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Charkhi Dadri News: शहर के फोरलेन पर 83 पौधे झुलसे, विभागों ने एक-दूसरे पर झाड़ा पल्ला
Tue, 30 Jul 2024 04:50 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Tue, 30 Jul 2024 04:50 AM IST
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ग्राउंड रिपोर्ट
चार साल पहले भगवान परशुराम चौक से लोहारू चौक तक लगाए गए थे 183 पौधे, समय पर सिंचाई न होने और गर्मी की अधिकता के चलते 45 प्रतिशत झुलस गए
जगदीप सिंह
चरखी दादरी। भगवान परशुराम चौक से लोहारू चौक तक बनाए गए डिवाइडर के बीच लगाए गए पौधे देखभाल के अभाव और गर्मी की मार से झुलस गए हैं। इस मार्ग पर 83 ऐसे पौधे हैं जो अनदेखी और मौसम की मार के शिकार हुए हैं। दूसरी ओर लोक निर्माण विभाग और नगर परिषद अधिकारी पौधों की सिंचाई की जिम्मेदारी एक-दूसरे की बताकर मामले से पल्ला झाड़ रहे हैं।
करीब चार साल पहले शहर के भगवान परशुराम चौक से लोहारू चौक तक लगभग दो किलोमीटर लंबी फोरलेन की शोभा बढ़ाने के लिए विभिन्न प्रकार के फूलों और अन्य प्रजातियों के 185 पौधे लगाए गए थे। लेकिन इस सीजन में बारिश न होने और नियमित सिंचाई न होने के चलते इनमें से 83 पौधे सूख चुके हैं। इससे हरियाली के साथ शहर का सुंदरीकरण प्रभावित हो रहा है। वहीं, शहरवासियों ने प्रशासन और विभाग से इन सूखे पौधों को उखाड़कर इनकी जगह नए पौधे लगाने व नियमित सिंचाई का प्रबंध करवाने मांग की है।
दुकानदार संदीप फौगाट, संजय कुमार, प्यारेलाल, जगदीश प्रसाद, ललित कुमार आदि ने बताया कि इस मानसून सीजन के दौरान ढंग से बारिश हुई ही नहीं है। गर्मी के सीजन को देखते हुए संबंधित विभाग को पौधों में सिंचाई के साथ इनकी देखभाल का भी प्रबंध करना चाहिए था। लेकिन, ऐसा नहीं हुआ और चौथे साल रोपित किए गए पौधे सूख गए।
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अधिकारियों ने एक-दूसरे के विभाग पर यूं फोड़ा ठीकरा
परशुराम चौक से लोहारू चौक तक सूखे पौधों के बारे में जानकारी लेने के लिए जब वन विभाग के अधिकारियों से बात की गई तो उन्होंने बताया कि यह मार्ग लोक निर्माण विभाग के अधीन है। पौधों की रखवाली व सिंचाई की जिम्मेदारी लोक निर्माण विभाग की ही है। वहीं, लोक निर्माण विभाग के एक्सईएन से जब बातचीत की गई तो उन्होंने बताया कि पौधों में सिंचाई की जिम्मेदारी नगर परिषद की है। वहीं, नगर परिषद एक्सईएन सुमित नांदल का कहना है कि पौधों में सिंचाई की जिम्मेदारी लोक निर्माण विभाग की है।
वर्सन:
यह फोरलेन लोक निर्माण विभाग की है। यहां पौधरोपण भी विभाग की ओर से ही करवाया गया था। ऐसे में पौधों में सिंचाई की जिम्मेदारी भी लोक निर्मण विभाग की बनती है। अगर ये जिम्मेदरी हमें दें तो हम फोरलेन पर हरियाली के पुख्ता प्रबंध कर देंगे।
-हेमंत पारिक, जिला वन रेंज अधिकारी
वर्सन:
भले ही सड़क का निर्माण हमने करवाया है, लेकिन डिवाइडर के बीच लगे पौधों की देखभाल करना नगर परिषद की जिम्मेदारी है। यह कार्य नगर परिषद के अधीन ही आता है।
-कृष्ण कुमार, एक्सईएन, लोक निर्माण विभाग
वर्सन:
सड़क और डिवाइडर बनाने का कार्य लोक निर्माण विभाग ने किया है। इसलिए पौधों की देखरेख करना व समय पर पानी डलवाना विभाग की जिम्मेदारी है न कि नगर परिषद की।
-सुमित नांदल, एक्सईएन, नगर परिषद
फोटो: 24
