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सरकारी योजनाओं का लाभ पाने के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन हुआ जटिल
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मनरेगा के तहत काम करते श्रमिक।
- फोटो : CharkhiDadri
श्रमिकों को सरकार के पोर्टल पर पंजीकरण करवाने से पहले अब यह प्रमाणित करना होगा कि वह श्रमिक के तौर पर हकीकत में काम करता है। उसे इसके लिए पहले सरपंच या पार्षद उसके बाद राजपत्रित अधिकारी से प्रमाणित करवाना होगा। सरकार हर साल श्रमिकों के बच्चों को छात्रवृत्ति, औजारों के लिए राशि व अन्य सुविधाएं प्रदान करती है लेकिन बहुत से ऐसे श्रमिक होते हैं जो काम धंधा कुछ और करते हैं लेकिन जैसे- तैसे अपना पंजीकरण करवाकर इन सुविधाओं का लाभ उठा लेते हैं । अब सरकार ने इस फर्जीबाड़े पर शिकंजा कस दिया है।
श्रमिक जहां भी काम करेगा उस मकान मालिक एवं नियोजक से भी यह लिखित में लेना होगा कि उसने इतने दिन काम किया है। मालिक या नियोजक से लिखवाने के बाद सरपंच, पार्षद इसे सत्यापित करेगा। तत्पश्चात पंचायत सचिव, ग्राम सचिव, कानूनगो या पटवारी, तहसीलदार, जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी आदि से सत्यापित करवाना होगा। सरकार की सुविधाएं एवं लाभ केवल हकीकत में श्रमिक का काम करने वाले पंजीकृत श्रमिकों को ही मिलेंगी।
सरकार ने श्रमिकों के लिए जितनी सुविधाएं एवं लाभकारी योजनाएं शुरू की है उतनी ही उनके लिए कागज प्रक्रिया लंबी कर दी है। नए नियम एवं हिदायतें जारी कर दी हैं। इन नियमों की पालना करने वाले पंजीकृत श्रमिक ही सरकारी योजनाओं का लाभ उठा सकेंगे। इसके लिए सबसे पहले श्रमिक को खुद ही अपना ऑनलाइन पंजीकरण करवाना होगा। इससे पहले श्रमिकों का पंजीकरण यूनियनों के माध्यम से पंजीकरण होता था जिसमें बिना श्रमिक के अलावा अन्य काम करने वाले लोग भी फायदा उठा लेते थे। ये लोग अपना पंजीकरण करवाकर सुविधाओं का लाभ उठा लेते थे।
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ये है प्रावधान
नए नियमों के तहत अगर अगर कोई व्यक्ति लकड़ी, भवन निर्माण या अन्य कोई का काम करता है तो उसे अपने काम को प्रमाणित करना होगा कि उसने काम किया है। लकड़ी के काम करने वाले को लकड़ी खरीद बिल व अन्य दस्तावेज उपलब्ध करवाने होंगे। उसने साल में कम से कम तीन माह तक काम किया होना चाहिए। पंजीकरण के लिए कार्यस्थल का भी उल्लेख करना होगा।
ये अधिकारी करेंगे सत्यापन
मालिक से लिखवाने के बाद श्रमिक को उसके द्वारा किए गए काम को पंचायत सचिव,ग्राम सचिव, कानूनगो या पटवारी, खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी, सामाजिक शिक्षा एवं पंचायत अधिकारी,तहसीलदार या नायब तहसीलदार, औद्योगिक सुरक्षा एवं स्वास्थ्य सहायक निदेशक,सहायक श्रमायुक्त, सभी सरकारी निगमों, बोर्डो के सभी उपमंडल अभियंता व कनिष्ठ अभियंता, राज्य की नगरपालिका, नगर परिषद तथा नगर निगमों के सचिव, कार्यकारी अधिकारी , अभियंता एवं कनिष्ठ अभियंता से प्रमाणित करवाना होगा।
