{"_id":"60b52e328ebc3e14c9153b55","slug":"preparations-for-the-rescue-of-children-the-administration-demanded-two-pediatricians-and-ents-charkhidadri-news-rtk6109401106","type":"story","status":"publish","title_hn":"बच्चों के बचाव की तैयारी, प्रशासन ने मांग दो बाल रोग विशेषज्ञ व ईएनटी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बच्चों के बचाव की तैयारी, प्रशासन ने मांग दो बाल रोग विशेषज्ञ व ईएनटी
विज्ञापन
चरखी दादरी। अधिकारियों व जनसंगठनों के सहयोग से जिला कोरोना की दूसरी लहर से निपटने में सफल रहा और तीसरी लहर के मद्देनजर प्रशासन ने अभी से पुख्ता प्रबंध करने शुरू कर दिए हैं। दो बाल रोग विशेषज्ञ समेत ईएनटी की तैनाती के लिए सरकार को पत्र लिख चुके हैं, जबकि स्वास्थ्य विभाग की मार्फत भी डिमांड भिजवाई जा चुकी है। बच्चों के वेंटिलेटर और नेबुलाइजर की डिमांड भी प्रशासन सरकार के पास भेज चुका है। यह कहना है डीसी राजेश जोगपाल का।
डीसी ने कहा कि लॉकडाउन की दूसरी लहर का खतरा काफी हद तक टल चुका है और अब जिले में संक्रमण दर काफी नीचे आ गई है। हालांकि कोरोना शत प्रतिशत खत्म करना हमारा लक्ष्य है और इसके लिए लगातार प्रयासरत हैं। विशेषकर लॉकडाउन लगने पर जिले की सीमाओं को सील करने का फैसला सही साबित हुआ और इससे संक्रमण की चेन तोड़ना काफी आसान हो गया। जिले का रिकवरी रेट इस समय 93 फीसदी से ऊपर है।
कम संसाधनों के बावजूद दादरी में गंभीर नहीं बनी स्थिति
उपायुक्त का भी मानना है कि कोरोना की दूसरी लहर से पहले जिला स्वास्थ्य विभाग के पास संसाधनों की कमी थी। लगातार सरकार को डिमांड के साथ रिमाइंडर भेजकर संसाधनों की कमी को दूर करवाया गया। चिकित्सकों की कमी आड़े आई तो एमबीबीएस और मेडिकल कॉलेजों के भावी चिकित्सकों की जिला प्रशासन ने सेवाएं लीं और यह कदम भी कारगर रहा। ग्रामीण क्षेत्र के लोगों की स्क्रीनिंग के आदेश मिलने से एक सप्ताह पहले ही डीसी राजेश जोगपाल ने अपनी टीमों को इस काम में लगा दिया था और दस दिन के अंदर यह कार्य पूरा हो गया।
विज्ञापन
अब ऑक्सीजन प्लांट के साथ 500 बेड के अस्थायी अस्पताल पर फोकस
डीसी राजेश जोगपाल का कहना है कि कोरोना की दूसरी लहर में कुछ दिक्कतें प्रशासन को जरूर आईं, लेकिन सहयोग मिलने पर इन चुनौतियों से पार पाने में कामयाब रहे। अब फोकस सिविल अस्पताल में ऑक्सीजन प्लांट लगाने और 500 बेड के अस्थायी अस्पताल की व्यवस्था करने पर है। ऑक्सीजन प्लांट में प्रतिदिन करीब एक एमटी ऑक्सीजन का उत्पादन होगा।
सोशल मीडिया पर एक्टिव रहे डीसी, गुहार लगाने पर दूसरे जिलों में भी पहुंचाई मदद
