{"_id":"6a1738bbe4822412960a37fd","slug":"over-500-dangerous-dogs-are-living-in-homes-without-registration-killing-130-people-every-month-charkhi-dadri-news-c-126-1-cdr1004-155826-2026-05-28","type":"story","status":"publish","title_hn":"Charkhi Dadri News: बिना पंजीकरण के घरों में पल रहे 500 से अधिक खतरनाक कुत्ते, हर महीने 130 लोग हो रहे शिकार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Charkhi Dadri News: बिना पंजीकरण के घरों में पल रहे 500 से अधिक खतरनाक कुत्ते, हर महीने 130 लोग हो रहे शिकार
Thu, 28 May 2026 12:02 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Thu, 28 May 2026 12:02 AM IST
विज्ञापन
शहर के रोहतक रोड पर खतरनाक पिटबुल नस्ल के कुत्तें को घुमाने लाया मालिक। फाइल फोटो
चरखी दादरी। शहर में पालतू कुत्तों के पंजीकरण को लेकर नगर परिषद के नियमों की खुली अनदेखी सामने आई है। प्रशासन की ओर से पालतू कुत्तों का पंजीकरण अनिवार्य किए जाने के बावजूद बड़ी संख्या में लोग इस प्रक्रिया का पालन नहीं कर रहे हैं। सरकारी अस्पतालों से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार हर महीने औसतन 130 से अधिक लोग कुत्तों के काटने की घटनाओं के बाद एंटी-रेबीज वैक्सीन लगवाने पहुंच रहे हैं। इनमें कई मामले ऐसे भी सामने आते हैं जिनमें पालतू कुत्तों के हमले शामिल हैं।
शहर में 500 से अधिक विदेशी और खतरनाक नस्ल के कुत्ते घरों में पाले जा रहे हैं, लेकिन नगर परिषद कार्यालय के रिकॉर्ड में अब तक किसी भी पालतू कुत्ते का पंजीकरण दर्ज नहीं हुआ है। यह स्थिति नियमों की गंभीर अवहेलना को दर्शाती है और प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है।
नगर परिषद की ओर से समय-समय पर पालतू कुत्तों के पंजीकरण के लिए निर्देश जारी किए गए हैं, लेकिन अधिकांश कुत्ता पालकों ने न तो आवेदन प्रक्रिया पूरी की है और न ही निर्धारित शुल्क जमा कराया है। पंजीकरण न होने के कारण यह भी स्पष्ट नहीं हो पा रहा कि शहर में कितने कुत्ते किस नस्ल के हैं और उनकी निगरानी किस तरह की जा रही है। इससे पशु नियंत्रण व्यवस्था की पारदर्शिता प्रभावित हो रही है। संवाद
विज्ञापन
-- -- -- -- -- -
वेबसाइट पर देनी होती है जानकारी
नगर परिषद के नियमों के अनुसार, शहर की सीमा के भीतर किसी भी व्यक्ति को कुत्ता पालने के लिए नगर परिषद की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन आवेदन करना होता है। इसके लिए निर्धारित वार्षिक 500 रुपये शुल्क तय किया गया है और साथ ही कुत्ते के टीकाकरण (वैक्सीनेशन) का प्रमाण पत्र, मालिक का नाम, पीपीपी, कुत्ते की नस्ल अपलोड करना अनिवार्य है। पंजीकरण के बाद नगर परिषद द्वारा कुत्ते के लिए एक विशेष टोकन या टैग जारी किया जाता है। नगर परिषद के अधिकारियों के अनुसार, इस नियम को लागू हुए लंबा समय बीत चुका है लेकिन आज तक शहर के एक भी कुत्ता पालक ने ऑनलाइन पोर्टल पर जाकर अपने पालतू जानवर का पंजीकरण नहीं कराया है।
-- -- -- -- -
पिटबुल-रॉटवीलर खतरनाक नस्लें भी पाली जा रहीं
शहर के कई पॉश इलाकों और सोसायटियों में लोगों ने पिटबुल, रॉटवीलर, जर्मन शेफर्ड और डोगो अर्जेंटीनो जैसी बेहद आक्रामक और खतरनाक नस्लों के कुत्ते पाल रखे हैं। इन कुत्तों को अक्सर बिना मुंह की जाली और बिना चेन के पार्कों या सड़कों पर घुमाया जाता है जिससे बच्चों और बुजुर्गों में दहशत का माहौल है।
-- -- -- -- -
जानिये...क्या कहते हैं नियम
नगर परिषद के अधिकारियों के मुताबिक, पंजीकरण का मुख्य उद्देश्य शहर में पालतू कुत्तों की सटीक संख्या का पता लगाना और यह सुनिश्चित करना है कि उन्हें रैबीज के टीके लगे हैं या नहीं। नियमों के तहत बिना पंजीकरण कुत्ता पालने पर भारी जुर्माने का प्रावधान है। यदि किसी का पालतू कुत्ता किसी अन्य व्यक्ति को काटता है, तो उसके इलाज का पूरा खर्च और हर्जाना मालिक को भुगतना होगा।
