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Charkhi Dadri News: पानी रोज की जरूरत, मिल रहा एक दिन छोड़कर

Sat, 31 Aug 2024 05:54 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी Updated Sat, 31 Aug 2024 05:54 AM IST
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problem of water supply
पांच साल से बरकरार है समस्या, शहर में समान रूप से पानी का वितरण भी नहीं हो पा रहा
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2025 जून तक शहरवासियों को अभी और झेलनी पड़ेगी परेशानी
115 करोड़ रुपये से छह पानी भंडारण टैंकों की बढ़नी है क्षमता
संवाद न्यूज एजेंसी
चरखी दादरी। पानी रोज की जरूरत है, लेकिन, शहरवासियों को पांच साल से एक दिन छोड़कर मिल रहा है। शहर में दो मुख्य जलघर चंपापुरी व कपूरी हैं। चंपापुरी में चार व कपूरी में दो पानी भंडारण टैंक हैं। 115 करोड़ रुपये की परियोजना से सभी छह पानी भंडारण टैंकों की क्षमता बढ़ाई जानी है। इतना ही नहीं, सभी टैंक बनने के बाद पेयजल लाइनें बिछाने का कार्य भी करना है। इधर, विभाग की मंथर गति का आलम यह है कि अब तक एक पानी भंडारण टैंक का निर्माण भी पूरा नहीं कर सका है। ऐसे में लोगों को अगले गर्मी के मौसम तक इस समस्या से जूझने के लिए तैयार रहना पड़ेगा।
नगर स्थित मुख्य चंपापुरी जलघर में निर्माणाधीन प्रथम पानी भंडारण टैंक नवंबर तक बनकर तैयार होगा। कार्य के गति नहीं पकड़ पाने से अभी और समय लग सकता है। उसके बाद विभाग दूसरे टैंकों का निर्माण कार्य शुरू करेगा। टैंक निर्माण कार्य पूरा होने के बाद नई पेयजल लाइनों के बिछाने का काम शुरू होगा। नगर मेंं नौ साल से नई पेयजल लाइनें नहीं बिछाई जा सकी हैं। मौजूदा पेयजल लाइनों में जोन की संख्या कम है। आबादी बढ़ी है। इस कारण पानी का समान रूप से वितरण नहीं हो पा रहा है।
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नगर में पीने के पानी की आपूर्ति में सुधार और विस्तार करने के लिए मुख्य चंपापुरी जलघर में पहले टैंक का दायरा बढ़ाने का काम शुरू है। यहां चार टैंक हैं, जिनका दायरा बढ़ाकर पेयजल भंडारण क्षमता बढ़ाई जानी है। इस जलघर की भंडारण क्षमता 2450 लाख लीटर है। एक टैंक बनने के बाद दूसरे का काम शुरू होगा।
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इसी प्रकार, दूसरे कपूरी जलघर में बने पानी भंडारण टैंक का आकार भी बढ़ाया जाना है। विभाग ने यहां प्रथम टैंक निर्माण का काम शुरू किया है। यह इसी माह में पूरा होना था। अब नवंबर तक पूरा हो पाएगा। दोनों जलघरों में भंडारण टैंक बनने के बाद विभाग करीब 15 किलोमीटर लंबी पेयजल लाइनें बिछाएगा। जर्जर हो चुकीं लाइनों को बदला भी जाएगा। जलघरों से बूस्टिंग स्टेशनों तक नई लाइनें बिछाई जाएंगी।
हर साल बढ़ती है मकानों की संख्या
शहर में आवासीय बस्ती बढ़ने से कॉलोनियों का दायरा बढ़ा है। हर साल मकानों की संख्या बढ़ रही है। ऐसे में पानी अंतिम छोर तक नहीं पहुंच पा रहा है। शहर में करीब 16 हजार वैध और करीब छह हजार अवैध पेयजल कनेक्शन हैं। 21 वार्ड हैं। आठ बूस्टिंग स्टेशन हैं। बूस्टिंग स्टेशन शहर के विभिन्न भागों में अलग-अलग क्षेत्रों में बने हैं। इनसे तकरीबन शहर के सभी वार्ड और बाजार के क्षेत्र कवर हो जाते हैं। नई लाइनों के साथ जोन की संख्या भी बढ़ाने की जरूरत है। ताकि, पानी अंतिम छोर पर रहने वाले लोगों को भी मिल सके। एक जोन मेंं सीमित संख्या में ही पेयजल कनेक्शन होने चाहिए। ज्यादा कनेक्शन होने पर पानी का प्रेशर नहीं बन पाता है।

कोट
जून 2025 तक विभाग इस प्रोजेक्ट को पूरा करने की दिशा में काम कर रहा है। शहर में नई पेयजल लाइनें भी बिछाई जाएंगी। विभाग योजनाबद्ध तरीके से इस परियोजना को पूरा करेगा।
-धीरेंद्र सांगवान, कनिष्ठ अभियंता, जनस्वास्थ्य विभाग

फोटो- 01 चंपापुरी जलघर में निर्माणाधीन पानी भंडारण टैंक। संवाद
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