कोरोना की दूसरी लहर के दौरान दादरी डीसी राजेश जोगपाल अधिकारियों की लगातार बैठकें लेकर स्थिति का विश्लेषण कर आवश्यक कदम उठाते रहे। इसके अलावा उन्होंने ट्विटर समेत अन्य सोशल साइटों पर भी सक्रियता दिखाई। उन्होंने न केवल दादरी निवासी एक महिला को बहादुरगढ़ के एक अस्पताल में रेमडेसिविर इंजेक्शन मुहैया करवाए, बल्कि भिवानी से लेकर चंडीगढ़ तक किसी न किसी अस्पताल में मरीज को ऑक्सीजन बेड भी दिलवाए।
दादरी जिले में डीसी ने कोरोनाकाल में ये लिए सराहनीय फैसले
- 250 से अधिक वालंटियर्स तैयार किए, जिन्होंने मरीजों के घर तक ऑक्सीजन सिलिंडर पहुंचाएं, बल्कि होम आइसोलेट संक्रमितों की समस्याएं भी प्रशासन के समक्ष रखीं।
- जिले के सभी दिव्यांगों के वैक्सीनेशन के लिए प्रशासन ने उनके घरों के समीप कैंप लगाने या फिर मिनी एंबुलेंस से उन्हें वैक्सीनेशन केंद्र तक लाने व छोड़ने की सुविधा मुहैया करवाई।
- स्टॉक में रेमडेसिविर जैसी जीवनरक्षक दवा होने पर दूसरे जिलों को भी जरूरत पड़ने पर मुहैया करवाए गए। हालांकि वहां का स्टॉक आने के बाद ये वापस भी लिए गए।
- डीसी समेत एसडीएम ने न केवल स्वयं कोविड अस्पताल और आईसीयू वार्डों में जाकर व्यवस्थाओं का जायजा लिया, बल्कि आइसोलेशन पीरियड में रहे रहे संक्रमितों से बातचीत कर उनकी समस्याएं भी सुनीं।
- कोविड अस्पताल में भर्ती संक्रमितों को मिलने वाले खाने की प्लेट पहले डीसी आवास पहुंचती हैं और वहां जांच के दौरान खाना की गुणवत्ता सही मिलने पर ही संक्रमितों के लिए भेजा जाता है।
- सरकार के ऑक्सीजन सिलिंडरों की होम डिलिवरी करने के आदेश जारी करने से एक सप्ताह पहले ही जिले में यह सेवा शुरू कर दी गई थी और सरकार के आदेश आने तक 87 मरीजों के घर सिलिंडर पहुंचा गए।
कोरोना की अब तक की स्थिति
कुल सैंपल- 182047
पॉजिटिव केस- 4973
कोरोना से मौत- 126
स्वस्थ हुए संक्रमित- 4678
सक्रिय केस- 169
लंबित रिपोर्ट -503
आइसोलेशन वार्ड में भर्ती संक्रमित- 32
विज्ञापन
डीसी ने कहा कि लॉकडाउन की दूसरी लहर का खतरा काफी हद तक टल चुका है और अब जिले में संक्रमण दर काफी नीचे आ गई है। हालांकि कोरोना शत प्रतिशत खत्म करना हमारा लक्ष्य है और इसके लिए लगातार प्रयासरत हैं। विशेषकर लॉकडाउन लगने पर जिले की सीमाओं को सील करने का फैसला सही साबित हुआ और इससे संक्रमण की चेन तोड़ना काफी आसान हो गया। जिले का रिकवरी रेट इस समय 93 फीसदी से ऊपर है।
विज्ञापन
कम संसाधनों के बावजूद दादरी में गंभीर नहीं बनी स्थिति
उपायुक्त का भी मानना है कि कोरोना की दूसरी लहर से पहले जिला स्वास्थ्य विभाग के पास संसाधनों की कमी थी। लगातार सरकार को डिमांड के साथ रिमाइंडर भेजकर संसाधनों की कमी को दूर करवाया गया। चिकित्सकों की कमी आड़े आई तो एमबीबीएस और मेडिकल कॉलेजों के भावी चिकित्सकों की जिला प्रशासन ने सेवाएं लीं और यह कदम भी कारगर रहा। ग्रामीण क्षेत्र के लोगों की स्क्रीनिंग के आदेश मिलने से एक सप्ताह पहले ही डीसी राजेश जोगपाल ने अपनी टीमों को इस काम में लगा दिया था और दस दिन के अंदर यह कार्य पूरा हो गया।
