यह टैंक 52 एकड़ में बना है।
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- जिला में 68 नहरें
जिले में करीब 68 नहरें हैं जिनमें लोहारू कैनाल मेन है। इसके अलावा बधवाना डिस्ट्रीब्यूटरी, मैहड़ा डिस्ट्रीब्यूटरी, सतनाली फीडर, लोहारू फीडर, कितलाना डिस्ट्रीब्यूटरी, बौंदकलां डिस्ट्रीब्यूटरी सहित माइनर व सब माइनर हैं। मानसून सीजन में इन सभी नहरों में पानी छोड़ना पड़ता है।
बिरही कलां रिजर्व टैंक के प्रोजेक्ट को रद्द करना पड़ा है। इस क्षेत्र में भूमिगत जलस्तर काफी ऊंचा होने की वजह से दिक्कत आई है। यह तराई एरिया है। मानसून सीजन में इस क्षेत्र के गांवों में जलभराव की समस्या बन जाती है।
-वेदपाल सांगवान, एक्सईएन, सिंचाई विभाग
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मानसून सीजन शुरू हो गया है। मानसून की पहली बारिश हो चुकी है। पहली बारिश से ही शहर व गांवों में जलभराव की समस्या बन रही है। शहर में हालात ज्यादा खराब बने हुए हैं। कई गांवों में भी जलभराव की समस्या बन रही है। गांवों में खेतों व आवासीय बस्तियों का पानी पंप व मोटर से उठाकर ड्रेनों में डाला जाता है। ड्रेनों से इस पानी को नहरों में डाल दिया जाता है। इस प्रकार मानसून सीजन में नहरों में करीब तीन माह तक पानी लगातार चलता है। नहर ओवरफ्लो की स्थिति में सिंचाई विभाग रिजर्व टैंकों में भी पानी डालता है ताकि आसपास के गांवों में पानी न घुसने पाए और नुकसान न हो।
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विभाग ने करीब दो साल पहले लोहारू नहर के साथ गांव बिरही कलां में करीब दस एकड़ में रिजर्व टैंक बनाने का प्रोजेक्ट तैयार किया था। अब यह प्रोजेक्ट रद्द हो गया है। इसके पीछे तर्क है इस क्षेत्र में जमीनी वाटर लेवल काफी ऊपर है। चव्वा की समस्या होने पर इस प्रोजेक्ट को रद्द कर दिया गया है। मानसून सीजन के बाद विभाग रिजर्व टैंक को मछली पालन के लिए इस्तेमाल करवाता है। इस समय लोहारू नहर के समीप बने रिजर्व टैंक में पानी तो भरा है लेकिन मात्रा कम है। अब विभाग इसे मानसून सीजन में इस्तेमाल करेगा। यह टैंक 52 एकड़ में बना है।
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- जिला में 68 नहरें
जिले में करीब 68 नहरें हैं जिनमें लोहारू कैनाल मेन है। इसके अलावा बधवाना डिस्ट्रीब्यूटरी, मैहड़ा डिस्ट्रीब्यूटरी, सतनाली फीडर, लोहारू फीडर, कितलाना डिस्ट्रीब्यूटरी, बौंदकलां डिस्ट्रीब्यूटरी सहित माइनर व सब माइनर हैं। मानसून सीजन में इन सभी नहरों में पानी छोड़ना पड़ता है।
बिरही कलां रिजर्व टैंक के प्रोजेक्ट को रद्द करना पड़ा है। इस क्षेत्र में भूमिगत जलस्तर काफी ऊंचा होने की वजह से दिक्कत आई है। यह तराई एरिया है। मानसून सीजन में इस क्षेत्र के गांवों में जलभराव की समस्या बन जाती है।
-वेदपाल सांगवान, एक्सईएन, सिंचाई विभाग