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दो दशक से कार्यरत पार्ट टाइम चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी अब होंगे नियमित, निदेशालय ने मांगा ब्योरा
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चरखी दादरी। सरकारी स्कूलों में 15 से 20 वर्षों से कार्यरत पार्ट टाइम चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी अब नियमित होंगे। इसमें सीनियरिटी 102 (रैंक) तक के अनपढ़ और सीनियरिटी 169 (रैंक) तक के पढ़े-लिखे कर्मचारी को शामिल किया जाएगा। शिक्षा विभाग निदेशालय ने इन कर्मचारियों का ब्योरा मांगा है। इन कर्मचारियों में अधिकतर 15 से 20 साल की सेवा कर चुके हैं और ज्यादातर की आयु 50 पार है। लंबे समय से ये कर्मचारी उन्हें नियमित करने की मांग उठा रहे थे, जो अब जाकर परवान चढ़ती नजर आ रही है।
जिले में 365 सरकारी स्कूल हैं। प्रत्येक स्कूल में चतुर्थ श्रेणी के पद पर चपरासी, चौकीदार, माली व स्वीपर आदि कार्यरत हैं। ये कर्मचारी 15 से 20 सालों से स्कूलों में पार्ट टाइम के रूप में सेवाएं दे रहे हैं और काफी समय से नियमित होने की मांग करते आ रहे हैं। इन कर्मचारियों में काफी 50 वर्ष की आयु को भी पार चुके हैं। अब इन कर्मचारियों के रेगुलर होने की उम्मीद जगी है। शिक्षा निदेशालय ने सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को पत्र भेजकर इन कर्मचारियों का डाटा मांगा है। इसके तहत इनकी सीनियरिटी व अन्य विवरण मांगा गया है ताकि इनकी अगली प्रक्रिया शुरू की जा सके। विभागीय सूत्रों के अनुसार जिला में ऐसे पार्ट टाइम कर्मचारियों की संख्या का ब्योरा अधिकारी तैयार कर चुके हैं और अब वर्किंग दिवस में इसकी जानकारी शिक्षा विभाग निदेशालय को भेज दी जाएगी।
जिले में ऐसे 40 कर्मचारी
जिले के राजकीय स्कूलों में तैनात पार्ट टाइम चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की संख्या अधिक नहीं हैं। विभागीय सूत्रों के अनुसार जिले में करीब 40 कर्मचारी ही ऐसे हैं और उनका ब्योरा निदेशालय को भेजने की तैयारी शिक्षा विभाग के जिला अधिकारियों ने कर ली है। इन कर्मचारियों में से ज्यादातर की सेवाएं लंबे समय से जारी है।
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शिक्षा निदेशालय ने इन कर्मचारियों का डाटा मांगा है। इनको नियमित किए जाने की प्रक्रिया शुरू होनी है। ये कर्मचारी लंबे समय से स्कूलों में कार्यरत हैं। जल्द ही निदेशालय को डाटा भेज दिया जाएगा।
जलधीर सिंह कलकल, खंड शिक्षा अधिकारी
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जिले में 365 सरकारी स्कूल हैं। प्रत्येक स्कूल में चतुर्थ श्रेणी के पद पर चपरासी, चौकीदार, माली व स्वीपर आदि कार्यरत हैं। ये कर्मचारी 15 से 20 सालों से स्कूलों में पार्ट टाइम के रूप में सेवाएं दे रहे हैं और काफी समय से नियमित होने की मांग करते आ रहे हैं। इन कर्मचारियों में काफी 50 वर्ष की आयु को भी पार चुके हैं। अब इन कर्मचारियों के रेगुलर होने की उम्मीद जगी है। शिक्षा निदेशालय ने सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को पत्र भेजकर इन कर्मचारियों का डाटा मांगा है। इसके तहत इनकी सीनियरिटी व अन्य विवरण मांगा गया है ताकि इनकी अगली प्रक्रिया शुरू की जा सके। विभागीय सूत्रों के अनुसार जिला में ऐसे पार्ट टाइम कर्मचारियों की संख्या का ब्योरा अधिकारी तैयार कर चुके हैं और अब वर्किंग दिवस में इसकी जानकारी शिक्षा विभाग निदेशालय को भेज दी जाएगी।
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जिले में ऐसे 40 कर्मचारी
जिले के राजकीय स्कूलों में तैनात पार्ट टाइम चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की संख्या अधिक नहीं हैं। विभागीय सूत्रों के अनुसार जिले में करीब 40 कर्मचारी ही ऐसे हैं और उनका ब्योरा निदेशालय को भेजने की तैयारी शिक्षा विभाग के जिला अधिकारियों ने कर ली है। इन कर्मचारियों में से ज्यादातर की सेवाएं लंबे समय से जारी है।
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शिक्षा निदेशालय ने इन कर्मचारियों का डाटा मांगा है। इनको नियमित किए जाने की प्रक्रिया शुरू होनी है। ये कर्मचारी लंबे समय से स्कूलों में कार्यरत हैं। जल्द ही निदेशालय को डाटा भेज दिया जाएगा।
जलधीर सिंह कलकल, खंड शिक्षा अधिकारी