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Charkhi Dadri News: डीसी की भी नहीं सुनते अधिकारी, 7 दिन बाद भी अंधेरे में आरओबी
Tue, 23 Jun 2026 01:16 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Tue, 23 Jun 2026 01:16 AM IST
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रावलधी-भिवानी लिंक रोड आरओबी पर बंद पड़ी स्ट्रीट लाइटें।
चरखी दादरी। जिला प्रशासन के सख्त निर्देशों के बावजूद रावलधी-भिवानी लिंक मार्ग स्थित रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी) पर अंधेरा कायम है। उपायुक्त द्वारा संबंधित विभागों को 48 घंटे के भीतर लाइटें चालू करने के आदेश जारी किए जाने के सात दिन बाद भी स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ है। विभागों के बीच जिम्मेदारी तय न होने के कारण बंद पड़ी लाइटें अब भी नहीं जल सकी हैं जिससे वाहन चालकों और स्थानीय लोगों में रोष बढ़ता जा रहा है।
रावलधी-भिवानी लिंक मार्ग पर बने इस आरओबी की सभी स्ट्रीट लाइटें पिछले करीब तीन वर्षों से बंद हैं। रात के समय आरओबी पूरी तरह अंधेरे में डूबा रहता है जिससे वाहन चालकों को आवागमन में परेशानी होती है और दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है।
इस समस्या को लेकर संवाद न्यूज एजेंसी की खबरें अमर उजाला समाचार पत्र में प्रकाशित होने के बाद जिला उपायुक्त मनदीप कौर ने गत 16 जून को संबंधित विभागों को पत्र जारी कर 48 घंटे के भीतर लाइट व्यवस्था बहाल करने के निर्देश दिए थे। इसके बावजूद सात दिन बीत जाने के बाद भी लाइटें बंद हैं।
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विभागों की खींचतान में उलझा मामला
आरओबी पर लाइटें चालू न होने के पीछे विभागों के बीच समन्वय की कमी सामने आ रही है। बिजली निगम के अधिकारियों का कहना है कि लगभग दो वर्ष पहले लोक निर्माण विभाग की ओर से इस आरओबी का बिजली कनेक्शन कटवा दिया गया था। निगम के कार्यकारी अभियंता के अनुसार, यदि लोक निर्माण विभाग दोबारा आवश्यक पत्राचार और औपचारिकताएं पूरी करता है तो बिजली कनेक्शन तुरंत बहाल किया जा सकता है।
वहीं लोक निर्माण विभाग के विद्युत शाखा अधिकारियों का कहना है कि इस क्षेत्र का संचालन नगर परिषद के अधीन आता है इसलिए लाइटों के लिए बिजली मीटर नगर परिषद को लगवाना चाहिए। उनका तर्क है कि मीटर स्थापित होने के बाद ही आगे की प्रक्रिया पूरी की जा सकेगी।
दूसरी ओर नगर परिषद ने इस मामले में अपनी जिम्मेदारी से इनकार किया है। परिषद अधिकारियों का कहना है कि आरओबी और उस पर लगी लाइटें उनके अधिकार क्षेत्र में नहीं आतीं। उनका स्पष्ट कहना है कि संबंधित विभाग को स्वयं बिजली मीटर लगवाकर व्यवस्था बहाल करनी होगी।
बॉक्स :
लोगों में बढ़ रहा रोष
स्थानीय निवासियों और वाहन चालकों का कहना है कि प्रशासनिक आदेशों के बावजूद विभागों का रवैया निराशाजनक है। उन्होंने कहा कि अधिकारी एक-दूसरे पर जिम्मेदारी डालकर समस्या के समाधान से बच रहे हैं। लोगों का कहना है कि यदि जल्द ही लाइटें चालू नहीं की गईं तो किसी भी समय बड़ा हादसा हो सकता है।
नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि संबंधित विभागों की जवाबदेही तय कर तत्काल प्रभाव से आरओबी की प्रकाश व्यवस्था बहाल कराई जाए। उनका कहना है कि जनसुरक्षा से जुड़े मामलों में लापरवाही किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जा सकती और प्रशासनिक आदेशों का पालन सुनिश्चित होना चाहिए।
वर्सन :
लोक निर्माण विभाग ने दो साल पहले आरओबी की लाइटों के लिए लगाए बिजली कनेक्शन को कटवा दिया था। अगर विभाग के अधिकारी हमें लिखित में कनेक्शन चालू करवाने को कहेंगे, तब हम कनेक्शन को चालू कर देंगे।
-अविनाश यादव, कार्यकारी अभियंता, बिजली निगम, दादरी।
वर्सन :
आरओबी निर्माण के दौरान लाइटों को जलाने के लिए स्थानीय लोक निर्माण विभाग की ओर से बिजली कनेक्शन लिया गया था। लेकिन बाद में सरकार ने पत्र जारी किया था जिसके अनुसार जिस विभाग के क्षेत्र में स्ट्रीट लाइटें हैं, वो ही विभाग उनके लिए कनेक्शन लेंगे। ऐसे में यह क्षेत्र नगर परिषद दादरी के अंतर्गत आता है इसलिए नगर परिषद को अपने नाम मीटर लगवाना होगा। इसके बाद हम सभी लाइटों को चालू कर देंगे।
