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इमलोटा से मातनहेल नहर तक डाली जाएगी पाइपलाइन, डीसी ने दिए आदेश
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जलभराव का निरीक्ष्ण करने पहुंचे उपायुक्त प्रदीप गोदार ग्रामीणों से बातचीत करते।
- फोटो : CharkhiDadri
चरखी दादरी। मानसून सीजन में हुई 400 एमएम बारिश के चलते ग्रामीण क्षेत्रों में अभी भी जलभराव की स्थिति बरकरार है। सिंचाई विभाग के पास संसाधनों की कमी के चलते इस समस्या का अभी तक हल नहीं हो सका है। इस बिंदु पर गौर करते हुए उपायुक्त ने सिंचाई विभाग के अधिकारियों को पुख्ता योजनाएं तैयार करने का आदेश दिया है। मंगलवार को जलभराव प्रभावित गांवों का दौरा करने पहुंचे उपायुक्त प्रदीप गोदारा ने ग्रामीणों से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं। निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने सिंचाई विभाग को इमलोटा से लेकर मातनहेल नहर तक पाइपलाइन डालने का प्रारूप तैयार करने का आदेश भी दिया। इस प्रस्ताव को बाढ़ प्रबंधन योजना में भी शामिल किया जाए।
उपायुक्त प्रदीप गोदारा ने मंगलवार को गांव इमलोटा, बास, मोरवाला, सांवड़, बौंद, सांजरवास किया। उन्होंने कहा कि पानी निकासी के लिए बड़े प्रोजेक्ट बनाने होंगे, तभी इस समस्या को पूरी तरह से समाप्त किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि लोहारू जल सेवा मंडल के कार्यकारी अभियंता गांव इमलोटा से मातनहेल नहर तक पानी की पाइपलाइन डालने का प्रारूप तैयार करें। इस प्रोजेक्ट को जिलास्तरीय बाढ़ प्रबंधन प्रस्ताव में शामिल किया जाए। उन्होंने कहा कि बिजली वितरण निगम से तालमेल रखते हुए सिंचाई अधिकारी 24 घंटे लगातार पानी निकालने का कार्य जारी रखें। गांव इमलोटा निवासी प्रवीन कलकल, ओमप्रकाश, विजेंद्र, सुरेश आदि ने उपायुक्त को बताया कि यहां का पानी मातनहेल नहर के जरिये भिंडावास झील में पानी पहुंचाया जा सकता है। यह पाइपलाइन बन जाए तो इमलोटा, कंहेटी, मोरवाला आदि गांवों को जलभराव से स्थायी निजात मिल सकती है।
-जानिए.... उपायुक्त को निरीक्षण के दौरान क्या मिले पानी निकासी के प्रबंध
उपायुक्त ने गांव मोरवाला के समीप दादरी इमलोटा ड्रेन 2 का निरीक्षण किया। यहां पानी खींचने के लिए दस क्यूसेक का वीटी पंप लगाया हुआ था। सिंचाई विभाग के कार्यकारी अभियंता वेदपाल सांगवान ने बताया कि यहां चार वीटी पंप लगाकर इस पानी को बधवाना डिस्ट्रीब्यूटरी में छोड़ा जा रहा है।
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उपायुक्त ने गांव बास के समीप लोहारू फीडर का अवलोकन भी किया। इस नहर में गांव मोरवाला से लंबी पाइपलाइन बिछाकर पानी निकाला जा रहा है। इसके लिए तीन-तीन क्यूसेक के तीन पंप व चार इलेक्ट्रिक पंप सेट लगाए गए हैं।
उपायुक्त ने गांव कमोद और जयश्री में पानी निकासी के लिए लगाए गए पंप व दादरी रोहतक रोड पर पाइपलाइन बिछाकर बनाई गई ड्रेन का भी निरीक्षण किया। इस ड्रेन में जयश्री, कमोद, मिर्च, मिसरी गांवों के पानी को डाला जा रहा है। उपायुक्त ने कहा कि पानी निकासी कार्य को लगातार जारी रखा जाए।
वीटी पंप और इलेक्ट्रिकल पंप सेट से हो रही निकासी
कार्यकारी अभियंता वेदपाल सांगवान ने बताया कि जयश्री ड्रेन पर दस क्यूसेक क्षमता के 6 वीटी पंप, रावलधी व खातीवास का पानी निकालने के लिए 6 इलेक्ट्रिक पंप सेट और चार वीटी पंप, नीमली, भागवी, समसपुर में डीजल इंजन व मोटर लगाकर पानी की निकासी की जा रही है। उपायुक्त को बताया कि बौंद, चरखी, साहूवास, बिरही इत्यादि में भी जलभराव को दूर करने के लिए मशीन लगाई हुईं हैं।
