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बिना चकबंदी वाले गांवों में जमीन का प्री-रिकॉर्ड तैयार
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फोटो-19 चकबंदी से वंचित ढाणी फौगाट गांव की सीमा।
- फोटो : CharkhiDadri
चरखी दादरी। राजस्व विभाग ने नई जमाबंदी के साथ जमीन का प्री रिकॉर्ड तैयार कर लिया है। अब जिन गांवों में आजादी के बाद से ही चकबंदी नहीं हुई है, वहां चकबंदी का काम शुरू करवाया जाएगा। सरकार ने जिला स्तर पर इसके लिए नोडल अधिकारी तैनात कर दिए हैं। चकबंदी नहीं होने से किसान सम्मान निधि योजना, जमीन की रजिस्ट्री बनवाने व खरीद-फरोख्त में बेहद कठिनाइयां आ रही हैं। विभाग व प्रशासन भी तंग आ चुका है, क्योंकि ऑनलाइन रिकार्ड में डाटा फीड करने में भी दिक्कत आ रही हैं।
जिले के करीब 15 ऐसे गांव हैं जिनमें आजादी के दशक के बाद से ही चकबंदी नहीं हुई है। पुराना रिकॉर्ड उर्दू में होने की वजह से नए पटवारी व गिरदावर को भी इसे समझने में दिक्कतें आ रही हैं। पूरा सिस्टम ऑनलाइन होने की वजह से बिना चकबंदी वाले गांवों मेें किसानों को सरकार की योजनाओं का लाभ भी नहीं मिल पाता। किसानों को आए दिन कृषि व राजस्व विभाग कार्यालयों के चक्कर काटने पड़ते हैं।
नवंबर 2019 में राजस्व विभाग ने इन गांवों प्री-रिकॉर्ड तैयार करने का काम शुरू किया था। अब प्री-रिकॉर्ड तैयार होने के बाद राजस्व विभाग सरकार के निर्देशानुसार इन गांवों में चकबंदी करवाएगा, ताकि नया रिकॉर्ड तैयार हो सके। अब इन गांवों केे लोगों को समझाने का काम किया जाएगा, ताकि वे अपने गांव में चकबंदी करवाएं। उन्हें आए दिन की परेशानी से मुक्ति मिल सकेे ।
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- चकबंदी नहीं होने ये रास्तों की बन रही दिक्कत
जिन गांवों में चकबंदी नहीं हुई है, उनमें फिरनी एवं मेन रास्ते नहीं हैं। इससे रास्तों की समस्या बन रही है। चकबंदी होने पर गांव के चारो रास्ते का निर्माण हो जाता है। मेन रास्तों की चौड़ाई बढ़ जाती है। हेक्टेयर के हिसाब से जमीन की व्यवस्था कर दी जाती है। जिस किसान की जमीन गांव की सीमा के अलग-अलग भागों में स्थित है उसे एक जगह एडजस्ट करने का प्रयास किया जाता है, ताकि किसान को खेती करने में आसानी हो जाए। खेतों में जाने के लिए रास्तों का विकल्प खुल जाता है।
- कई गांवों में जारी है चकबंदी कार्य
इस समय कई गांवों में चकबंदी का काम जारी भी है। शेष गांवों में भी जल्द चकबंदी का काम शुरू होगा। गांव ढाणी फौगाट में आजादी के बाद से चकबंदी नहीं होने से जमीन की पैमाइश, खरीद-फरोख्त करने में भी दिक्कत बन रही है। गांव में आने-जाने के लिए रास्तों की दिक्कत बनी हुई हैं।
वर्जन::
जिन गांवों में चकबंदी नहीं हुई है उनका प्री-रिकॉर्ड तैयार कर लिया गया है। अब जल्दी ही चकबंदी का काम भी शुरू करवा दिया जाएगा ताकि ग्रामीणों को सुविधा हो सके। ग्रामीणों को चाहिए कि वे गांवों में चकबंदी करवाएं, ताकि उन्हें आए दिन की परेशानी सेे छुटकारा मिल सके।
बंसीलाल, तहसीलदार, राजस्व विभाग
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जिले के करीब 15 ऐसे गांव हैं जिनमें आजादी के दशक के बाद से ही चकबंदी नहीं हुई है। पुराना रिकॉर्ड उर्दू में होने की वजह से नए पटवारी व गिरदावर को भी इसे समझने में दिक्कतें आ रही हैं। पूरा सिस्टम ऑनलाइन होने की वजह से बिना चकबंदी वाले गांवों मेें किसानों को सरकार की योजनाओं का लाभ भी नहीं मिल पाता। किसानों को आए दिन कृषि व राजस्व विभाग कार्यालयों के चक्कर काटने पड़ते हैं।
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नवंबर 2019 में राजस्व विभाग ने इन गांवों प्री-रिकॉर्ड तैयार करने का काम शुरू किया था। अब प्री-रिकॉर्ड तैयार होने के बाद राजस्व विभाग सरकार के निर्देशानुसार इन गांवों में चकबंदी करवाएगा, ताकि नया रिकॉर्ड तैयार हो सके। अब इन गांवों केे लोगों को समझाने का काम किया जाएगा, ताकि वे अपने गांव में चकबंदी करवाएं। उन्हें आए दिन की परेशानी से मुक्ति मिल सकेे ।
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- चकबंदी नहीं होने ये रास्तों की बन रही दिक्कत
जिन गांवों में चकबंदी नहीं हुई है, उनमें फिरनी एवं मेन रास्ते नहीं हैं। इससे रास्तों की समस्या बन रही है। चकबंदी होने पर गांव के चारो रास्ते का निर्माण हो जाता है। मेन रास्तों की चौड़ाई बढ़ जाती है। हेक्टेयर के हिसाब से जमीन की व्यवस्था कर दी जाती है। जिस किसान की जमीन गांव की सीमा के अलग-अलग भागों में स्थित है उसे एक जगह एडजस्ट करने का प्रयास किया जाता है, ताकि किसान को खेती करने में आसानी हो जाए। खेतों में जाने के लिए रास्तों का विकल्प खुल जाता है।
- कई गांवों में जारी है चकबंदी कार्य
इस समय कई गांवों में चकबंदी का काम जारी भी है। शेष गांवों में भी जल्द चकबंदी का काम शुरू होगा। गांव ढाणी फौगाट में आजादी के बाद से चकबंदी नहीं होने से जमीन की पैमाइश, खरीद-फरोख्त करने में भी दिक्कत बन रही है। गांव में आने-जाने के लिए रास्तों की दिक्कत बनी हुई हैं।
वर्जन::
जिन गांवों में चकबंदी नहीं हुई है उनका प्री-रिकॉर्ड तैयार कर लिया गया है। अब जल्दी ही चकबंदी का काम भी शुरू करवा दिया जाएगा ताकि ग्रामीणों को सुविधा हो सके। ग्रामीणों को चाहिए कि वे गांवों में चकबंदी करवाएं, ताकि उन्हें आए दिन की परेशानी सेे छुटकारा मिल सके।
बंसीलाल, तहसीलदार, राजस्व विभाग