-- परमेश कुमार, कार्यकारी अभियंता, लोक निर्माण विभाग, इलेक्टि्रकल शाखा।
वर्सन :
रावलधी-भिवानी लिंक मार्ग पर बना आरओबी हमारे क्षेत्र से बाहर है। पहले भी लोक निर्माण विभाग ने बिजली कनेक्शन लेकर लाइटें चालू करवाई गई थी। हम नियमानुसार नगर परिषद के नाम पर बिजली मीटर नहीं लगवा सकते।
-बिजेंद्र शर्मा, एलआई, नगर परिषद, दादरी।
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रावलधी-भिवानी लिंक मार्ग पर बने इस आरओबी की सभी स्ट्रीट लाइटें पिछले करीब तीन वर्षों से बंद हैं। रात के समय आरओबी पूरी तरह अंधेरे में डूबा रहता है जिससे वाहन चालकों को आवागमन में परेशानी होती है और दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है।
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इस समस्या को लेकर संवाद न्यूज एजेंसी की खबरें अमर उजाला समाचार पत्र में प्रकाशित होने के बाद जिला उपायुक्त मनदीप कौर ने गत 16 जून को संबंधित विभागों को पत्र जारी कर 48 घंटे के भीतर लाइट व्यवस्था बहाल करने के निर्देश दिए थे। इसके बावजूद सात दिन बीत जाने के बाद भी लाइटें बंद हैं।
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विभागों की खींचतान में उलझा मामला
आरओबी पर लाइटें चालू न होने के पीछे विभागों के बीच समन्वय की कमी सामने आ रही है। बिजली निगम के अधिकारियों का कहना है कि लगभग दो वर्ष पहले लोक निर्माण विभाग की ओर से इस आरओबी का बिजली कनेक्शन कटवा दिया गया था। निगम के कार्यकारी अभियंता के अनुसार, यदि लोक निर्माण विभाग दोबारा आवश्यक पत्राचार और औपचारिकताएं पूरी करता है तो बिजली कनेक्शन तुरंत बहाल किया जा सकता है।
वहीं लोक निर्माण विभाग के विद्युत शाखा अधिकारियों का कहना है कि इस क्षेत्र का संचालन नगर परिषद के अधीन आता है इसलिए लाइटों के लिए बिजली मीटर नगर परिषद को लगवाना चाहिए। उनका तर्क है कि मीटर स्थापित होने के बाद ही आगे की प्रक्रिया पूरी की जा सकेगी।
दूसरी ओर नगर परिषद ने इस मामले में अपनी जिम्मेदारी से इनकार किया है। परिषद अधिकारियों का कहना है कि आरओबी और उस पर लगी लाइटें उनके अधिकार क्षेत्र में नहीं आतीं। उनका स्पष्ट कहना है कि संबंधित विभाग को स्वयं बिजली मीटर लगवाकर व्यवस्था बहाल करनी होगी।
बॉक्स :
लोगों में बढ़ रहा रोष
स्थानीय निवासियों और वाहन चालकों का कहना है कि प्रशासनिक आदेशों के बावजूद विभागों का रवैया निराशाजनक है। उन्होंने कहा कि अधिकारी एक-दूसरे पर जिम्मेदारी डालकर समस्या के समाधान से बच रहे हैं। लोगों का कहना है कि यदि जल्द ही लाइटें चालू नहीं की गईं तो किसी भी समय बड़ा हादसा हो सकता है।
नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि संबंधित विभागों की जवाबदेही तय कर तत्काल प्रभाव से आरओबी की प्रकाश व्यवस्था बहाल कराई जाए। उनका कहना है कि जनसुरक्षा से जुड़े मामलों में लापरवाही किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जा सकती और प्रशासनिक आदेशों का पालन सुनिश्चित होना चाहिए।
वर्सन :
लोक निर्माण विभाग ने दो साल पहले आरओबी की लाइटों के लिए लगाए बिजली कनेक्शन को कटवा दिया था। अगर विभाग के अधिकारी हमें लिखित में कनेक्शन चालू करवाने को कहेंगे, तब हम कनेक्शन को चालू कर देंगे।
-अविनाश यादव, कार्यकारी अभियंता, बिजली निगम, दादरी।
वर्सन :
आरओबी निर्माण के दौरान लाइटों को जलाने के लिए स्थानीय लोक निर्माण विभाग की ओर से बिजली कनेक्शन लिया गया था। लेकिन बाद में सरकार ने पत्र जारी किया था जिसके अनुसार जिस विभाग के क्षेत्र में स्ट्रीट लाइटें हैं, वो ही विभाग उनके लिए कनेक्शन लेंगे। ऐसे में यह क्षेत्र नगर परिषद दादरी के अंतर्गत आता है इसलिए नगर परिषद को अपने नाम मीटर लगवाना होगा। इसके बाद हम सभी लाइटों को चालू कर देंगे।
वर्सन :
रावलधी-भिवानी लिंक मार्ग पर बना आरओबी हमारे क्षेत्र से बाहर है। पहले भी लोक निर्माण विभाग ने बिजली कनेक्शन लेकर लाइटें चालू करवाई गई थी। हम नियमानुसार नगर परिषद के नाम पर बिजली मीटर नहीं लगवा सकते।
-बिजेंद्र शर्मा, एलआई, नगर परिषद, दादरी।