मैंने जलनिकासी के कार्य का मंगलवार को निरीक्षण किया। सिंचाई विभाग को इमलोटा से मातनहेल नहर तक पाइप लाइन डालने का प्रारूप तैयार करने और इसे बाढ़ प्रबंधन प्रस्ताव में शामिल करने के निर्देश दिए हैं। जलभराव की समस्या के स्थायी समाधान के लिए प्रशासन प्रयासरत है।
प्रदीप गोदारा, उपायुक्त
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उपायुक्त प्रदीप गोदारा ने मंगलवार को गांव इमलोटा, बास, मोरवाला, सांवड़, बौंद, सांजरवास किया। उन्होंने कहा कि पानी निकासी के लिए बड़े प्रोजेक्ट बनाने होंगे, तभी इस समस्या को पूरी तरह से समाप्त किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि लोहारू जल सेवा मंडल के कार्यकारी अभियंता गांव इमलोटा से मातनहेल नहर तक पानी की पाइपलाइन डालने का प्रारूप तैयार करें। इस प्रोजेक्ट को जिलास्तरीय बाढ़ प्रबंधन प्रस्ताव में शामिल किया जाए। उन्होंने कहा कि बिजली वितरण निगम से तालमेल रखते हुए सिंचाई अधिकारी 24 घंटे लगातार पानी निकालने का कार्य जारी रखें। गांव इमलोटा निवासी प्रवीन कलकल, ओमप्रकाश, विजेंद्र, सुरेश आदि ने उपायुक्त को बताया कि यहां का पानी मातनहेल नहर के जरिये भिंडावास झील में पानी पहुंचाया जा सकता है। यह पाइपलाइन बन जाए तो इमलोटा, कंहेटी, मोरवाला आदि गांवों को जलभराव से स्थायी निजात मिल सकती है।
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-जानिए.... उपायुक्त को निरीक्षण के दौरान क्या मिले पानी निकासी के प्रबंध
उपायुक्त ने गांव मोरवाला के समीप दादरी इमलोटा ड्रेन 2 का निरीक्षण किया। यहां पानी खींचने के लिए दस क्यूसेक का वीटी पंप लगाया हुआ था। सिंचाई विभाग के कार्यकारी अभियंता वेदपाल सांगवान ने बताया कि यहां चार वीटी पंप लगाकर इस पानी को बधवाना डिस्ट्रीब्यूटरी में छोड़ा जा रहा है।
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उपायुक्त ने गांव बास के समीप लोहारू फीडर का अवलोकन भी किया। इस नहर में गांव मोरवाला से लंबी पाइपलाइन बिछाकर पानी निकाला जा रहा है। इसके लिए तीन-तीन क्यूसेक के तीन पंप व चार इलेक्ट्रिक पंप सेट लगाए गए हैं।
उपायुक्त ने गांव कमोद और जयश्री में पानी निकासी के लिए लगाए गए पंप व दादरी रोहतक रोड पर पाइपलाइन बिछाकर बनाई गई ड्रेन का भी निरीक्षण किया। इस ड्रेन में जयश्री, कमोद, मिर्च, मिसरी गांवों के पानी को डाला जा रहा है। उपायुक्त ने कहा कि पानी निकासी कार्य को लगातार जारी रखा जाए।
वीटी पंप और इलेक्ट्रिकल पंप सेट से हो रही निकासी
कार्यकारी अभियंता वेदपाल सांगवान ने बताया कि जयश्री ड्रेन पर दस क्यूसेक क्षमता के 6 वीटी पंप, रावलधी व खातीवास का पानी निकालने के लिए 6 इलेक्ट्रिक पंप सेट और चार वीटी पंप, नीमली, भागवी, समसपुर में डीजल इंजन व मोटर लगाकर पानी की निकासी की जा रही है। उपायुक्त को बताया कि बौंद, चरखी, साहूवास, बिरही इत्यादि में भी जलभराव को दूर करने के लिए मशीन लगाई हुईं हैं।
मैंने जलनिकासी के कार्य का मंगलवार को निरीक्षण किया। सिंचाई विभाग को इमलोटा से मातनहेल नहर तक पाइप लाइन डालने का प्रारूप तैयार करने और इसे बाढ़ प्रबंधन प्रस्ताव में शामिल करने के निर्देश दिए हैं। जलभराव की समस्या के स्थायी समाधान के लिए प्रशासन प्रयासरत है।
प्रदीप गोदारा, उपायुक्त