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Charkhi Dadri News: मरीज चिकित्सकों की कमी से और चिकित्सक सुविधाओं की कमी से परेशान

Mon, 03 Jul 2023 12:05 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी Updated Mon, 03 Jul 2023 12:05 AM IST
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Patients upset due to lack of doctors and lack of medical facilities
100 बेड का दादरी सिविल अस्पताल।
चरखी दादरी। जिले के सिविल अस्पताल में चिकित्सकों की कमी बरकरार है और इसके चलते मरीज परेशानी झेलने को विवश हैं। आलम ये है कि जिले में चिकित्सकों के इस समय 29 पद खाली पड़े हैं। दूसरी ओर जिले में संसाधनों और सुविधाओं की कमी चिकित्सकों को भी रास नहीं आ रही है और वो ट्रांसफार्मर करवाकर या नौकरी छोड़ने को विवश हैं। पिछले कुछ दिनों की बात करें तो तीन चिकित्सक नौकरी छोड़ चुके हैं।
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दादरी को जिला बने साढ़े 6 साल पूरे हो चुके हैं। इस समय अवधि में भी सरकार विशेषज्ञों व चिकित्सकों की कमी दूर नहीं कर पाई है। विशेषज्ञों की कमी का सीधे तौर पर असर जिला मुख्यालय स्थित सिविल अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाओं पर पड़ रहा है। जिला बनने के बाद भी सिविल अस्पताल उपमंडल अस्पताल की तर्ज पर चल रहा है। हालांकि जिला बनने के बाद यहां मेडिकल ऑफिसर की संख्या तो बढ़ी है, लेकिन विशेषज्ञों की कमी से स्वास्थ्य सेवाएं लचर हैं।
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डॉक्टर्स-डे पर संवाददाता ने जिला स्वास्थ्य विभाग में चिकित्सकों की स्थिति का जायजा लिया तो चौंकाने वाले हालात सामने आए। इस दौरान सामने आया कि जिले में चिकित्सकों के 94 पद स्वीकृत हैं जिनमें से 65 पर चिकित्सक तैनात हैं जबकि 29 पद खाली पड़े हैं। इन पदों को भरने के लिए स्वास्थ्य विभाग हर माह मुख्यालय पत्राचार करता है, लेकिन बावजूद इसके समस्या जस की तस बरकरार है। इतना ही नहीं सिविल अस्पताल समेत 17 स्वास्थ्य केंद्रों पर चिकित्सकों के लिए रेस्ट रूम बनाने की योजना भी ठंडे बस्ते में है। एक स्वास्थ्य केंद्र में 1.25 लाख रुपये खर्च करके चिकित्सकों के लिए रेस्ट रूम बनाने की योजना थी, लेकिन 5 माह से अधिक समय बीतने के बाद भी यह सुविधा किसी भी स्वास्थ्य केंद्र में शुरू नहीं हुई है। विभाग की योजना के अनुसार सिविल अस्पताल, मातृ-शिशु अस्पताल, तीन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और 12 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में रेस्ट रूम बनने हैं। दादरी जिले में तैनात चिकित्सकों को आवासीय सुविधा समेत बच्चों की पढ़ाई में दिक्कतें आ रही हैं और ये ही कारण है कि दादरी से जल्द ही चिकित्सक अपना तबादला करवा लेते हैं।
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- विशेषज्ञ भी तैनात नहीं, मूलभूत सुविधाओं का भी नहीं मिल रहा लाभ
जिले में विशेषज्ञों की कमी भी बनी हुई है और इसके चलते मूलभूत सुविधाओं का लाभ भी मरीजों को नहीं मिल रहा है। अल्ट्रासोनोलॉजिस्ट की तैनाती न होने से साढ़े चार साल से अल्ट्रासाउंड सेवा बंद हैं जबकि गत एक माह से एक्स-रे सुविधा से भी मरीज वंचित है। जिले में लंबे समय बाद बाल रोग विशेषज्ञ की तैनाती होना राहतभरी बात जरूर है।

- दो प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र चल रहे बिन चिकित्सक
जिले में चिकित्सकों की कमी का असर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की सेवाओं पर पड़ रहा है। इस समय माईकलां और कादमा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर एक भी चिकित्सक तैनात नहीं है और इसके चलते मरीजों को परेशानियों से दो-चार होना पड़ रहा है। यहां अन्य कर्मचारी नियुक्त हैं, लेकिन चिकित्सक की कमी लंबे समय से बनी हुई है।

- ये है जिले में चिकित्सकों का आंकड़ा पद स्वीकृत- 94
चिकित्सक तैनत- 65
खाली पद-29

- इन विशेषज्ञों की भी बनी कमी
दादरी सिविल अस्पताल में फिजिशियन, मनोरोग विशेषज्ञ, अल्ट्रासोनोलॉजिस्ट, जनरल सर्जन, एमडी मेडिसिन, रेडियोग्राफर, रेडियोलॉजिस्ट, गाइनी आदि की कमी भी खल रही है। इनके अलावा फार्मासिस्ट, एलटी, ओटीए, सीनियर फार्मासिस्ट, सीनियर एलटी, डेंटल फिनिशर, ईसीजी तकनीशियन की भी कमी है।

चिकित्सकों की कमी जिले में बनी है और इसे दूर कराने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। हर माह मुख्यालय पत्राचार कर रहे हैं। दूसरी ओर चिकित्सकों की सुविधाओं का दायरा जल्द बढ़ाया जाएगा और रेस्ट रूम योजना का जल्द फॉलोअप लिया जाएगा।
-डाॅ. कृष्ण कुमार, सीएमओ, चरखी दादरी
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