-- -- -- -- -- -
अप्रैल 2026 में इतने लोगों ने लगवाए एंटी रैबीज इंजेक्शन
गली में घूमने वाले कुत्तों के काटे गए लो 399
घरों में पाले गए कुत्तों का शिकार हुए 131
बिल्ली द्वारा काटे गए 34
बंदरों का शिकार हुए लोग 51
अन्य जानवरों द्वारा काटे गए 02
-- -- -- -- -- --
कुत्ता पालकों के घर-घर जाकर कई बार पंजीकरण करवाने की अपील की गई है। ऐसा नहीं करने वालों के खिलाफ अब जल्द ही नोटिस भेजा जाएगा। इसके बाद भी नहीं मानने वाले लोगों पर कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
- राजेश कुमार, सीएसआई, नगर परिषद।
विज्ञापन
शहर में 500 से अधिक विदेशी और खतरनाक नस्ल के कुत्ते घरों में पाले जा रहे हैं, लेकिन नगर परिषद कार्यालय के रिकॉर्ड में अब तक किसी भी पालतू कुत्ते का पंजीकरण दर्ज नहीं हुआ है। यह स्थिति नियमों की गंभीर अवहेलना को दर्शाती है और प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है।
विज्ञापन
नगर परिषद की ओर से समय-समय पर पालतू कुत्तों के पंजीकरण के लिए निर्देश जारी किए गए हैं, लेकिन अधिकांश कुत्ता पालकों ने न तो आवेदन प्रक्रिया पूरी की है और न ही निर्धारित शुल्क जमा कराया है। पंजीकरण न होने के कारण यह भी स्पष्ट नहीं हो पा रहा कि शहर में कितने कुत्ते किस नस्ल के हैं और उनकी निगरानी किस तरह की जा रही है। इससे पशु नियंत्रण व्यवस्था की पारदर्शिता प्रभावित हो रही है। संवाद
विज्ञापन
वेबसाइट पर देनी होती है जानकारी
नगर परिषद के नियमों के अनुसार, शहर की सीमा के भीतर किसी भी व्यक्ति को कुत्ता पालने के लिए नगर परिषद की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन आवेदन करना होता है। इसके लिए निर्धारित वार्षिक 500 रुपये शुल्क तय किया गया है और साथ ही कुत्ते के टीकाकरण (वैक्सीनेशन) का प्रमाण पत्र, मालिक का नाम, पीपीपी, कुत्ते की नस्ल अपलोड करना अनिवार्य है। पंजीकरण के बाद नगर परिषद द्वारा कुत्ते के लिए एक विशेष टोकन या टैग जारी किया जाता है। नगर परिषद के अधिकारियों के अनुसार, इस नियम को लागू हुए लंबा समय बीत चुका है लेकिन आज तक शहर के एक भी कुत्ता पालक ने ऑनलाइन पोर्टल पर जाकर अपने पालतू जानवर का पंजीकरण नहीं कराया है।
पिटबुल-रॉटवीलर खतरनाक नस्लें भी पाली जा रहीं
शहर के कई पॉश इलाकों और सोसायटियों में लोगों ने पिटबुल, रॉटवीलर, जर्मन शेफर्ड और डोगो अर्जेंटीनो जैसी बेहद आक्रामक और खतरनाक नस्लों के कुत्ते पाल रखे हैं। इन कुत्तों को अक्सर बिना मुंह की जाली और बिना चेन के पार्कों या सड़कों पर घुमाया जाता है जिससे बच्चों और बुजुर्गों में दहशत का माहौल है।
जानिये...क्या कहते हैं नियम
नगर परिषद के अधिकारियों के मुताबिक, पंजीकरण का मुख्य उद्देश्य शहर में पालतू कुत्तों की सटीक संख्या का पता लगाना और यह सुनिश्चित करना है कि उन्हें रैबीज के टीके लगे हैं या नहीं। नियमों के तहत बिना पंजीकरण कुत्ता पालने पर भारी जुर्माने का प्रावधान है। यदि किसी का पालतू कुत्ता किसी अन्य व्यक्ति को काटता है, तो उसके इलाज का पूरा खर्च और हर्जाना मालिक को भुगतना होगा।
अप्रैल 2026 में इतने लोगों ने लगवाए एंटी रैबीज इंजेक्शन
गली में घूमने वाले कुत्तों के काटे गए लो 399
घरों में पाले गए कुत्तों का शिकार हुए 131
बिल्ली द्वारा काटे गए 34
बंदरों का शिकार हुए लोग 51
अन्य जानवरों द्वारा काटे गए 02
कुत्ता पालकों के घर-घर जाकर कई बार पंजीकरण करवाने की अपील की गई है। ऐसा नहीं करने वालों के खिलाफ अब जल्द ही नोटिस भेजा जाएगा। इसके बाद भी नहीं मानने वाले लोगों पर कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
- राजेश कुमार, सीएसआई, नगर परिषद।