सरकार ने जो नए नियम बनाए हैं उनकी मजदूर पालना नहीं कर सकता। कोई भी मालिक या नियोजक उन्हें लिखकर नहीं देगा कि उसके यहां काम किया है। काम वेरिफाइ करवाने के लिए सरकारी अधिकारी भी आनाकानी करते हैं। इससे पहले यूनियन के माध्यम से सरकारी सेवाओं का लाभ मिलता था वह सही तरीका था। नए नियमों से श्रमिकों को दिक्कत आ रही हैं।
- रामौतार खोरड़ा, जिला अध्यक्ष, राष्ट्रीय मजदूर यूनियन इंटक
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श्रमिक जहां भी काम करेगा उस मकान मालिक एवं नियोजक से भी यह लिखित में लेना होगा कि उसने इतने दिन काम किया है। मालिक या नियोजक से लिखवाने के बाद सरपंच, पार्षद इसे सत्यापित करेगा। तत्पश्चात पंचायत सचिव, ग्राम सचिव, कानूनगो या पटवारी, तहसीलदार, जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी आदि से सत्यापित करवाना होगा। सरकार की सुविधाएं एवं लाभ केवल हकीकत में श्रमिक का काम करने वाले पंजीकृत श्रमिकों को ही मिलेंगी।
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सरकार ने श्रमिकों के लिए जितनी सुविधाएं एवं लाभकारी योजनाएं शुरू की है उतनी ही उनके लिए कागज प्रक्रिया लंबी कर दी है। नए नियम एवं हिदायतें जारी कर दी हैं। इन नियमों की पालना करने वाले पंजीकृत श्रमिक ही सरकारी योजनाओं का लाभ उठा सकेंगे। इसके लिए सबसे पहले श्रमिक को खुद ही अपना ऑनलाइन पंजीकरण करवाना होगा। इससे पहले श्रमिकों का पंजीकरण यूनियनों के माध्यम से पंजीकरण होता था जिसमें बिना श्रमिक के अलावा अन्य काम करने वाले लोग भी फायदा उठा लेते थे। ये लोग अपना पंजीकरण करवाकर सुविधाओं का लाभ उठा लेते थे।
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ये है प्रावधान
नए नियमों के तहत अगर अगर कोई व्यक्ति लकड़ी, भवन निर्माण या अन्य कोई का काम करता है तो उसे अपने काम को प्रमाणित करना होगा कि उसने काम किया है। लकड़ी के काम करने वाले को लकड़ी खरीद बिल व अन्य दस्तावेज उपलब्ध करवाने होंगे। उसने साल में कम से कम तीन माह तक काम किया होना चाहिए। पंजीकरण के लिए कार्यस्थल का भी उल्लेख करना होगा।
ये अधिकारी करेंगे सत्यापन
मालिक से लिखवाने के बाद श्रमिक को उसके द्वारा किए गए काम को पंचायत सचिव,ग्राम सचिव, कानूनगो या पटवारी, खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी, सामाजिक शिक्षा एवं पंचायत अधिकारी,तहसीलदार या नायब तहसीलदार, औद्योगिक सुरक्षा एवं स्वास्थ्य सहायक निदेशक,सहायक श्रमायुक्त, सभी सरकारी निगमों, बोर्डो के सभी उपमंडल अभियंता व कनिष्ठ अभियंता, राज्य की नगरपालिका, नगर परिषद तथा नगर निगमों के सचिव, कार्यकारी अधिकारी , अभियंता एवं कनिष्ठ अभियंता से प्रमाणित करवाना होगा।
सरकार ने जो नए नियम बनाए हैं उनकी मजदूर पालना नहीं कर सकता। कोई भी मालिक या नियोजक उन्हें लिखकर नहीं देगा कि उसके यहां काम किया है। काम वेरिफाइ करवाने के लिए सरकारी अधिकारी भी आनाकानी करते हैं। इससे पहले यूनियन के माध्यम से सरकारी सेवाओं का लाभ मिलता था वह सही तरीका था। नए नियमों से श्रमिकों को दिक्कत आ रही हैं।
- रामौतार खोरड़ा, जिला अध्यक्ष, राष्ट्रीय मजदूर यूनियन इंटक