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Charkhi Dadri News: उपभोक्ताओं के केसीसी और सेविंग खातों पर खुद लोन ले गए पैक्स कर्मचारी

Wed, 02 Aug 2023 01:23 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी Updated Wed, 02 Aug 2023 01:23 AM IST
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Pax employees themselves took loans on KCC and savings accounts of consumers
प्रेसवार्ता में सबूत दिखाते शिवेंद्र फौगाट। 
चरखी दादरी। दी दादरी प्राथमिक सहकारी कृषि समिति स्टाफ पर उपभोक्ताओं के केसीसी और सेविंग खातों पर स्वयं लोन लेने का आरोप लगा है। यह आरोप मंगलवार को आम आदमी पार्टी राष्ट्रीय परिषद सदस्य शिवेंद्र उर्फ रिंपी फौगाट ने प्रेसवार्ता में लगाया। उन्होंने मीडिया के सामने इसके सबूत भी पेश किए। शिवेंद्र ने कहा कि उपभोक्ताओं से धोखाधड़ी करने के ऐसे 12 मामले में उनके संज्ञान में हैं जबकि अगर प्रशासन जांच करवाए तो काफी संख्या में ऐसे और केस सामने आ सकते हैं।
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शिवेंद्र फौगाट ने बताया कि दी दादरी प्राथमिक सहकारी समिति में उनका केसीसी खाता है। वर्ष 2009 में उन्होंने 36 हजार का लोन लिया था। इसकी अदायगी छह माह बाद ही कर दी गई थी। शिवेंद्र फौगाट ने बताया कि करीब 14 माह पहले उन्होंने नगर परिषद चेयरमैन का चुनाव लड़ा था और उस दौरान जब वो समिति से एनओसी लेने गए तो उन्हें पता चला कि उनके नाम 36 हजार का लोन चल रहा है। शिवेंद्र के अनुसार 2009 के बाद उन्होंने कोई लोन नहीं लिया। उस दौरान जब उन्होंने ये बात रखी तो एक कर्मचारी ने आधे घंटे के अंदर उसे एनओसी दे दी।
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शिवेंद्र फौगाट के अनुसार एनओसी मिलने के बाद वो वो बेपरवाह हो गए। करीब एक माह बाद जब वो पैक्स केंद्र पहुंचे तो उन्हें पता चला कि 36 हजार का एक और लोन उनके नाम चल रहा है। शिवेंद्र ने बताया कि इसके बाद उन्होंने मामले की तह तक जाने की सोची और समिति से लोन संबंधी रिकॉर्ड जुटा लिया, जिसमें पैक्स स्टाफ की कारगुजारी स्पष्ट पता चली। प्रेसवार्ता में शिवेंद्र फौगाट ने कहा कि उसके ताऊ के बेटे राजेंद्र फौगाट के सेविंग खाता पर इसी प्रकार 90 हजार का लोन लिया गया है और मंगलवार को समिति अधिकारी उसके घर भी पहुंच गए।
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बिना अनुमति के पासबुक और चेकबुक हुई जारी, एंट्री भी की
शिवेंद्र फौगाट ने बताया कि केसीसी खाता की चेक बुक और पासबुक पहले से उसके पास थी। उसकी अनुमति के बिना ही दूसरी चेक बुक और पासबुक जारी की गई। इतना ही नहीं चेक भी प्रयोग किए गए, जिन पर फर्जी हस्ताक्षर मिले। वहीं, पासबुक में शुरुआती पेज को छोड़कर बीच में कुछ एंट्री भी की गई।


यूं किया गया फर्जीवाड़ा
शिवेंद्र उर्फ रिंपी फौगाट ने बताया कि 2009 का लोन वो पहले ही ले चुके हैं। इसके बाद दोबारा से 36 हजार का लोन लिया गया। 27 मई 2022 को कर्मचारियों ने ही लोन भरकर एनओसी दे दी। लोन राशि के रूप में 72004 रुपये जमा करवाए गए। इसके बाद फिर से 36 हजार का किसी ने उनके नाम पर लोन ले लिया और ये लोन अभी भी लंबित है जबकि 14 जुलाई 2023 को फिर से उन्हें कोई लोन लंबित न होने की एनओसी दे दी गई। शिवेंद्र ने बताया कि इस मामले की शिकायत वो डीसी और एलडीएम को देंगे।


अगर हमारे पास कोई लिखित शिकायत आती है तो रिकॉर्ड की जांच करवाई जाएगी। जांच के बाद ही इस मसले पर कुछ कह पाऊंगा।
-ओमप्रकाश, प्रबंधक, दादरी प्राथमिक सहकारी कृषि समिति
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