{"_id":"673a618e07c8ff4c9b0a4b04","slug":"overload-problem-will-reform-of-crusher-zone-charkhi-dadri-news-c-126-1-cdr1001-126438-2024-11-18","type":"story","status":"publish","title_hn":"Charkhi Dadri News: अरावली क्रशर जोन में दूर होगी बिजली ओवरलोडिंग समस्या","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Charkhi Dadri News: अरावली क्रशर जोन में दूर होगी बिजली ओवरलोडिंग समस्या
Mon, 18 Nov 2024 03:05 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Mon, 18 Nov 2024 03:05 AM IST
विज्ञापन
पिचौपा कलां क्रशर जोन में स्थित क्रशर। संवाद
प्रस्तावित लीड:
- हॉट लाइन से जोड़े जाएंगे नहरों के पंप हाउस, अब ओवरलोडिंग की समस्या से जूझ रहे क्रशर संचालक
संवाद न्यूज एजेंसी
चरखी दादरी। जिले की अरावली की पहाड़ियों में स्थित क्रशर जोन में बिजली ओवरलोड की समस्या दूर की जाएगी। इस क्षेत्र में बिजली की खपत ज्यादा होने से लोड आमतौर पर ज्यादा रहता है। इससे संचालकों को क्रशर चलाने में परेशानी होती है।
जिले में सात क्रशर जोन हैं। इनमें करीब 325 क्रशर संचालित किए जा रहे हैं। इतना ही नहीं, नहरों के पंंप हाउसों पर भी बिजली पलक भर के लिए भी नहीं झपकेगी। फिलहाल, अब बिजली निगम मानकावास में बन रहे 33 केवीए पावर सब स्टेशन से इस क्षेत्र में बिजली आपूर्ति करेगा। जिले को अरावली की पहाड़ियाें में खनन से प्रति माह करीब 200 करोड़ के सरकारी राजस्व की प्राप्ति होती है। गांव मानकावास, कलियाणा, अटेला कलां, अटेला नया, अटेला खुर्द, बादल, असावरी, मैहड़ा, तिवाला, रामलवास, खेड़ी बत्तर सहित कई गांवों में पहाड़ हैं। इन पहाड़ों पर पत्थरों की पिसाई की जाती है। पहाड़ों से क्रशर के जरिए रोड़ी, बजरी तैयार की जाती है। इस जोन से क्रशर, रोड़ी आदि दिल्ली, राजस्थान, उत्तरप्रदेश सहित अन्य राज्यों में भी भेजे जाते हैं। इन क्रशर जोन में 20 हजार से ज्यादा प्रवासी व स्थानीय श्रमिक और कर्मचारी काम करते हैं।
ओवरलोड से आ रहे फॉल्ट
इस क्षेत्र में 24 घंटे बिजली की खपत बनी रहती है। बिजली थ्री फेस देनी पड़ती है। तब जाकर बड़ी क्षमता की मोटरें एवं मशीनें चल पाती हैं। इसी वजह से इस जोन में ओवरलोड की समस्या बनी रहती है। इससे मेन लाइनों में भी फॉल्ट ज्यादा आते हैं। अब इस क्षेत्र में यह समस्या नहीं रहेगी। बिजली निगम नए बन रहे मानकावास पावर सब स्टेशन से क्रशर जोन में बिजली की आपूर्ति करेगा।
विज्ञापन
- नहरों पर बने पंप हाउसों में ही आपूर्ति
इसी पावर सब स्टेशन से आसपास नहरों के पंप हाउसों को भी बिजली की आपूर्ति की जाएगी। पंप हाउसों को 24 घंटे बिजली की जरूरत होती है। पंप हाउस हॉट लाइन से जुड़े होते हैं। इस पावर सब स्टेशन के पास बरसाना पंप हाउस, लोहारू नहर का घिकाड़ा पंप हाउस भी है।
घिकाड़ा पंप हाउस में 32 मोटरें लगी हैं। इनसे बिजली की खपत काफी होती है। जैसे ही चार माह में पावर सब स्टेशन का काम पूरा हो जाएगा। पंप हाउस व क्रशर जोन को इससे जोड़ दिया जाएगा।
वर्सन:
