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Charkhi Dadri News: जेटिंग मशीन का पंप हुआ खराब वार्डों में सीवर व्यवस्था चरमराईे
Mon, 14 Oct 2024 03:57 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Mon, 14 Oct 2024 03:57 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
चरखी दादरी। जेटिंग मशीन खराब होने पर शहर में सीवर व्यवस्था चरमरा गई है। इस समय करीब 80 मेनहोल ब्लॉक हैं। विभाग ने मशीन ठीक करवाने के लिए जयपुर से इंजीनियर बुलाने के लिए पत्र लिखा है। मशीन का पंप खराब होने की वजह से यह काम नहीं कर रही है।
इस समय नगर में सीवर व्यवस्था बेपटरी है। प्रत्येक वार्ड व बाजारों में सीवर मैनहोल ऊपर तक भरे हुए हैं। सीवर का पानी गलियों में भी जमा है। मेन बाजारों में सीवर का पानी सड़कों पर फैल रहा है। मच्छरों को बढ़ावा मिल रहा है। पहले से ही डेंगू व मलेरिया के मरीजों की संख्या बढ़ रही है। एक भी ऐसा वार्ड नहीं है, जहां सीवर बैक नहीं मार रहे हों। पानी सीवर प्लांट तक नहीं पहुंच पा रहा है।
दरअसल, जेटिंग मशीन से ही लाइनों की ब्लॉकेज खोली जाती है। सीवर कर्मचारी भी अब पूरी तरह से मशीन पर ही आश्रित हैं। पहले बांस की फट्टी से सीवर लाइनों को थोड़ा बहुत खोल दिया जाता था। अब तो सारा काम मशीन से ही होता है। शहर के लिए एक ही मशीन है। अब यह खराब होने से हालात खराब हो गए हैं। ो
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चरखी दादरी। जेटिंग मशीन खराब होने पर शहर में सीवर व्यवस्था चरमरा गई है। इस समय करीब 80 मेनहोल ब्लॉक हैं। विभाग ने मशीन ठीक करवाने के लिए जयपुर से इंजीनियर बुलाने के लिए पत्र लिखा है। मशीन का पंप खराब होने की वजह से यह काम नहीं कर रही है।
इस समय नगर में सीवर व्यवस्था बेपटरी है। प्रत्येक वार्ड व बाजारों में सीवर मैनहोल ऊपर तक भरे हुए हैं। सीवर का पानी गलियों में भी जमा है। मेन बाजारों में सीवर का पानी सड़कों पर फैल रहा है। मच्छरों को बढ़ावा मिल रहा है। पहले से ही डेंगू व मलेरिया के मरीजों की संख्या बढ़ रही है। एक भी ऐसा वार्ड नहीं है, जहां सीवर बैक नहीं मार रहे हों। पानी सीवर प्लांट तक नहीं पहुंच पा रहा है।
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दरअसल, जेटिंग मशीन से ही लाइनों की ब्लॉकेज खोली जाती है। सीवर कर्मचारी भी अब पूरी तरह से मशीन पर ही आश्रित हैं। पहले बांस की फट्टी से सीवर लाइनों को थोड़ा बहुत खोल दिया जाता था। अब तो सारा काम मशीन से ही होता है। शहर के लिए एक ही मशीन है। अब यह खराब होने से हालात खराब हो गए हैं। ो
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