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Charkhi Dadri News: चरखी दादरी की खिलाड़ी अंशिका ने जीते चार पदक
Mon, 24 Feb 2025 12:57 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Mon, 24 Feb 2025 12:57 AM IST
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चरखी दादरी की खिलाड़ी अंशिका।
चरखी दादरी। मंजिल पाने के लिए कठोर परिश्रम के साथ सही रास्ता भी होना चाहिए और सही मार्गदर्शन के बिना कठिन परिश्रम भी मंजिल तक नहीं पहुंचा सकती। शहर निवासी अंशिका के साथ ऐसा ही हुआ।
उन्होंने मार्गदर्शन के अभाव में छह साल तक संघर्ष किया और सही रास्ता मिलने पर पहली बार में सफलता हासिल की है। अंशिका अपने घर में पहली खिलाड़ी हैं। उन्होंने प्रदेश के खिलाड़ियों से प्रेरणा लेकर ही खेलने की शुरुआत की थी। लंबे संघर्ष के बाद उन्हें सही मार्गदर्शन मिला और अब वह लगातार सफलता की सीढ़ी चढ़ रहीं हैं।
मैं अंशिका शहर में रहकर 11वीं कक्षा की छात्रा हूं। मैं अपने स्कूल में ही तैराकी का अभ्यास करती हूं। सेना से सेवानिवृत्त होकर मेरे पिता सुनील रेलवे में गार्ड हैं जबकि छोटा भाई अभी पढ़ाई कर रहा है। तैराकी में अपना कॅरिअर बनाने के लिए छह साल पहले मैंने खेल का अभ्यास शुरू किया था। छह साल तक कई स्पर्धाओं में हिस्सा लिया, लेकिन सफलता नहीं मिली।
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इसके बाद वर्ष 2023 में एक दिन कोच प्रेमप्रकाश ने तैराकी में मेरा प्रदर्शन देखा। कमजोर प्रदर्शन के कारण कोच ने तैराकी की बजाय मॉडल पेंटाथलॉन की तैयारी करने की सलाह दी। कोच ने मुझे एक साल तक निशुल्क तैयारी करवाई तो 10 जनवरी को अंबाला में आयोजित राज्यस्तर की प्रतियोगिता में मैंने स्वर्ण पदक जीता। इसके बाद मैंने राष्ट्रीय स्पर्धा की तैयारी की। इसी माह उत्तराखंड में आयोजित राष्ट्रीय स्पर्धा में भाग लेकर इसमें तीन पदक जीते। इनमें एक स्वर्ण और दो रजत पदक शामिल हैं।
( जैसा कि अंशिका ने इस संवाददाता को बताया।)
क्या होता है मॉडर्न पेंटाथलोन : कोच प्रेमप्रकाश ने बताया कि मॉडर्न पेंटाथलोन चार इवेंट मिलाकर बनता है। इसमें दौड़, तलवारबाजी, शूटिंग और तैराकी शामिल हैं। इन चार स्पर्धाओं में प्रतिभागी को पदक जीतना होता है और यह एक ऐसा खेल है जिसमें एक साथ कई पदक जीत सकता है।
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उन्होंने मार्गदर्शन के अभाव में छह साल तक संघर्ष किया और सही रास्ता मिलने पर पहली बार में सफलता हासिल की है। अंशिका अपने घर में पहली खिलाड़ी हैं। उन्होंने प्रदेश के खिलाड़ियों से प्रेरणा लेकर ही खेलने की शुरुआत की थी। लंबे संघर्ष के बाद उन्हें सही मार्गदर्शन मिला और अब वह लगातार सफलता की सीढ़ी चढ़ रहीं हैं।
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मैं अंशिका शहर में रहकर 11वीं कक्षा की छात्रा हूं। मैं अपने स्कूल में ही तैराकी का अभ्यास करती हूं। सेना से सेवानिवृत्त होकर मेरे पिता सुनील रेलवे में गार्ड हैं जबकि छोटा भाई अभी पढ़ाई कर रहा है। तैराकी में अपना कॅरिअर बनाने के लिए छह साल पहले मैंने खेल का अभ्यास शुरू किया था। छह साल तक कई स्पर्धाओं में हिस्सा लिया, लेकिन सफलता नहीं मिली।
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इसके बाद वर्ष 2023 में एक दिन कोच प्रेमप्रकाश ने तैराकी में मेरा प्रदर्शन देखा। कमजोर प्रदर्शन के कारण कोच ने तैराकी की बजाय मॉडल पेंटाथलॉन की तैयारी करने की सलाह दी। कोच ने मुझे एक साल तक निशुल्क तैयारी करवाई तो 10 जनवरी को अंबाला में आयोजित राज्यस्तर की प्रतियोगिता में मैंने स्वर्ण पदक जीता। इसके बाद मैंने राष्ट्रीय स्पर्धा की तैयारी की। इसी माह उत्तराखंड में आयोजित राष्ट्रीय स्पर्धा में भाग लेकर इसमें तीन पदक जीते। इनमें एक स्वर्ण और दो रजत पदक शामिल हैं।
( जैसा कि अंशिका ने इस संवाददाता को बताया।)
क्या होता है मॉडर्न पेंटाथलोन : कोच प्रेमप्रकाश ने बताया कि मॉडर्न पेंटाथलोन चार इवेंट मिलाकर बनता है। इसमें दौड़, तलवारबाजी, शूटिंग और तैराकी शामिल हैं। इन चार स्पर्धाओं में प्रतिभागी को पदक जीतना होता है और यह एक ऐसा खेल है जिसमें एक साथ कई पदक जीत सकता है।