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Charkhi Dadri News: चर्म रोगियों की संख्या बढ़ी, सिविल अस्पताल में विशेषज्ञ तक नहीं

Mon, 16 Sep 2024 05:36 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी Updated Mon, 16 Sep 2024 05:36 AM IST
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problemof skin patients
सिविल अस्पताल में प्रतिदिन पहुंच रहे 100 से 120 चर्म रोगी, विशेषज्ञ की कमी से गंभीर रोग से ग्रस्त मरीज किए जा रहे रोहतक पीजीआई और भिवानी रेफर
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संवाद न्यूज एजेंसी
चरखी दादरी। बारिश के मौसम में चर्म रोगियों की संख्या बढ़ी है। दूसरी ओर दादरी सिविल अस्पताल में चर्म रोग विशेषज्ञ नहीं हैं। इसके चलते गंभीर चर्म रोगों से ग्रस्त मरीजों को रोहतक पीजीआई या भिवानी रेफर किया जा रहा है। सामान्य रोगियों को मेडिकल ऑफिसर ही उपचार दे रहे हैं।
बता दें कि सिविल अस्पताल में पिछले तीन माह से चर्म रोग विशेषज्ञ नहीं हैं। यह पद खाली पड़ा है। इसके चलते मरीजों को परेशानियों से दो-चार होना पड़ रहा है। मानसून सीजन में विशेषज्ञ की कमी मरीजों का मर्ज और बढ़ा रही है।
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दरअसल, अब मानसून सीजन चल रहा है। इसके चलते चर्म रोगियों की संख्या 20 फीसदी तक बढ़ी हुई है। सामान्य दिनों में जहां चर्म रोग ओपीडी 80 तक सीमित रहती थी तो वहीं, पिछले दो सप्ताह से दैनिक ओपीडी 100 का आंकड़ा पार कर रही है। इनमें से करीब तीस मरीज प्रतिदिन दूसरे जिला अस्पतालों में रेफर किए जा रहे हैं। वहां आने-जाने में मरीजों को समय व आर्थिक नुकसान के साथ शारीरिक परेशानियां भी झेलनी पड़ रही हैं। मरीजों ने स्वास्थ्य विभाग से चर्म रोग विशेषज्ञ तैनात करने की मांग की है।
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- निजी अस्पताल में महंगा है उपचार
नागरिक अस्पताल में उपचार के लिए आने वाले अधिकतर लोग आर्थिक रूप से कमजोर ही होते हैं। ऐसे में उनके लिए निजी अस्पताल में उपचार करवाना उनके लिए काफी महंगा होता है। इसके चलते कई बार तो मरीज उपचार में घरेलू नुस्खे तक अपना लेते हैं।
- ये हैं चर्म रोग के लक्षण
रूखी त्वचा, सूखी तवचा, तिल, मुंहासे, मस्से, सफेद दाग, दाद, खुजली, खाज, फोड़ा फुनसी, त्वचा का छिलना, अंगुलियों के बीच घाव बनना आदि चर्म रोग के लक्षण हैं।
ये बरतें सावधानी
बार-बार पानी से गुजरने से बचना चाहिए। दूषित पानी से गुजरने के बाद साफ पानी से पैरों को धोना व साफ करना चाहिए। घाव होने पर मक्खी आदि लगने से बचाव करना चाहिए। इसके अलावा विशेषज्ञ की सलाह के अनुसार ही दवाओं का सेवन करें।

वर्सन :
चर्म रोग विशेषज्ञ की तैनाती के लिए पहले ही मुख्यालय से पत्राचार कर चुके हैं। आचार संहिता हटने के बाद अस्पताल में चर्म रोग चिकित्सक की तैनाती होने की उम्मीद है। तब तक वैकल्पिक व्यवस्था के तौर पर गंभीर चर्म रोगों से ग्रस्त मरीजों को रेफर किया जा रहा है।
-डॉ. वेदपाल, एसएमओ, सिविल अस्पताल
फोटो : 40
सिविल अस्पताल में दवा लेने के लिए काउंटर पर लगी मरीजों की कतार। संवाद
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