विज्ञापन
अब ऑक्सीजन प्लांट के साथ 500 बेड के अस्थायी अस्पताल पर फोकस
डीसी राजेश जोगपाल का कहना है कि कोरोना की दूसरी लहर में कुछ दिक्कतें प्रशासन को जरूर आईं, लेकिन सहयोग मिलने पर इन चुनौतियों से पार पाने में कामयाब रहे। अब फोकस सिविल अस्पताल में ऑक्सीजन प्लांट लगाने और 500 बेड के अस्थायी अस्पताल की व्यवस्था करने पर है। ऑक्सीजन प्लांट में प्रतिदिन करीब एक एमटी ऑक्सीजन का उत्पादन होगा।
सोशल मीडिया पर एक्टिव रहे डीसी, गुहार लगाने पर दूसरे जिलों में भी पहुंचाई मदद
कोरोना की दूसरी लहर के दौरान दादरी डीसी राजेश जोगपाल अधिकारियों की लगातार बैठकें लेकर स्थिति का विश्लेषण कर आवश्यक कदम उठाते रहे। इसके अलावा उन्होंने ट्विटर समेत अन्य सोशल साइटों पर भी सक्रियता दिखाई। उन्होंने न केवल दादरी निवासी एक महिला को बहादुरगढ़ के एक अस्पताल में रेमडेसिविर इंजेक्शन मुहैया करवाए, बल्कि भिवानी से लेकर चंडीगढ़ तक किसी न किसी अस्पताल में मरीज को ऑक्सीजन बेड भी दिलवाए।
दादरी जिले में डीसी ने कोरोनाकाल में ये लिए सराहनीय फैसले
- 250 से अधिक वालंटियर्स तैयार किए, जिन्होंने मरीजों के घर तक ऑक्सीजन सिलिंडर पहुंचाएं, बल्कि होम आइसोलेट संक्रमितों की समस्याएं भी प्रशासन के समक्ष रखीं।
- जिले के सभी दिव्यांगों के वैक्सीनेशन के लिए प्रशासन ने उनके घरों के समीप कैंप लगाने या फिर मिनी एंबुलेंस से उन्हें वैक्सीनेशन केंद्र तक लाने व छोड़ने की सुविधा मुहैया करवाई।
- स्टॉक में रेमडेसिविर जैसी जीवनरक्षक दवा होने पर दूसरे जिलों को भी जरूरत पड़ने पर मुहैया करवाए गए। हालांकि वहां का स्टॉक आने के बाद ये वापस भी लिए गए।
- डीसी समेत एसडीएम ने न केवल स्वयं कोविड अस्पताल और आईसीयू वार्डों में जाकर व्यवस्थाओं का जायजा लिया, बल्कि आइसोलेशन पीरियड में रहे रहे संक्रमितों से बातचीत कर उनकी समस्याएं भी सुनीं।
- कोविड अस्पताल में भर्ती संक्रमितों को मिलने वाले खाने की प्लेट पहले डीसी आवास पहुंचती हैं और वहां जांच के दौरान खाना की गुणवत्ता सही मिलने पर ही संक्रमितों के लिए भेजा जाता है।
- सरकार के ऑक्सीजन सिलिंडरों की होम डिलिवरी करने के आदेश जारी करने से एक सप्ताह पहले ही जिले में यह सेवा शुरू कर दी गई थी और सरकार के आदेश आने तक 87 मरीजों के घर सिलिंडर पहुंचा गए।
कोरोना की अब तक की स्थिति
कुल सैंपल- 182047
पॉजिटिव केस- 4973
कोरोना से मौत- 126
स्वस्थ हुए संक्रमित- 4678
सक्रिय केस- 169
लंबित रिपोर्ट -503
आइसोलेशन वार्ड में भर्ती संक्रमित- 32