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डीसी-एडीसी ने पुलिस बल के साथ की ओवरलोडिंग वाहनों की जांच, 42 ओवरलोड और व्हाट्स एप पर लोकेशन शेयर करने वाले पांच संदिग्ध पकड़े
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जिला प्रशासन की एक रात की सख्त चेकिंग ने खनन सामग्री से भरे ओवरलोड वाहन ले जाने वाले माफिया के पसीने छुड़वा दिए। प्रशासनिक अमले ने पुलिस दस्ते के साथ न केवल 42 ओवरलोड वाहन पकड़े बल्कि आरटीए टीमों की लोकेशन शेयर करने के शक में पांच संदिग्ध लोगों को भी काबू किया। इनके पास से बरामद फोन में व्हाट्स एप ग्रुप मिला है। इस ग्रुप से जुड़े लोगों का पता लगाने के लिए साइबर सैल से जांच भी करवाई जाएगी। वहीं, चेकिंग कर रहे एडीसी मोहम्मद इमरान रजा की कार को टक्कर मारने का प्रयास भी किया गया लेकिन पुलिस ने डंपर चालक को काबू कर लिया। जिला बनने के बाद जिला प्रशासन की ओवरलोडिंग पर यह पहली बड़ी कार्रवाई है।
जिला प्रशासन भी ओवरलोडिंग की शिकायतें सुनकर ऊब चुका है। पिछले एक माह से प्रशासन ने क्रशर संचालकों और ओवरलोड माफिया के खिलाफ अपनी नजर टेढ़ी कर रखी है। करीब बीस दिन पहले छह क्रशरों को एनजीटी के नियमों की पालना न करने पर सील किया गया तो वहीं हाल ही में वाहन का ओवरलोड भरने पर 12 स्टोन क्रशरों को नोटिस जारी किए गए हैं। नोटिस का जवाब न देने वाले क्रशर संचालकों के लाइसेंस रद्द करने की कार्रवाई भी अमल में लाई जा सकती है। एडीसी के नोटिस भेजने के बाद से ही क्रशर संचालकों में हड़कंप मचा हुआ था और वीरवार को जिला उपायुक्त श्यामलाल पूनिया ने प्रशासनिक अमले को साथ लेकर स्पेशल चेकिंग अभियान चलाया।
अभियान शाम सात बजे शुरू किया गया और इसमें एडीसी मोहम्मद इमरान रजा, सीटीएम प्रीतपाल सिंह, डीएसपी शमशेर सिंह सहित आरटीए स्टाफ सहित 100 कर्मचारियों को शामिल किया गया। ओवरलोड वाहनों को रुकवाने के लिए समसपुर टी-प्वाइंट और रावलधी चौक पर पुलिस नाके लगाए गए। यहां पुलिस कर्मियों ने निर्माण सामग्री लेकर जा रहे डंपरों और ट्रॉलों को रुकवाया जबकि आरटीए स्टाफ ने जांच की। स्पेशल चेकिंग अभियान के दौरान 42 ओवरलोड वाहनों के 24 लाख 88 हजार 80 रुपये के चालान किए गए। नौ वाहनों को इंपाउंड भी किया गया। वहीं, एक से 10 मार्च तक 31 ओवरलोड वाहनों पर कार्रवाई हुई। इनके 18, 29, 300 रुपये के चालान किए गए।
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समसपुर टी-प्वाइंट के समीप से पकड़े लोकेशन शेयर करने वाले
सूत्रों के अनुसार डीसी, एडीसी सहित प्रशासनिक अधिकारी रावलधी चौक से समसपुुर नाके की तरफ आ रहे थे और इसी दौरान उनकी नजर सड़क किनारे खड़े संदिग्ध व्यक्तियों पर पड़ गई। अधिकारियों की सुरक्षा में तैनात पुलिस कर्मियों ने उन्हें दबोच लिया। उनके पास से जो मोबाइल मिले, उनमें लोकेशन शेयर करने का अंदेशा है। वहाट्स एप ग्रुप से जुड़े नंबरों की जांच पुलिस की साइबर सैल ने शुरू कर दी है। उनके मोबाइल में आरटीए टीम की लोकेशन शेयर करने वाला एक ही ग्रुप मिला है।
पहले पकड़ा गया ग्रुप और यह अलग-अलग
प्रशासन ने पकड़े गए पांच संदिग्ध लोगों के मोबाइलों की जांच करवाई तो एक व्हाट्स एप ग्रुप मिला। जांच करने पर इससे कई मोबाइल नंबर जुड़े मिले। एडीसी मोहम्मद इमरान रजा ने बताया कि कुछ समय पहले भी व्हाट्स से टीम की लोकेशन शेयर करने का एक मामला सामने आया था। उस ग्रुप से संदिग्ध लोगों के मोबाइल में मिले ग्रुप का मिलान किया गया तो अलग-अलग मिले।
पहले नाका तोड़ा फिर एडीसी की कार को टक्कर मारने का किया प्रयास
चिड़िया मोड़ नाके पर भी ओवरलोड वाहनों को रुकवाया जा रहा था। यहां तैनात पुलिस कर्मियों ने एक ओवरलोड डंपर को रुकने का इशारा किया तो चालक नाका तोड़कर वाहन को आगे भगा ले गया। वहां मौजूद एडीसी ने अपनी कार से डंपर का पीछा किया और जनता कॉलेज के समीप चालक ने एडीसी की कार को टक्कर मारने का प्रयास भी किया। हालांकि एडीसी की कार का चालक बचाव करने में कामयाब रहा और इसके बाद वहां पहुंचे पुलिस कर्मचारियों ने चालक को दबोच लिया।
