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Charkhi Dadri News: दुकानदारों में फंसा एक करोड़ किराया, 8 साल से नगर परिषद ने नोटिस भी नहीं दिए

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 07 Dec 2023 12:09 AM IST
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One crore rent stuck among shopkeepers, city council did not even give notice for 8 years
नगर परिषद रेंट शाखा में दुकान का किराया जमा करवाने पहुंचा युवक।
चरखी दादरी। शहर के विभिन्न क्षेत्रों में बनी नगर परिषद की दुकानें आमदनी का अहम जरिया है। करीब 260 दुकानों में से कई दुकानदार तो ऐसे हैं जिन्होंने पिछले 10 से 15 साल से किराया नहीं दिया है। फिलहाल नगर परिषद का किरायेदार दुकानदारों की तरफ एक करोड़ से अधिक की राशि बकाया है।
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अहम बात ये है कि नगर परिषद अधिकारी भी इसकी रिकवरी के लिए गंभीर नहीं है। इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि अंतिम बार बकाया किराया की एवज में दुकानदारों को वर्ष 2015 में नोटिस दिए गए थे। इसके बाद से बकाया किराये की रिकवरी के लिए कोई प्रयास नहीं हुआ है। हालांकि काफी दुकानदार ऐसे भी हैं जो हर माह स्वयं नगर परिषद कार्यालय आकर अपना किराया भर रहे हैं।
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शहर की बात करें तो नगर परिषद की पहले 260 दुकानों के अलावा 99 स्टॉल भी हैं। फिलहाल स्टॉल वालों से कोई शुल्क नहीं लिया जा रहा है। ऐसे में 387 में से फिलहाल 260 दुकानों का किराया ही नगर परिषद की ओर से लिया जा रहा है। कुछ दुकानों का मालिकाना हक नगर परिषद की ओर से दिया जा चुका है।
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बता दें कि नगर परिषद के कंधों पर शहरी विकास की जिम्मेदारी है। दादरी नगर परिषद के पास आय के सीमित ही जरिया है। ऐसे में शहरी विकास पूर्णतया सरकार की ग्रांट पर निर्भर रहता है। नगर परिषद को न केवल आय के मौजूदा विकल्पों में विस्तार करना चाहिए, बल्कि विभिन्न मदों की एवज में बकाया राशि की रिकवरी भी गंभीरता से करनी चाहिए। शहरी सरकार का खजाना भरने पर ही विकास कार्य तेजी से हो पाएंगे।
- 28 किरायेदार दुकानों पर ले चुके मालिकाना हक
दरअसल, नगर परिषद की पहले 288 दुकानें और 99 स्टॉल थीं। 288 दुकानदारों में से 28 किरायेदारों ने दुकानों पर अपना मालिकाना हक ले लिया। हालांकि इससे पहले उन्होंने सभी आवश्यक औपचारिकताएं पूरी की। ऐसे में अब नगर परिषद की शहर में 260 दुकानें किराये पर हैं।

- पहले 9 लाख प्रतिमाह आता था किराया, अब हुआ कम
नगर परिषद रेंट ब्रांच अधिकारी के अनुसार दुकानों का मालिकाना हक देने के बाद प्रतिमाह मिलने वाली किराया राशि कम हुई है। पहले सभी दुकानों की एवज में करीब 9 लाख रुपये किराया राशि बनती थी। अब ये सात लाख प्रतिमाह पहुंच गई है।

- यहां हैं नगर परिषद की दुकानें
शहर के विभिन्न क्षेत्रों में नगर परिषद ने दुकानें बनाकर किराये पर दी हुई हैं, जिससे कुछ आमदनी होती रहे। नगर परिषद ने फिलहाल बस स्टैंड के समीप, रोज गार्डन के पास, सिटी थाना के नजदीक, महेंद्रगढ़ बाईपास और पुराना बस स्टैंड क्षेत्र में दुकानें किराये पर दी हुई हैं।

- इधर...एक और बहुमंजिला शॉपिंग कॉम्पलेक्स बनाने की तैयारी
आमदनी का जरिया बढ़ाने के लिए नगर परिषद ने शहर में एक आधुनिक बहुमंजिला शॉपिंग कॉम्प्लेक्स बनाने की योजना भी तैयार की हुई है। इसके लिए जगह चयन किया जा चुका है। सूत्रों के अनुसार फिलहाल औपचारिकताएं पूरी की जा रही हैं और जल्द से जल्द धरातल पर काम शुरू करवाने की योजना है। इससे नगर परिषद की प्रतिमाह आय बढ़ेगी।



-------------------------------------शहर के विभिन्न क्षेत्रों में करीब 260 दुकानें किराये पर हैं। जो भी किराया राशि अटकी है उसकी रिकवरी के प्रयास हम कर रहे हैं। जल्द ही किराया न जमा करवाने वाले दुकानदारों को नोटिस भी भेजे जाएंगे।
-सतबीर सिंह, रेंट क्लर्क, नगर परिषद
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