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Charkhi Dadri News: आर्थो सर्जन ने लिया वीआरएस, अब एक सर्जन के कंधे पर दारोमदार
Sat, 27 Dec 2025 01:55 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Sat, 27 Dec 2025 01:55 AM IST
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नागरिक अस्पताल में ऑर्थो ओपीडी में मरीजों की जांच करते डॉ. राजीव बैनीवाल।
चरखी दादरी। जिला नागरिक अस्पताल में दो आर्थों विशेषज्ञ तैनात थे, जिसके बलबूते पर अस्पताल में हड्डियों संबंधित मरीजों को काफी बेहतर इलाज मिल रहा था। अब दो में से एक ऑर्थो विशेषज्ञ डॉ. रवि सहरावत ने वीआरएस ले लिया है। जिसके बाद ओपीडी, ऑपरेशन के अलावा बोर्ड से मेडिकल करवाने वाले लोगों को परेशानियां झेलनी पड़ सकती हैं। क्योंकि, अब एक ही सर्जन को दोहरी जिम्मेदारी निभानी होगी। प्रतिदिन हड्डी से संबंधित करीब 400 ओपीडी होती हैं, इसके अलावा मरीजों को ऑपरेशन करवाने, मेडिकल करवाने आदि के लिए परेशानियों का सामना करना पड़ेगा। इसके अलावा ऑपरेशन करवाने वाले मरीजों को भी लंबा इंतजाम करना पड़ सकता है।
मेडिकल, ओपीडी व ऑपरेशन होंगे प्रभावित
अस्पताल में दो हड्डी रोग विशेषज्ञों की तैनाती होने से प्रतिदिन 400 मरीज उपचार के लिए पहुंचते हैं। दोनों विशेषज्ञ बारी-बारी ऑपरेशन व ओपीडी संभालते थे। ताकि मरीजों को परेशानियों का सामना नहीं करना पड़े। वहीं दिव्यांग बोर्ड प्रमाण पत्र के लिए भी दोनों विशेषज्ञ अपनी जिम्मेदारी का निर्वाह कर रहे थे। लेकिन एक सर्जन के वीआरएस लेने के बाद मरीजों की स्थिति को संभाल पाना काफी मुश्किल हो सकता है।
मरीजों को झेलनी पड़ सकती हैं परेशानियां
नागरिक अस्पताल में फिलहाल एक ऑर्थो सर्जन रहने के कारण चिकित्सक को ओपीडी के समय ऑपरेशन के मरीज प्रभावित होंगे, वहीं बुधवार को होने वाले बोर्ड के साथ सर्जन की मौजूदगी मरीजों के लिए परेशानी का सबब बन सकती है। यदि एक चिकित्सक छुट्टी पर भी चला जाएगा, तो व्यवस्था पूरी तरह से पटरी पर उतर सकती है। हालांकि विभाग इसके लिए व्यवस्थाएं बनाने में जुटा है।
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ऑर्थो ओपीडी की संख्या सबसे ज्यादा
जिला नागरिक अस्पताल में प्रतिदिन जहां 900 मरीजों की ओपीडी होती है। वहीं, अस्पताल में दो ऑर्थो विशेषज्ञ सर्जनों की सेवाएं शुरू होने के बाद केवल हड्डी संबंधित मरीजों की संख्या 400 के करीब होती थी। सर्जनों की मदद से मरीजों को सभी प्रकार के हड्डी ऑपरेशन की सुविधा मिल रही थी। हड्डियों से जुड़ी बीमारियों में लोगों को नागरिक अस्पताल बेहतर विकल्प मिला हुआ था, लेकिन अब नया चिकित्सक कब तक मिलेगा, यह साफ नहीं है।
तीन साल में किए हैं 4 हजार से अधिक ऑपरेशन
शहर के सरकारी अस्पताल में पिछले तीन साल की अवधि के दौरान ऑर्थो विशेषज्ञों ने हड्डी से संबंधित 909 मेजर, वहीं 3,909 माइनर सफल ऑपरेशन करने में सफल रहे हैं। इस दौरान टीम की ओर से कुल 4,818 मरीजों को राहत देने का काम किया है। वहीं, उन्होंने कूल्हों और घुटनों के बदलने की प्रक्रिया को पूरा किया है।
जानिए..कितने वर्षों में कितने हुए ऑपरेशन :
वर्ष मेजर माइनर
2023 257 127
2024 232 2,7,07
2025 420 1,0,75
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4.7 साल की सेवाएं देने के बाद लिया वीआरएस