डीसी श्यामलाल पूनिया की अगुवाई में यह स्पेशल चेकिंग अभियान चलाया गया। 42 ओवरलोड वाहनों के चालान किए गए। ओवरलोडिंग को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अभियान निरंतर जारी रहेगा और जो क्रशर संचालक आदेशों की आवेह्लना करेगा उसके खिलाफ भी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। ओवरलोडिंग हादसों का कारण बन रही है और जिला प्रशासन पूर्णतया अंकुश लगाएगा।
मोहम्मद इमरान रजा, एडीसी
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जिला प्रशासन भी ओवरलोडिंग की शिकायतें सुनकर ऊब चुका है। पिछले एक माह से प्रशासन ने क्रशर संचालकों और ओवरलोड माफिया के खिलाफ अपनी नजर टेढ़ी कर रखी है। करीब बीस दिन पहले छह क्रशरों को एनजीटी के नियमों की पालना न करने पर सील किया गया तो वहीं हाल ही में वाहन का ओवरलोड भरने पर 12 स्टोन क्रशरों को नोटिस जारी किए गए हैं। नोटिस का जवाब न देने वाले क्रशर संचालकों के लाइसेंस रद्द करने की कार्रवाई भी अमल में लाई जा सकती है। एडीसी के नोटिस भेजने के बाद से ही क्रशर संचालकों में हड़कंप मचा हुआ था और वीरवार को जिला उपायुक्त श्यामलाल पूनिया ने प्रशासनिक अमले को साथ लेकर स्पेशल चेकिंग अभियान चलाया।
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अभियान शाम सात बजे शुरू किया गया और इसमें एडीसी मोहम्मद इमरान रजा, सीटीएम प्रीतपाल सिंह, डीएसपी शमशेर सिंह सहित आरटीए स्टाफ सहित 100 कर्मचारियों को शामिल किया गया। ओवरलोड वाहनों को रुकवाने के लिए समसपुर टी-प्वाइंट और रावलधी चौक पर पुलिस नाके लगाए गए। यहां पुलिस कर्मियों ने निर्माण सामग्री लेकर जा रहे डंपरों और ट्रॉलों को रुकवाया जबकि आरटीए स्टाफ ने जांच की। स्पेशल चेकिंग अभियान के दौरान 42 ओवरलोड वाहनों के 24 लाख 88 हजार 80 रुपये के चालान किए गए। नौ वाहनों को इंपाउंड भी किया गया। वहीं, एक से 10 मार्च तक 31 ओवरलोड वाहनों पर कार्रवाई हुई। इनके 18, 29, 300 रुपये के चालान किए गए।
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समसपुर टी-प्वाइंट के समीप से पकड़े लोकेशन शेयर करने वाले
सूत्रों के अनुसार डीसी, एडीसी सहित प्रशासनिक अधिकारी रावलधी चौक से समसपुुर नाके की तरफ आ रहे थे और इसी दौरान उनकी नजर सड़क किनारे खड़े संदिग्ध व्यक्तियों पर पड़ गई। अधिकारियों की सुरक्षा में तैनात पुलिस कर्मियों ने उन्हें दबोच लिया। उनके पास से जो मोबाइल मिले, उनमें लोकेशन शेयर करने का अंदेशा है। वहाट्स एप ग्रुप से जुड़े नंबरों की जांच पुलिस की साइबर सैल ने शुरू कर दी है। उनके मोबाइल में आरटीए टीम की लोकेशन शेयर करने वाला एक ही ग्रुप मिला है।
पहले पकड़ा गया ग्रुप और यह अलग-अलग
प्रशासन ने पकड़े गए पांच संदिग्ध लोगों के मोबाइलों की जांच करवाई तो एक व्हाट्स एप ग्रुप मिला। जांच करने पर इससे कई मोबाइल नंबर जुड़े मिले। एडीसी मोहम्मद इमरान रजा ने बताया कि कुछ समय पहले भी व्हाट्स से टीम की लोकेशन शेयर करने का एक मामला सामने आया था। उस ग्रुप से संदिग्ध लोगों के मोबाइल में मिले ग्रुप का मिलान किया गया तो अलग-अलग मिले।
पहले नाका तोड़ा फिर एडीसी की कार को टक्कर मारने का किया प्रयास
चिड़िया मोड़ नाके पर भी ओवरलोड वाहनों को रुकवाया जा रहा था। यहां तैनात पुलिस कर्मियों ने एक ओवरलोड डंपर को रुकने का इशारा किया तो चालक नाका तोड़कर वाहन को आगे भगा ले गया। वहां मौजूद एडीसी ने अपनी कार से डंपर का पीछा किया और जनता कॉलेज के समीप चालक ने एडीसी की कार को टक्कर मारने का प्रयास भी किया। हालांकि एडीसी की कार का चालक बचाव करने में कामयाब रहा और इसके बाद वहां पहुंचे पुलिस कर्मचारियों ने चालक को दबोच लिया।
डीसी श्यामलाल पूनिया की अगुवाई में यह स्पेशल चेकिंग अभियान चलाया गया। 42 ओवरलोड वाहनों के चालान किए गए। ओवरलोडिंग को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अभियान निरंतर जारी रहेगा और जो क्रशर संचालक आदेशों की आवेह्लना करेगा उसके खिलाफ भी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। ओवरलोडिंग हादसों का कारण बन रही है और जिला प्रशासन पूर्णतया अंकुश लगाएगा।
मोहम्मद इमरान रजा, एडीसी