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दो दिवसीय हड़ताल के पहले ही दिन चरखी दादरी में दिखा व्यापक असर, बस स्टैंड छावनी में हुआ तब्दील
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चरखी दादरी। दो दिवसीय राष्ट्रव्यापी हड़ताल का पहले ही दादरी जिले में व्यापक असर देखने को मिला। विभिन्न विभागों के कर्मचारी हड़ताल में शामिल होने से सेवाएं प्रभावित रहीं और लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। खासकर रोडवेज बसों के पहिये 15 से अधिक रूटों पर नहीं घूम पाए। दादरी बस स्टैंड परिसर से अधिकारियों ने 11 बसों का संचालन करवाया और तीन बसों को हड़ताली कर्मचारियों ने रास्ते में ही रोक लिया। वहीं, सुरक्षा के मद्देनजर बस स्टैंड समेत बाजारों और सरकारी कार्यालयों में पुलिस बल तैनात रहा।
प्रस्तावित कार्यक्रम अनुसार सोमवार को रोडवेज, बिजली निगम, नगर परिषद, जनस्वास्थ्य विभाग, बैंक कर्मचारियों समेत विभिन्न विभागों के कर्मचारी हड़ताल पर रहे। हड़ताल के मद्देनजर बस स्टैंड पर करीब 40 पुलिसकर्मी तैनात रहे। सुबह के समय अधिकारियों ने दिल्ली, चंडीगढ़, बेरी, जयपुर, नारनौल व कनीना रूटों पर 11 बसें चलवाईं। इनमें से जयपुर के लिए भेजी गई बस को हड़ताली कर्मचारियों ने घसोला के समीप रोक लिया, जबकि दो बसों को रोहतक फाटक पर रोका गया। हड़ताल के चलते रोडवेज सेवाएं प्रभावित रहीं और यात्रियों को समस्याओं का सामना करना पड़ा। जीएम देवदत्त की ओर से की गई बसें चलाने की अपील को कर्मचारियों ने अनसुना कर दिया और बस स्टैंड गेट पर धरना जारी रखा।
वहीं, बिजली निगम कार्यालय में भी कर्मचारियों की कुर्सियां खाली नजर आईं और विभिन्न कामों से पहुंचे लोगों को वापस लौटना पड़ा। सरकारी बैंकों के कर्मचारी भी हड़ताल पर रहे और इसके चलते करीब 150 करोड़ का लेन-देन प्रभावित रहा। वहीं, नगर परिषद के कर्मचारी हड़ताल पर रहने से शहर से कचरे का उठान नहीं हो पाया और डोर-टू-डोर कचरा उठान सेवा भी बाधित रही। हड़ताल में पीडब्ल्यूडी, जनस्वास्थ्य विभाग, आशा वर्कर्स, शिक्षक भी शामिल हुए।
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- कर्मचारियों ने निकाला रोष मार्च, रेस्ट हाउस में पुलिस से धक्का-मुक्की
दूसरी ओर विभिन्न कर्मचारी संगठनों ने लामबंद होकर दोपहर बाद शहर में रोष मार्च निकाला। कर्मचारी शहर में प्रदर्शन करते हुए कृषि मंत्री जेपी दलाल के घेराव के लिए रेस्ट हाउस पहुंचे। उनका एक प्रतिनिधिमंडल कृषि मंत्री से मिला और सकारात्मक जवाब न मिलने पर बाहर आकर कृषि मंत्री के काफिले में शामिल पुलिस वाहनों को रोकने का प्रयास किया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों की पुलिस के साथ धक्का-मुक्की हुई और कृषि मंत्री की गाड़ी पुलिस को दूसरे गेट से निकलवानी पड़ी।
जानिए.... किस विभाग के कितने कर्मचारी रहे हड़ताल पर -
विभाग - हड़ताली कर्मचारी
बैंक - 390
जनस्वास्थ्य विभाग -75
बिजली निगम - 170
नगर परिषद -199
आंगनबाड़ी वर्कर्स -1200
पीडब्ल्यूडी कर्मचारी -500
डीईओ कार्यालय -16
आशा वर्कर्स - 413
शिक्षक - 135
रोडवेज - 508
- किस कर्मचारी यूनियन ने कहां दिया धरना -
रोडवेज कर्मचारियों ने बस स्टैंड गेट पर बैठकर धरना दिया। नगर परिषद कर्मचारियों ने नप कार्यालय में धरना दिया। आंगनबाड़ी और आशा वर्कर्स ने रोज गार्डन में प्रदर्शन किया। वहीं, बिजली निगम कर्मचारियों ने कार्यालय परिसर में धरना दिया। बैंक कर्मचारी पीएनबी के पास ही धरने पर बैठे।
लोगों की परेशानी, उन्हीं की जुबानी -
1. कॉलेज में क्लास लेने के लिए मुझे लोहारु जाना था, लेकिन बस स्टैंड पर आकर पता चला कि दो दिन बस सेवा प्रभावित रहेगी। बसों का संचालन न होने के चलते मुझे क्लास मिस करनी पड़ी।
- प्रदीप, छात्र।
2. किसी काम से मुझे दादरी से झोझू जाना था, लेकिन बस स्टैंड पर आकर पता चला कि कर्मचारी दो दिन की हड़ताल पर बैठे हैं। जिसके कारण बसों का संचालन नहीं हो रहा है।
- करीना, महिला
3. दादरी से अपने घर सतनाली जाने के लिए मैं बस स्टैंड पर आई थी। लेकिन यहां पर बसों का संचालन नहीं हो रहा। पिछले करीब एक घंटे से इंतजार कर रही हूं, लेकिन वाहन नहीं मिला है।
