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Charkhi Dadri News: चलाते ही बंद हो गया नागरिक अस्पताल का ऑक्सीजन प्लांट, जिले के 22 स्वास्थ्य केंद्रों पर मॉक ड्रिल की

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 12 Apr 2023 01:01 AM IST
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Oxygen plant of civil hospital stopped as soon as it started, mock drill done at 22 health centers in the district
आईसीयू में वेंटिलेटर और अन्य संसाधन की जांच करतीं स्टाफ नर्सें।
चरखी दादरी। सरकार के निर्देशों पर स्वास्थ्य विभाग की दो दिवसीय मॉक ड्रिल पूरी हो गई है। दोनों ही दिन सिविल अस्पताल में अधिकारियों को खामियां मिली। पहले दिन जहां सिविल अस्पताल के बेड तक पहुंचाई गई ऑक्सीजन पाइप लाइन में लीकेज मिली तो दूसरे दिन मंगलवार को ऑक्सीजन प्लांट चलाकर देखने पर ट्रिप मार गया। ऐसा स्विच खराब होने के कारण हुआ और इस पर संज्ञान लेकर विभाग ने स्विच बदलवा दिया है।
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दरअसल, कोरोना के मामले प्रदेश में तेजी से बढ़ रहे हैं। इन्हें देखते हुए सरकार ने स्वास्थ्य विभाग को 10 और 11 अप्रैल को तैयारियां परखने के लिए मॉक ड्रिल करने का आदेश दिया था। सरकार के आदेश की पालना करते हुए सोमवार और मंगलवार को जिले के 22 स्वास्थ्य केंद्रों पर मॉक ड्रिल की गई। इनमें 17 सरकारी और पांच प्राइवेट अस्पताल शामिल हैं।
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सोमवार को पहले दिन जहां अधिकारियों को सिविल अस्पताल में इंटिग्रेटिड ऑक्सीजन पाइप लाइन में एक जगह वॉल्व लीक मिला तो दूसरी जगह एक पेच ढीला मिला। इन दोनों खामियों को सोमवार को ही दुरुस्त करवा दिया गया था। मंगलवार को सीएमओ डॉ. कृष्ण कुमार और कोरोना नोडल अधिकारी डॉ. गौरव भारद्वाज ने ऑक्सीजन प्लांट का निरीक्षण किया। इस दौरान 500 लीटर प्रति मिनट ऑक्सीजन क्षमता वाले प्लांट में बार-बार ट्रिप करने की समस्या पाई गई। इसकी जांच की तो प्लांट का एक स्विच खराब मिला जो प्लांट के बार-बार बंद होने का कारण बना। कोरोना नोडल अधिकारी डॉ. गौरव भारद्वाज ने बताया कि स्विच को तत्काल बदलवाने का आदेश दे दिया है।
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कुछ स्वास्थ्य केंद्रों से गलत आया संसाधनों का डाटा
स्वास्थ्य विभाग के सूत्रों के अनुसार मंगलवार को मॉक ड्रिल के तहत सभी स्वास्थ्य केंद्रों से संसाधनों और स्टाफ का ब्योरा मांगा गया था। इस दौरान कुछ केंद्रों से गलत जानकारी भेजी गई। अधिकारियों की जांच में ये चूक पकड़ी गई और इसके बाद दोबारा से उन केंद्रों से सही ब्योरा मांगा गया।

ये हैं विभाग के पास संसाधन
संसाधन- संख्या
वेंटिलेटर-37
एंबुलेंस-19
ऑक्सीजन सिलिंडर-945
कुल बेड-447
आईसीयू बेड-52
वेंटिलेटर युक्त बेड-37
चिकित्सक-72
आयुष चिकित्सक-18
स्टाफ नर्स-164
पैरामेडिकल स्टाफ-215
एएनएम, आंगनबाड़ी और आशा वर्कस- 749
आरएटी किट- 127
प्रतिदिन टेस्टिंग क्षमता-1000
पीपीई किट- 2123
एन-95 मास्क 11544
नेबोलाइजर- 286
ऑक्सीमीटर-330
ऑक्सीजन कंसंट्रेटर- 273

सीएमओ डॉ. कृष्ण कुमार से मॉक ड्रिल पर सवाल-जवाब
सवाल: दो दिन की मॉक ड्रिल में क्या खामियां सामने आई?
जवाब: ज्यादातर व्यवस्थाएं दुरुस्त पाई गई। थोड़ी बहुत जो खामियां मिली उन्हें दुरुस्त करवा दिया गया है।
सवाल: बढ़ रहे कोरोना केस के मद्देनजर विभाग ने क्या कदम उठाए हैं?
जवाब: विभाग पूरी तरह से अलर्ट है। कोरोना केस मिलने शुरू होते ही हमने सैंपलिंग और बढ़ा दी है।
सवाल: क्या ऑक्सीजन सिलिंडर, वेंटिलेटर, बेड और अन्य संसाधन पर्याप्त हैं?
जवाब: ये तमाम संसाधन हमारे पास पर्याप्त हैं। मॉक ड्रिल के दौरान सभी केंद्रों से संसाधनों का ब्योरा हमने मांगा।
सवाल: लोगों से क्या अपील करना चाहेंगे?
जवाब: लोगों से मेरी एक ही अपील है कि कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए पूरी सावधानी बरतें।
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