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Charkhi Dadri News: इंदिरा आवास की कॉलोनी में बुनियादी सुविधाओं का अभाव
Tue, 30 Sep 2025 01:40 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Tue, 30 Sep 2025 01:40 AM IST
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कॉलोनी की कच्ची पड़ी गली। विज्ञप्ति
संवाद न्यूज एजेंसी
चरखी दादरी। गांव रामबास में इंदिरा आवास योजना के तहत कॉलोनी बसी है। 30 साल बाद भी इसमें बुनियादी सुविधाएं नहीं मिलने पर लोगों ने सोमवार को जिला उपायुक्त कार्यालय पहुंचकर ज्ञापन सौंपा।
उन्होंने समस्या के स्थायी समाधान की मांग की। ग्रामीणों ने बताया कि उन्हें वर्ष 1996 में तत्कालीन सरकार की ओर से योजना के अंतर्गत 100-100 गज के आवासीय प्लॉट अलॉट किए गए थे। इन पर उन्होंने मेहनत-मजदूरी कर अपने घर बनाए। करीब तीन दशक बीतने के बावजूद कॉलोनी के एक हिस्से में आज तक पक्की गलियों, बिजली और पेयजल आपूर्ति लाइन जैसी आवश्यक सुविधाएं नहीं पहुंची हैं।
ग्रामीण रामकली, सतीश जांगड़ा, अजय कुमार, सुरेंद्र, प्रदीप, विनोद, राकेश सहित अन्य लोगों ने बताया कि जहां कॉलोनी के बाकी हिस्सों में इन सुविधाओं का विकास हो चुका है, वहीं, उनके क्षेत्र में कोई भी ठोस कार्य नहीं हुआ।ग्रामीणों का कहना है कि वे पिछले 20 वर्षों से लगातार प्रशासनिक अधिकारियों व जनप्रतिनिधियों के समक्ष अपनी समस्याएं रख रहे हैं, लेकिन आज तक कोई समाधान नहीं हुआ।
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ग्रामीणों के अनुसार, बारिश के दिनों में कच्ची गली कीचड़ में बदल जाती है। बिजली-पानी की अनुपलब्धता से उनका जीवन कठिन हो रहा है। उन्होंने उपायुक्त से आग्रह किया कि उनके क्षेत्र में पक्की गलियों का निर्माण, बिजली आपूर्ति और पेयजल लाइनें जल्द बिछवाई जाएं। ताकि, उन्हें भी अन्य नागरिकों की तरह मूलभूत सुविधाएं मिल सकें और उनका जीवन स्तर बेहतर हो सके।
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चरखी दादरी। गांव रामबास में इंदिरा आवास योजना के तहत कॉलोनी बसी है। 30 साल बाद भी इसमें बुनियादी सुविधाएं नहीं मिलने पर लोगों ने सोमवार को जिला उपायुक्त कार्यालय पहुंचकर ज्ञापन सौंपा।
उन्होंने समस्या के स्थायी समाधान की मांग की। ग्रामीणों ने बताया कि उन्हें वर्ष 1996 में तत्कालीन सरकार की ओर से योजना के अंतर्गत 100-100 गज के आवासीय प्लॉट अलॉट किए गए थे। इन पर उन्होंने मेहनत-मजदूरी कर अपने घर बनाए। करीब तीन दशक बीतने के बावजूद कॉलोनी के एक हिस्से में आज तक पक्की गलियों, बिजली और पेयजल आपूर्ति लाइन जैसी आवश्यक सुविधाएं नहीं पहुंची हैं।
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ग्रामीण रामकली, सतीश जांगड़ा, अजय कुमार, सुरेंद्र, प्रदीप, विनोद, राकेश सहित अन्य लोगों ने बताया कि जहां कॉलोनी के बाकी हिस्सों में इन सुविधाओं का विकास हो चुका है, वहीं, उनके क्षेत्र में कोई भी ठोस कार्य नहीं हुआ।ग्रामीणों का कहना है कि वे पिछले 20 वर्षों से लगातार प्रशासनिक अधिकारियों व जनप्रतिनिधियों के समक्ष अपनी समस्याएं रख रहे हैं, लेकिन आज तक कोई समाधान नहीं हुआ।
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ग्रामीणों के अनुसार, बारिश के दिनों में कच्ची गली कीचड़ में बदल जाती है। बिजली-पानी की अनुपलब्धता से उनका जीवन कठिन हो रहा है। उन्होंने उपायुक्त से आग्रह किया कि उनके क्षेत्र में पक्की गलियों का निर्माण, बिजली आपूर्ति और पेयजल लाइनें जल्द बिछवाई जाएं। ताकि, उन्हें भी अन्य नागरिकों की तरह मूलभूत सुविधाएं मिल सकें और उनका जीवन स्तर बेहतर हो सके।