- हिमांशी, महिला
4- मुझे किसी जरूरी काम से महेंद्रगढ़ जाना है। पिछले डेढ़ घंटे से बस स्टैंड के बाहर खड़ा हूं, लेकिन वाहन नहीं मिला। अब मुझे वापस ही घर लौटना पड़ेगा जबकि महेंद्रगढ़ पहुंचना बेहद जरूरी था।
- कैलाशचंद, यात्री
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प्रस्तावित कार्यक्रम अनुसार सोमवार को रोडवेज, बिजली निगम, नगर परिषद, जनस्वास्थ्य विभाग, बैंक कर्मचारियों समेत विभिन्न विभागों के कर्मचारी हड़ताल पर रहे। हड़ताल के मद्देनजर बस स्टैंड पर करीब 40 पुलिसकर्मी तैनात रहे। सुबह के समय अधिकारियों ने दिल्ली, चंडीगढ़, बेरी, जयपुर, नारनौल व कनीना रूटों पर 11 बसें चलवाईं। इनमें से जयपुर के लिए भेजी गई बस को हड़ताली कर्मचारियों ने घसोला के समीप रोक लिया, जबकि दो बसों को रोहतक फाटक पर रोका गया। हड़ताल के चलते रोडवेज सेवाएं प्रभावित रहीं और यात्रियों को समस्याओं का सामना करना पड़ा। जीएम देवदत्त की ओर से की गई बसें चलाने की अपील को कर्मचारियों ने अनसुना कर दिया और बस स्टैंड गेट पर धरना जारी रखा।
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वहीं, बिजली निगम कार्यालय में भी कर्मचारियों की कुर्सियां खाली नजर आईं और विभिन्न कामों से पहुंचे लोगों को वापस लौटना पड़ा। सरकारी बैंकों के कर्मचारी भी हड़ताल पर रहे और इसके चलते करीब 150 करोड़ का लेन-देन प्रभावित रहा। वहीं, नगर परिषद के कर्मचारी हड़ताल पर रहने से शहर से कचरे का उठान नहीं हो पाया और डोर-टू-डोर कचरा उठान सेवा भी बाधित रही। हड़ताल में पीडब्ल्यूडी, जनस्वास्थ्य विभाग, आशा वर्कर्स, शिक्षक भी शामिल हुए।
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- कर्मचारियों ने निकाला रोष मार्च, रेस्ट हाउस में पुलिस से धक्का-मुक्की
दूसरी ओर विभिन्न कर्मचारी संगठनों ने लामबंद होकर दोपहर बाद शहर में रोष मार्च निकाला। कर्मचारी शहर में प्रदर्शन करते हुए कृषि मंत्री जेपी दलाल के घेराव के लिए रेस्ट हाउस पहुंचे। उनका एक प्रतिनिधिमंडल कृषि मंत्री से मिला और सकारात्मक जवाब न मिलने पर बाहर आकर कृषि मंत्री के काफिले में शामिल पुलिस वाहनों को रोकने का प्रयास किया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों की पुलिस के साथ धक्का-मुक्की हुई और कृषि मंत्री की गाड़ी पुलिस को दूसरे गेट से निकलवानी पड़ी।
जानिए.... किस विभाग के कितने कर्मचारी रहे हड़ताल पर -
विभाग - हड़ताली कर्मचारी
बैंक - 390
जनस्वास्थ्य विभाग -75
बिजली निगम - 170
नगर परिषद -199
आंगनबाड़ी वर्कर्स -1200
पीडब्ल्यूडी कर्मचारी -500
डीईओ कार्यालय -16
आशा वर्कर्स - 413
शिक्षक - 135
रोडवेज - 508
- किस कर्मचारी यूनियन ने कहां दिया धरना -
रोडवेज कर्मचारियों ने बस स्टैंड गेट पर बैठकर धरना दिया। नगर परिषद कर्मचारियों ने नप कार्यालय में धरना दिया। आंगनबाड़ी और आशा वर्कर्स ने रोज गार्डन में प्रदर्शन किया। वहीं, बिजली निगम कर्मचारियों ने कार्यालय परिसर में धरना दिया। बैंक कर्मचारी पीएनबी के पास ही धरने पर बैठे।
लोगों की परेशानी, उन्हीं की जुबानी -
1. कॉलेज में क्लास लेने के लिए मुझे लोहारु जाना था, लेकिन बस स्टैंड पर आकर पता चला कि दो दिन बस सेवा प्रभावित रहेगी। बसों का संचालन न होने के चलते मुझे क्लास मिस करनी पड़ी।
- प्रदीप, छात्र।
2. किसी काम से मुझे दादरी से झोझू जाना था, लेकिन बस स्टैंड पर आकर पता चला कि कर्मचारी दो दिन की हड़ताल पर बैठे हैं। जिसके कारण बसों का संचालन नहीं हो रहा है।
- करीना, महिला
3. दादरी से अपने घर सतनाली जाने के लिए मैं बस स्टैंड पर आई थी। लेकिन यहां पर बसों का संचालन नहीं हो रहा। पिछले करीब एक घंटे से इंतजार कर रही हूं, लेकिन वाहन नहीं मिला है।
- हिमांशी, महिला
4- मुझे किसी जरूरी काम से महेंद्रगढ़ जाना है। पिछले डेढ़ घंटे से बस स्टैंड के बाहर खड़ा हूं, लेकिन वाहन नहीं मिला। अब मुझे वापस ही घर लौटना पड़ेगा जबकि महेंद्रगढ़ पहुंचना बेहद जरूरी था।
- कैलाशचंद, यात्री