दादरी लोहारू मुख्य मार्ग स्थित नागरिक अस्पताल के सामने सूखे पौधे। संवाद
फोटो: 25
लोहारू रोड फोरलेन पर सूखा पौधा। संवाद
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चार साल पहले भगवान परशुराम चौक से लोहारू चौक तक लगाए गए थे 183 पौधे, समय पर सिंचाई न होने और गर्मी की अधिकता के चलते 45 प्रतिशत झुलस गए
जगदीप सिंह
चरखी दादरी। भगवान परशुराम चौक से लोहारू चौक तक बनाए गए डिवाइडर के बीच लगाए गए पौधे देखभाल के अभाव और गर्मी की मार से झुलस गए हैं। इस मार्ग पर 83 ऐसे पौधे हैं जो अनदेखी और मौसम की मार के शिकार हुए हैं। दूसरी ओर लोक निर्माण विभाग और नगर परिषद अधिकारी पौधों की सिंचाई की जिम्मेदारी एक-दूसरे की बताकर मामले से पल्ला झाड़ रहे हैं।
करीब चार साल पहले शहर के भगवान परशुराम चौक से लोहारू चौक तक लगभग दो किलोमीटर लंबी फोरलेन की शोभा बढ़ाने के लिए विभिन्न प्रकार के फूलों और अन्य प्रजातियों के 185 पौधे लगाए गए थे। लेकिन इस सीजन में बारिश न होने और नियमित सिंचाई न होने के चलते इनमें से 83 पौधे सूख चुके हैं। इससे हरियाली के साथ शहर का सुंदरीकरण प्रभावित हो रहा है। वहीं, शहरवासियों ने प्रशासन और विभाग से इन सूखे पौधों को उखाड़कर इनकी जगह नए पौधे लगाने व नियमित सिंचाई का प्रबंध करवाने मांग की है।
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दुकानदार संदीप फौगाट, संजय कुमार, प्यारेलाल, जगदीश प्रसाद, ललित कुमार आदि ने बताया कि इस मानसून सीजन के दौरान ढंग से बारिश हुई ही नहीं है। गर्मी के सीजन को देखते हुए संबंधित विभाग को पौधों में सिंचाई के साथ इनकी देखभाल का भी प्रबंध करना चाहिए था। लेकिन, ऐसा नहीं हुआ और चौथे साल रोपित किए गए पौधे सूख गए।
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अधिकारियों ने एक-दूसरे के विभाग पर यूं फोड़ा ठीकरा
परशुराम चौक से लोहारू चौक तक सूखे पौधों के बारे में जानकारी लेने के लिए जब वन विभाग के अधिकारियों से बात की गई तो उन्होंने बताया कि यह मार्ग लोक निर्माण विभाग के अधीन है। पौधों की रखवाली व सिंचाई की जिम्मेदारी लोक निर्माण विभाग की ही है। वहीं, लोक निर्माण विभाग के एक्सईएन से जब बातचीत की गई तो उन्होंने बताया कि पौधों में सिंचाई की जिम्मेदारी नगर परिषद की है। वहीं, नगर परिषद एक्सईएन सुमित नांदल का कहना है कि पौधों में सिंचाई की जिम्मेदारी लोक निर्माण विभाग की है।
वर्सन:
यह फोरलेन लोक निर्माण विभाग की है। यहां पौधरोपण भी विभाग की ओर से ही करवाया गया था। ऐसे में पौधों में सिंचाई की जिम्मेदारी भी लोक निर्मण विभाग की बनती है। अगर ये जिम्मेदरी हमें दें तो हम फोरलेन पर हरियाली के पुख्ता प्रबंध कर देंगे।
-हेमंत पारिक, जिला वन रेंज अधिकारी
वर्सन:
भले ही सड़क का निर्माण हमने करवाया है, लेकिन डिवाइडर के बीच लगे पौधों की देखभाल करना नगर परिषद की जिम्मेदारी है। यह कार्य नगर परिषद के अधीन ही आता है।
-कृष्ण कुमार, एक्सईएन, लोक निर्माण विभाग
वर्सन:
सड़क और डिवाइडर बनाने का कार्य लोक निर्माण विभाग ने किया है। इसलिए पौधों की देखरेख करना व समय पर पानी डलवाना विभाग की जिम्मेदारी है न कि नगर परिषद की।
-सुमित नांदल, एक्सईएन, नगर परिषद
फोटो: 24
दादरी लोहारू मुख्य मार्ग स्थित नागरिक अस्पताल के सामने सूखे पौधे। संवाद
फोटो: 25
लोहारू रोड फोरलेन पर सूखा पौधा। संवाद