क्रशर जोन में बिजली लोड नहीं रहने दिया जाएगा। पर्याप्त मात्रा में बिजली मिलेगी। मानकावास पावर सब स्टेशन के आसपास नहरों के पंप हाउसों को भी यही से बिजली की आपूर्ति की जाएगी।
-गौरव कुमार, एसडीओ, बिजली निगम
फोटो-02
पिचौपा कलां क्रशर जोन में स्थित क्रशर। संवाद
फोटो-03
शहर स्थित स्थित बिजली पॉवर सब स्टेशन। संवाद
विज्ञापन
- हॉट लाइन से जोड़े जाएंगे नहरों के पंप हाउस, अब ओवरलोडिंग की समस्या से जूझ रहे क्रशर संचालक
संवाद न्यूज एजेंसी
चरखी दादरी। जिले की अरावली की पहाड़ियों में स्थित क्रशर जोन में बिजली ओवरलोड की समस्या दूर की जाएगी। इस क्षेत्र में बिजली की खपत ज्यादा होने से लोड आमतौर पर ज्यादा रहता है। इससे संचालकों को क्रशर चलाने में परेशानी होती है।
जिले में सात क्रशर जोन हैं। इनमें करीब 325 क्रशर संचालित किए जा रहे हैं। इतना ही नहीं, नहरों के पंंप हाउसों पर भी बिजली पलक भर के लिए भी नहीं झपकेगी। फिलहाल, अब बिजली निगम मानकावास में बन रहे 33 केवीए पावर सब स्टेशन से इस क्षेत्र में बिजली आपूर्ति करेगा। जिले को अरावली की पहाड़ियाें में खनन से प्रति माह करीब 200 करोड़ के सरकारी राजस्व की प्राप्ति होती है। गांव मानकावास, कलियाणा, अटेला कलां, अटेला नया, अटेला खुर्द, बादल, असावरी, मैहड़ा, तिवाला, रामलवास, खेड़ी बत्तर सहित कई गांवों में पहाड़ हैं। इन पहाड़ों पर पत्थरों की पिसाई की जाती है। पहाड़ों से क्रशर के जरिए रोड़ी, बजरी तैयार की जाती है। इस जोन से क्रशर, रोड़ी आदि दिल्ली, राजस्थान, उत्तरप्रदेश सहित अन्य राज्यों में भी भेजे जाते हैं। इन क्रशर जोन में 20 हजार से ज्यादा प्रवासी व स्थानीय श्रमिक और कर्मचारी काम करते हैं।
विज्ञापन
ओवरलोड से आ रहे फॉल्ट
इस क्षेत्र में 24 घंटे बिजली की खपत बनी रहती है। बिजली थ्री फेस देनी पड़ती है। तब जाकर बड़ी क्षमता की मोटरें एवं मशीनें चल पाती हैं। इसी वजह से इस जोन में ओवरलोड की समस्या बनी रहती है। इससे मेन लाइनों में भी फॉल्ट ज्यादा आते हैं। अब इस क्षेत्र में यह समस्या नहीं रहेगी। बिजली निगम नए बन रहे मानकावास पावर सब स्टेशन से क्रशर जोन में बिजली की आपूर्ति करेगा।
विज्ञापन
- नहरों पर बने पंप हाउसों में ही आपूर्ति
इसी पावर सब स्टेशन से आसपास नहरों के पंप हाउसों को भी बिजली की आपूर्ति की जाएगी। पंप हाउसों को 24 घंटे बिजली की जरूरत होती है। पंप हाउस हॉट लाइन से जुड़े होते हैं। इस पावर सब स्टेशन के पास बरसाना पंप हाउस, लोहारू नहर का घिकाड़ा पंप हाउस भी है।
घिकाड़ा पंप हाउस में 32 मोटरें लगी हैं। इनसे बिजली की खपत काफी होती है। जैसे ही चार माह में पावर सब स्टेशन का काम पूरा हो जाएगा। पंप हाउस व क्रशर जोन को इससे जोड़ दिया जाएगा।
वर्सन:
क्रशर जोन में बिजली लोड नहीं रहने दिया जाएगा। पर्याप्त मात्रा में बिजली मिलेगी। मानकावास पावर सब स्टेशन के आसपास नहरों के पंप हाउसों को भी यही से बिजली की आपूर्ति की जाएगी।
-गौरव कुमार, एसडीओ, बिजली निगम
फोटो-02
पिचौपा कलां क्रशर जोन में स्थित क्रशर। संवाद
फोटो-03
शहर स्थित स्थित बिजली पॉवर सब स्टेशन। संवाद