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Charkhi Dadri News: दिवाली पर प्रदूषण का धमाका, एक्यूआई 10 अंक बढ़ा
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गली में रखकर जलाया गया अनार। संवाद
चरखी दादरी। दिवाली पर प्रतिबंध के बावजूद लोगों ने खूब पटाखे फोड़े। इसकी सबूत सोमवार सुबह शहर की सड़कों और गलियों पर पड़े मिले। हालांकि नगर परिषद की ओर से सुबह ही कचरे का उठान शुरू कराने के चलते दोपहर तक सड़कों से पटाखों के अवशेष उठा लिए गए। दूसरी ओर गत 11 नवंबर के मुकाबले प्रदूषण का स्तर करीब 10 एक्यूआई बढ़ा है। शाम साढ़े 4 बजे प्रदूषण का औसतन स्तर 104 एक्यूआई रहा। हालांकि जिले की हवा संतुलित रही।
बता दें कि जिला प्रशासन ने दिवाली से पहले आतिशबाजी को लेकर आवश्यक निर्देश जारी किए थे। परंतु लोगों ने दिवाली की रात इनका पालन नहीं किया। लोगों ने घरों की छतों के साथ शहर की सड़कों और गलियों में खूब पटाखे फोड़े। खास बात ये रही कि ग्रीन पटाखे फोड़ने से कुछ लोग गुरेज करते नजर आए। इतना ही नहीं 8 से 10 बजे तक आतिशबाजी के लिए निर्धारित समय का भी पालन नहीं किया गया।
आतिशबाजी का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि सोमवार को करीब 30 टन से अधिक कचरा निकला जबकि सामान्य दिनों में 20 से 22 टन की कचरा निकलता है। कचरे की बढ़ी मात्रा में पटाखों के अवशेष भी शामिल हैं।
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- दिवाली के अगले दिन ये रही प्रदूषण की स्थिति
11 नवंबर की बात करें तो बारिश के बाद प्रदूषण का औसतन स्तर 92 एक्यूआई पहुंचा गया था जबकि न्यूनतम स्तर 29 एक्यूआई दर्ज किया गया था। दिवाली से अगले दिन प्रदूषण के औसतन स्तर की बात करें तो सुबह के समय 110 और शाम साढ़े 4 बजे 104 एक्यूआई दर्ज किया गया। सोमवार को न्यूनतम स्तर 5 एक्यूआई दर्ज किया गया।
सोमवार को जिले की हवा संतुलित रही। पिछले साल के मुकाबले इस बार एक्यूआई काफी नीचे रहा। लोगों से अपील है कि वो कोई ऐसी गतिविधि न करें जिससे प्रदूषण का स्तर फिर से बढ़।
-नवनीत भारद्वाज, एईई, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड
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बता दें कि जिला प्रशासन ने दिवाली से पहले आतिशबाजी को लेकर आवश्यक निर्देश जारी किए थे। परंतु लोगों ने दिवाली की रात इनका पालन नहीं किया। लोगों ने घरों की छतों के साथ शहर की सड़कों और गलियों में खूब पटाखे फोड़े। खास बात ये रही कि ग्रीन पटाखे फोड़ने से कुछ लोग गुरेज करते नजर आए। इतना ही नहीं 8 से 10 बजे तक आतिशबाजी के लिए निर्धारित समय का भी पालन नहीं किया गया।
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आतिशबाजी का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि सोमवार को करीब 30 टन से अधिक कचरा निकला जबकि सामान्य दिनों में 20 से 22 टन की कचरा निकलता है। कचरे की बढ़ी मात्रा में पटाखों के अवशेष भी शामिल हैं।
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- दिवाली के अगले दिन ये रही प्रदूषण की स्थिति
11 नवंबर की बात करें तो बारिश के बाद प्रदूषण का औसतन स्तर 92 एक्यूआई पहुंचा गया था जबकि न्यूनतम स्तर 29 एक्यूआई दर्ज किया गया था। दिवाली से अगले दिन प्रदूषण के औसतन स्तर की बात करें तो सुबह के समय 110 और शाम साढ़े 4 बजे 104 एक्यूआई दर्ज किया गया। सोमवार को न्यूनतम स्तर 5 एक्यूआई दर्ज किया गया।
सोमवार को जिले की हवा संतुलित रही। पिछले साल के मुकाबले इस बार एक्यूआई काफी नीचे रहा। लोगों से अपील है कि वो कोई ऐसी गतिविधि न करें जिससे प्रदूषण का स्तर फिर से बढ़।
-नवनीत भारद्वाज, एईई, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड