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Charkhi Dadri News: सीढ़ी चढ़ने पर मरीजों की फूल रहीं सांसें, लिफ्ट है कि चलती नहीं
Thu, 07 Nov 2024 01:59 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Thu, 07 Nov 2024 01:59 AM IST
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चरखी दादरी। मरीजों को सुविधा देने के लिए मातृ-शिशु अस्पताल में 11 लाख रुपये से लगाई गई लिफ्ट खराब पड़ी है जबकि सीढ़ी चढ़ने में बुजुर्गाें व गर्भवती महिलाओं की सांसें फूल रही हैं। अधिकारियों की उदासीनता का आलम यह है कि डेढ़ माह बाद भी लिफ्ट ठीक नहीं हुई है।
26 अक्तूबर के संस्करण में अमर उजाला ने यह मुद्दा प्रकाशित किया था और उस दौरान अधिकारियों ने तीन-चार दिन में लिफ्ट ठीक कराने का दम भरा था। करीब 11 दिन बीतने के बाद भी लिफ्ट बंद पड़ी है और मरीज परेशानी झेल रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग व पीडब्ल्यूडी अधिकारियों की नजरअंदाजी का खामियाजा उपचार के लिए मातृ-शिशु अस्पताल में आने वाले मरीजों को भुगतना पड़ रहा है।
बता दें कि करीब दो साल पहले करीब सवा छह करोड़ रुपये खर्च कर मातृ-शिशु अस्पताल के नए भवन का निर्माण करवाया गया है। इस भवन में दो मंजिलों पर अलग-अलग सेवाएं संचालित हैं। पहली और दूसरी मंजिल तक पहुंचने में मरीजों को दिक्कतें न हो, इसके लिए यहां 11 लाख के बजट से स्वास्थ्य विभाग ने लिफ्ट लगवाई है। लिफ्ट का निचला भाग वाटर प्रूफ न होने के कारण सितंबर में हुई बारिश के बाद से लिफ्ट सेवा बंद पड़ी है और अब तक अधिकारियों ने इसे ठीक नहीं कराया है।
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ये स्वास्थ्य सेवाएं हैं एमसीएच में संचालित
एमसीएच में लेबर वार्ड, डेंगू जांच लैब व डायलिसिस वार्ड बना है। इस स्वास्थ्य केंद्र की दैनिक ओपीडी 150 से 200 के बीच रहती हैं। यहां आने वाले मरीजों में ज्यादातर बच्चे व महिलाएं होती हैं। सीढ़ी चढ़कर उनके लिए दूसरी मंजिल तक पहुंचना आसान नहीं है।
लिफ्ट बंद होने का मामला हमारे संज्ञान में है। अधिकतर श्रमिक छठ पूजा के लिए अपने घर गए हुए हैं। फिलहाल लेबर नहीं मिलने के कारण कार्य में बाधा आई हुई है। लगभग 10 दिन के अंदर लेबर पहुंचने की संभावना है और इसके बाद निचले हिस्से को वाटर प्रूफ बनाकर लिफ्ट को चालू करवा दिया जाएगा।
अनूप सिंह, जेई, पीडब्ल्यूडी इलेक्ट्रीशियन शाखा
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26 अक्तूबर के संस्करण में अमर उजाला ने यह मुद्दा प्रकाशित किया था और उस दौरान अधिकारियों ने तीन-चार दिन में लिफ्ट ठीक कराने का दम भरा था। करीब 11 दिन बीतने के बाद भी लिफ्ट बंद पड़ी है और मरीज परेशानी झेल रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग व पीडब्ल्यूडी अधिकारियों की नजरअंदाजी का खामियाजा उपचार के लिए मातृ-शिशु अस्पताल में आने वाले मरीजों को भुगतना पड़ रहा है।
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बता दें कि करीब दो साल पहले करीब सवा छह करोड़ रुपये खर्च कर मातृ-शिशु अस्पताल के नए भवन का निर्माण करवाया गया है। इस भवन में दो मंजिलों पर अलग-अलग सेवाएं संचालित हैं। पहली और दूसरी मंजिल तक पहुंचने में मरीजों को दिक्कतें न हो, इसके लिए यहां 11 लाख के बजट से स्वास्थ्य विभाग ने लिफ्ट लगवाई है। लिफ्ट का निचला भाग वाटर प्रूफ न होने के कारण सितंबर में हुई बारिश के बाद से लिफ्ट सेवा बंद पड़ी है और अब तक अधिकारियों ने इसे ठीक नहीं कराया है।
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ये स्वास्थ्य सेवाएं हैं एमसीएच में संचालित
एमसीएच में लेबर वार्ड, डेंगू जांच लैब व डायलिसिस वार्ड बना है। इस स्वास्थ्य केंद्र की दैनिक ओपीडी 150 से 200 के बीच रहती हैं। यहां आने वाले मरीजों में ज्यादातर बच्चे व महिलाएं होती हैं। सीढ़ी चढ़कर उनके लिए दूसरी मंजिल तक पहुंचना आसान नहीं है।
लिफ्ट बंद होने का मामला हमारे संज्ञान में है। अधिकतर श्रमिक छठ पूजा के लिए अपने घर गए हुए हैं। फिलहाल लेबर नहीं मिलने के कारण कार्य में बाधा आई हुई है। लगभग 10 दिन के अंदर लेबर पहुंचने की संभावना है और इसके बाद निचले हिस्से को वाटर प्रूफ बनाकर लिफ्ट को चालू करवा दिया जाएगा।
अनूप सिंह, जेई, पीडब्ल्यूडी इलेक्ट्रीशियन शाखा