वीआरएस लेने के बाद विशेषज्ञ डॉ. रवि सहरावत ने बताया कि उन्होंने जिला नागरिक अस्पताल में बतौर ऑर्थो सर्जन 4 साल 7 महीने तक सेवाएं दी हैं। उन्होंने बताया कि सरकारी अस्पताल में अनेक सरकारी जटिल प्रक्रियाओं से गुजरना पड़ता है। इस कारण चिकित्सक और मरीज को भी परेशानियों का सामना करना पड़ता था।
वीआरएस के लिए सरकार ने बांड नहीं भरा है। यदि चिकित्सक का पद खाली होता है तो तुरंत नए चिकित्सक की नियुक्ति करवाई जाएगी। मरीजों को किसी प्रकार परेशानी नहीं होने दी जाएगी।
- डॉ. नरेश कुमार, सीएमओ।
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मेडिकल, ओपीडी व ऑपरेशन होंगे प्रभावित
अस्पताल में दो हड्डी रोग विशेषज्ञों की तैनाती होने से प्रतिदिन 400 मरीज उपचार के लिए पहुंचते हैं। दोनों विशेषज्ञ बारी-बारी ऑपरेशन व ओपीडी संभालते थे। ताकि मरीजों को परेशानियों का सामना नहीं करना पड़े। वहीं दिव्यांग बोर्ड प्रमाण पत्र के लिए भी दोनों विशेषज्ञ अपनी जिम्मेदारी का निर्वाह कर रहे थे। लेकिन एक सर्जन के वीआरएस लेने के बाद मरीजों की स्थिति को संभाल पाना काफी मुश्किल हो सकता है।
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मरीजों को झेलनी पड़ सकती हैं परेशानियां
नागरिक अस्पताल में फिलहाल एक ऑर्थो सर्जन रहने के कारण चिकित्सक को ओपीडी के समय ऑपरेशन के मरीज प्रभावित होंगे, वहीं बुधवार को होने वाले बोर्ड के साथ सर्जन की मौजूदगी मरीजों के लिए परेशानी का सबब बन सकती है। यदि एक चिकित्सक छुट्टी पर भी चला जाएगा, तो व्यवस्था पूरी तरह से पटरी पर उतर सकती है। हालांकि विभाग इसके लिए व्यवस्थाएं बनाने में जुटा है।
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ऑर्थो ओपीडी की संख्या सबसे ज्यादा
जिला नागरिक अस्पताल में प्रतिदिन जहां 900 मरीजों की ओपीडी होती है। वहीं, अस्पताल में दो ऑर्थो विशेषज्ञ सर्जनों की सेवाएं शुरू होने के बाद केवल हड्डी संबंधित मरीजों की संख्या 400 के करीब होती थी। सर्जनों की मदद से मरीजों को सभी प्रकार के हड्डी ऑपरेशन की सुविधा मिल रही थी। हड्डियों से जुड़ी बीमारियों में लोगों को नागरिक अस्पताल बेहतर विकल्प मिला हुआ था, लेकिन अब नया चिकित्सक कब तक मिलेगा, यह साफ नहीं है।
तीन साल में किए हैं 4 हजार से अधिक ऑपरेशन
शहर के सरकारी अस्पताल में पिछले तीन साल की अवधि के दौरान ऑर्थो विशेषज्ञों ने हड्डी से संबंधित 909 मेजर, वहीं 3,909 माइनर सफल ऑपरेशन करने में सफल रहे हैं। इस दौरान टीम की ओर से कुल 4,818 मरीजों को राहत देने का काम किया है। वहीं, उन्होंने कूल्हों और घुटनों के बदलने की प्रक्रिया को पूरा किया है।
जानिए..कितने वर्षों में कितने हुए ऑपरेशन :
वर्ष मेजर माइनर
2023 257 127
2024 232 2,7,07
2025 420 1,0,75
4.7 साल की सेवाएं देने के बाद लिया वीआरएस
वीआरएस लेने के बाद विशेषज्ञ डॉ. रवि सहरावत ने बताया कि उन्होंने जिला नागरिक अस्पताल में बतौर ऑर्थो सर्जन 4 साल 7 महीने तक सेवाएं दी हैं। उन्होंने बताया कि सरकारी अस्पताल में अनेक सरकारी जटिल प्रक्रियाओं से गुजरना पड़ता है। इस कारण चिकित्सक और मरीज को भी परेशानियों का सामना करना पड़ता था।
वीआरएस के लिए सरकार ने बांड नहीं भरा है। यदि चिकित्सक का पद खाली होता है तो तुरंत नए चिकित्सक की नियुक्ति करवाई जाएगी। मरीजों को किसी प्रकार परेशानी नहीं होने दी जाएगी।
- डॉ. नरेश कुमार, सीएमओ।